Mussoorie : मसूरी वन प्रभाग में जौनपुर की चार रेंजों के स्थानांतरण पर विरोध
प्रदीप कवि, जो जौनपुर प्रधान संगठन के अध्यक्ष हैं, और कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि नई व्यवस्था से दूरदराज के इलाकों से मुनिकी रेती की दूरी करीब 200 किलोमीटर से ज्यादा हो जाएगी। पहाड़ी रास्तों में इ
रिपोर्टर : सुनील सोनकर
उत्तराखंड के टिहरी जिले में जौनपुर विकासखंड की चार वन रेंजों भद्रीगाड़, कैंपटी, जौनपुर और देवलसारी को मसूरी वन प्रभाग से हटाकर नरेंद्रनगर (मुनिकी रेती) वन प्रभाग में शामिल करने के प्रस्ताव पर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में भारी असंतोष है।
ग्रामीणों और संगठनों ने इसे जनभावनाओं के खिलाफ बताया और मसूरी में वन विभाग कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नारेबाजी की और वन मंत्री सुबोध उनियाल को ज्ञापन सौंपा, जिसमें इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की गई।
प्रदीप कवि, जो जौनपुर प्रधान संगठन के अध्यक्ष हैं, और कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि नई व्यवस्था से दूरदराज के इलाकों से मुनिकी रेती की दूरी करीब 200 किलोमीटर से ज्यादा हो जाएगी। पहाड़ी रास्तों में इतनी दूरी तय करना समय और पैसे दोनों के लिहाज से मुश्किल होगा।
इससे वन विभाग के कामकाज में लोगों को अनावश्यक परेशानी होगी। उन्होंने मांग की कि चारों रेंजों को पहले की तरह मसूरी वन प्रभाग में ही रखा जाए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर मांग नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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