Sambhal: महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम- बर्क का बीजेपी पर बड़ा हमला, जनता को गुमराह करने का आरोप।
महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत गरमा गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने हैं, आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत गरमा गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने हैं, आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी बीच सम्भल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने बीजेपी-एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है।
बर्क ने कहा कि बीजेपी एक सोची-समझी रणनीति के तहत महिला आरक्षण का मुद्दा उठा रही है, ताकि चुनावी फायदा लिया जा सके। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2023 में संसद में महिला आरक्षण बिल को सत्ता और विपक्ष दोनों के समर्थन से पास कराया गया था, तो अब तक उसे लागू क्यों नहीं किया गया? उन्होंने कहा, “अगर सरकार सच में महिलाओं के हित में काम करना चाहती, तो अब तक इस बिल को अमली जामा पहनाया जा चुका होता। 543 सीटों में आरक्षण देने से कौन रोक रहा है?” सांसद बर्क ने परिसीमन (Delimitation) को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने राजनीतिक फायदे के लिए गलत तरीके से परिसीमन थोपना चाहती है, जिसका विपक्ष विरोध कर रहा है। बर्क ने साफ कहा कि उनका विरोध महिला आरक्षण से नहीं, बल्कि सरकार की नीयत और प्रक्रिया से है।
बंगाल चुनाव पर भी बोले बर्क
पश्चिम बंगाल के चुनाव को लेकर बर्क ने ममता बनर्जी के नेतृत्व पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी की “सांप्रदायिक ताकतें” वहां कामयाब नहीं होंगी और ममता बनर्जी मजबूती से जीत हासिल करेंगी।
योगी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘काबा’ वाले बयान पर भी बर्क ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता को धर्म के आधार पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। बर्क ने कहा, “काबा शरीफ दुनिया भर के मुसलमानों का धार्मिक स्थल है। राजनीति में धर्म को घसीटना और किसी मजहब का अपमान करना बिल्कुल गलत है।” महिला आरक्षण से लेकर बंगाल चुनाव और धार्मिक बयानों तक, बर्क ने बीजेपी पर कई मोर्चों पर हमला बोला है।
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