बिहार चुनाव 2025: एनडीए की ऐतिहासिक जीत पर पीएम मोदी का बयान, गंगा के बहाव से बंगाल में जंगलराज खत्म करने का ऐलान। 

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को अभूतपूर्व सफलता दी है। 14 नवंबर 2025 को घोषित परिणामों के अनुसार

Nov 15, 2025 - 12:58
 0  72
बिहार चुनाव 2025: एनडीए की ऐतिहासिक जीत पर पीएम मोदी का बयान, गंगा के बहाव से बंगाल में जंगलराज खत्म करने का ऐलान। 
बिहार चुनाव 2025: एनडीए की ऐतिहासिक जीत पर पीएम मोदी का बयान, गंगा के बहाव से बंगाल में जंगलराज खत्म करने का ऐलान। 

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को अभूतपूर्व सफलता दी है। 14 नवंबर 2025 को घोषित परिणामों के अनुसार, एनडीए ने 243 सीटों में से 202 पर कब्जा जमाकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी की मजबूती को दिखाती है। भाजपा को 89 सीटें मिलीं, जो राज्य में उसकी सबसे बड़ी पार्टी बनने का संकेत देती हैं। जनता दल यूनाइटेड को 85, लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास को 19, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 4 सीटें हासिल हुईं। विपक्षी महागठबंधन को महज 35 सीटें मिलीं, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल को 25, कांग्रेस को 6, वाम दलों को 3 और अन्य को 1 सीट का हिस्सा बना। यह परिणाम 2020 के चुनाव से बिल्कुल अलग हैं, जब महागठबंधन ने 110 सीटें जीती थीं। चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि कुल मतदान 67.13 प्रतिशत रहा, जो 1951 के बाद का रिकॉर्ड है। पहले चरण में 65.08 और दूसरे चरण में 68.76 प्रतिशत वोट पड़े। 7.4 करोड़ मतदाताओं ने हिस्सा लिया।

चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को हुए। 243 सीटों में 38 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। भाजपा ने 101, जेडीयू ने 101, एलजेपी आरवी ने 28 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। महागठबंधन में आरजेडी ने 143, कांग्रेस ने 61 और वाम दलों ने 29 सीटों पर लड़े। प्राशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी नहीं जीत सकी। वोट शेयर में आरजेडी 23 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रही, लेकिन सीटें कम मिलीं। एनडीए का कुल वोट शेयर 46.52 प्रतिशत रहा, जबकि महागठबंधन का 37.64 प्रतिशत। भाजपा का 20.08, जेडीयू का 19.26 और एलजेपी आरवी का 4.97 प्रतिशत रहा। कांग्रेस का 8.71 और वाम का 4.18 प्रतिशत रहा।

मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई और शाम तक साफ हो गई। शुरुआती रुझानों में एनडीए 185 सीटों पर आगे था। भाजपा मुख्यालय में जश्न का माहौल था। प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह विकास और सुशासन की जीत है। उन्होंने महिलाओं और युवाओं को नया एमवाई फॉर्मूला बताया, जो विपक्ष के सांप्रदायिक एजेंडे को नकारा। एक्स पर पोस्ट करते हुए मोदी ने लिखा कि बिहार ने जंगलराज को खारिज कर दिया। नीतीश कुमार ने कहा कि राज्यवासियों ने उनकी सरकार पर भरोसा जताया। उन्होंने एनडीए सहयोगियों को धन्यवाद दिया। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे डबल इंजन सरकार की जीत बताया। उन्होंने कहा कि 1.8 लाख करोड़ का निवेश होगा। चिराग पासवान ने नीतीश और मोदी की जोड़ी की तारीफ की। जेपी नड्डा ने कहा कि यह जनता का विश्वास है।

इस जीत के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक और बड़ा बयान दिया। भाजपा मुख्यालय में संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि गंगा जी बिहार से बहकर बंगाल तक पहुंचती है, बिहार ने बंगाल में भाजपा की विजय का रास्ता बना दिया है। भाजपा पश्चिम बंगाल से भी जंगल राज उखाड़ फेंकेगी। उन्होंने कहा कि बिहार में जंगलराज को खत्म करने के बाद अब बंगाल की बारी है। भाजपा की विजय यात्रा गंगा के बहाव की तरह बंगाल तक पहुंचेगी। यह बयान विपक्षी तृणमूल कांग्रेस पर सीधा हमला था। मोदी ने कहा कि बिहार की यह जीत न केवल राज्य के विकास की है, बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी प्रेरित करेगी। उन्होंने तमिलनाडु, केरल, पुदुचेरी और असम का भी जिक्र किया, जहां भाजपा की मजबूती बढ़ेगी। यह बयान पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को ध्यान में रखकर दिया गया, जहां ममता बनर्जी की सरकार पर जंगलराज के आरोप लगते रहे हैं।

