Mussorie : भारी बारिश और भूस्खलन के बाद बेली ब्रिज से राहत, 2500 पर्यटक सुरक्षित

बारिश की वजह से देहरादून में साहस्रधारा, मालदेवता और मसूरी जैसे इलाकों में भारी नुकसान हुआ। साहस्रधारा में 264 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे घर, दुकानें और सड़कें बह गईं। मसूरी-देहरादून सड़

Sep 18, 2025 - 16:51
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Mussorie : भारी बारिश और भूस्खलन के बाद बेली ब्रिज से राहत, 2500 पर्यटक सुरक्षित
Mussorie : भारी बारिश और भूस्खलन के बाद बेली ब्रिज से राहत, 2500 पर्यटक सुरक्षित

रिपोर्ट : सुनील सोनकर

उत्तराखंड के मसूरी और देहरादून क्षेत्र में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। बादल फटने से भूस्खलन हुआ, नदियां उफान पर आ गईं और कई सड़कें व पुल बह गए। मसूरी-देहरादून मार्ग कई जगहों से बंद हो गया, जिससे करीब 2500 पर्यटक तीन दिनों तक फंस गए। लेकिन प्रशासन और स्थानीय लोगों की त्वरित कार्रवाई से संकट टल गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और राहत कार्यों का जायजा लिया। क्षतिग्रस्त पुल की जगह कोल्हुखेत में 48 घंटे में बेली ब्रिज बना दिया गया, जिससे हल्के वाहनों की आवाजाही फिर शुरू हो गई। जिला प्रशासन ने फंसे पर्यटकों को सकुशल उनके गंतव्य तक पहुंचाने को प्राथमिकता दी है।बारिश की वजह से देहरादून में साहस्रधारा, मालदेवता और मसूरी जैसे इलाकों में भारी नुकसान हुआ। साहस्रधारा में 264 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे घर, दुकानें और सड़कें बह गईं। मसूरी-देहरादून सड़क पर गलोगी, झरिपानी और अन्य जगहों पर मलबा गिरा, जबकि कोठल गेट के पास पुल ध्वस्त हो गया। नंदा की चौकी पर राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा भी गिर गया, जिससे जौनसर बावर, चकराता और विकासनगर का संपर्क देहरादून से कट गया। इस आपदा में कम से कम 13 लोग मारे गए, जिनमें मसूरी के झरिपानी टोल प्लाजा पर भूस्खलन में एक मजदूर की मौत शामिल है। 16 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं, और सैकड़ों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, सड़कें 10 से ज्यादा जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गईं, और एक बेली ब्रिज भी बह गया।

प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए। एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस ने फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए दिन-रात काम किया। मसूरी में होटल मालिकों ने फंसे पर्यटकों को मुफ्त रात्रि ठहरने की व्यवस्था की। एक पर्यटक ने बताया कि तीन दिनों तक फंसने के बावजूद स्थानीय लोगों ने भोजन, पानी और रहने की जगह उपलब्ध कराई, जो वाकई फरिश्तों जैसा था। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की, जबकि प्रभावित परिवारों को तीन महीने के लिए 4000 रुपये मासिक किराया भत्ता देने का ऐलान किया। लोक निर्माण विभाग की टीमें मलबा हटाने में जुटी हैं, और बिजली-पानी जैसी सेवाओं को बहाल करने पर जोर दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों का जल्द मरम्मत हो। उन्होंने कहा कि राज्य एक बड़े संकट का सामना कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार की मदद से सब कुछ ठीक किया जाएगा। मंत्री गणेश जोशी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की समीक्षा की। एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि बेली ब्रिज पर तकनीकी चुनौतियों के बावजूद निगरानी रखी जा रही है, और भारी वाहनों के लिए स्थायी पुल बनाने का काम तेज होगा।

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