विपक्ष की हार बुरी रही। तेजस्वी यादव ने रघोपुर से जीत हासिल की, लेकिन मार्जिन 14,532 वोटों का रहा। उन्होंने कहा कि वादे पूरे हों तो अच्छा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि परिणाम आश्चर्यजनक हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन को आत्ममंथन करना होगा। वाम दलों ने कहा कि वोट शेयर घटा, लेकिन संघर्ष जारी रहेगा। प्राशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज का सफर जारी है। एआईएमआईएम को 5 सीटें मिलीं, जो 2020 जितनी ही हैं। कांग्रेस के जयराम रमेश ने वोट चोरी का आरोप लगाया और मोदी, शाह तथा चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया।

यह जीत एनडीए की रणनीति का नतीजा है। महिलाओं का रिकॉर्ड मतदान हुआ। जेडीयू को इससे सबसे ज्यादा फायदा मिला। कल्याण योजनाओं जैसे उज्ज्वला, पीएम आवास और महिलाओं को 10,000 रुपये ट्रांसफर ने वोटिंग में असर डाला। युवाओं पर फोकस से बेरोजगारी का मुद्दा कमजोर पड़ा। विपक्ष के वोट चोरी के आरोप और वोटर लिस्ट विवाद काम नहीं आए। एनडीए ने संकल्प पत्र में एक करोड़ नौकरियां, लाखपति दीदी, मुफ्त शिक्षा और बुनियादी ढांचे के वादे किए। विपक्ष ने नौकरी, पुरानी पेंशन और मुफ्त बिजली का वादा किया, लेकिन वोट नहीं मिले। अमित शाह ने चुनाव से पहले 160 सीटों की भविष्यवाणी की थी, जो सही साबित हुई।

क्षेत्रीय स्तर पर एनडीए ने हर कोने में जीत हासिल की। शाहाबाद और सीमांचल जैसे महागठबंधन के गढ़ों में भी एनडीए आगे रहा। भाजपा ने एससी सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया। जेडीयू ने ईबीसी वोटों को मजबूत किया। एलजेपी ने दलित वोटों को एकजुट किया। 2020 में एलजेपी ने जेडीयू को नुकसान पहुंचाया था, लेकिन इस बार सहयोगी बनी। आरजेडी का मुस्लिम-यादव फॉर्मूला टूटा। कांग्रेस का प्रदर्शन 2020 के 19 से घटकर 6 रह गया। वाम दलों का 16 से घटकर 3 रह गया।

प्रमुख उम्मीदवारों की बात करें तो तेजस्वी यादव ने रघोपुर से भाजपा के सतीश कुमार को हराया। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तारापुर से आरजेडी के अरुण कुमार साव को 45,820 वोटों से जीता। विजय कुमार सिन्हा ने लखीसराय से जीत दर्ज की। जेडीयू के अनंत सिंह ने मोकामा से वीणा देवी को हराया। भाजपा की मंगला पांडेय ने सीवान से आरजेडी को 9,000 वोटों से हराया। मैथिली ठाकुर ने अलीनगर से पहली बार जीत हासिल की। केशरी लाल यादव छपरा से हार गए। जेडीयू के हरि नारायण सिंह ने हरनौत से जीत ली।

वोट शेयर में आरजेडी 22.76 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रही, लेकिन सीटें कम मिलीं। भाजपा 20.90 और जेडीयू 18.92 प्रतिशत। यह दिखाता है कि वोट एकजुटता एनडीए में बेहतर रही। एनडीए का स्ट्राइक रेट 89 प्रतिशत रहा। भाजपा का 88, जेडीयू का 84 प्रतिशत। आरजेडी का 17 और कांग्रेस का 10 प्रतिशत। जन सुराज का 9.6 प्रतिशत रहा, लेकिन सीट शून्य।

यह परिणाम बिहार की राजनीति बदल देंगे। नीतीश कुमार दसवीं बार शपथ लेंगे। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर दबदबा बढ़ाएगी। गठबंधन में सीट बंटवारे पर चर्चा होगी। विपक्ष को पुनर्गठन करना होगा। राहुल गांधी ने कहा कि रणनीति बदलनी होगी। डी राजा ने आत्ममंथन की बात कही। एनडीए अब वादों पर अमल करेगा। एक करोड़ नौकरियां, सात एक्सप्रेसवे, बाढ़ मुक्ति और कृषि निवेश के वादे पूरे करने होंगे। केंद्र से फंडिंग बढ़ेगी।

Also Read- यूपी 2027 चुनाव: मुस्लिम सीएम की मांग पर अखिलेश यादव की परीक्षा, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने सपा को दी शर्त- मुस्लिम चेहरे से लड़ें चुनाव।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।