Prayagraj : त्रिदिवसीय रामायण मेला का शानदार उद्घाटन, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, रामचरितमानस ने परिवारों में संस्कार जगाए

उन्होंने कहा कि सामान्य लोगों की कल्पना से अधिक विकास सरकार ने चारों दिशाओं में किया है। जो विकास अब तक दिख रहा है, वह महज झलक है। विस्तृत परिदृश्य अभी

By INA News Desk
Jan 8, 2026 - 00:30
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Prayagraj : त्रिदिवसीय रामायण मेला का शानदार उद्घाटन, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, रामचरितमानस ने परिवारों में संस्कार जगाए
Prayagraj : त्रिदिवसीय रामायण मेला का शानदार उद्घाटन, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, रामचरितमानस ने परिवारों में संस्कार जगाए

प्रयागराज में कटरा रामलीला कमेटी के परिसर में आयोजित त्रिदिवसीय रामायण मेला का उद्घाटन उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रामचरितमानस की चौपाइयां और दोहे परिवारों में संस्कार जगाते हैं। इसी कारण ये लोग जुबान पर रहते हैं। रामायण ने भाई-भाई और पिता-पुत्र के बीच आदर्श संबंध स्थापित किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि रामलीला से संस्कारों का निर्माण होता है। तीर्थराज प्रयाग में रामायण मेला का विशेष महत्व है। ऐसे आयोजन समाज की ओर से प्रयाग की ऐतिहासिक धरती पर होने चाहिए। सरकार सहयोग करने में पीछे नहीं रहेगी। जैसे दीपावली और रक्षाबंधन मनाते हैं, उसी तरह इस मेले का आयोजन होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सामान्य लोगों की कल्पना से अधिक विकास सरकार ने चारों दिशाओं में किया है। जो विकास अब तक दिख रहा है, वह महज झलक है। विस्तृत परिदृश्य अभी बाकी है। इस मौके पर पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। उप मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं की रामकथा पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम की शुरुआत समिति के अध्यक्ष स्वामी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी, महामंत्री शंभूनाथ त्रिपाठी अंशुल और कथावाचक राजेंद्र महाराज द्वारा संस्थापक डॉ. महेश प्रताप नारायण अवस्थी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। सरस्वती विद्या मंदिर के भैया-बहनों ने सरस्वती वंदना और प्रभु श्रीराम की स्तुति प्रस्तुत की। इलाहाबाद इंटर कॉलेज की छात्राओं ने समवेत स्वरों में तबले की धुन पर 'श्रीराम बना दो मां मेरा गीत अमर कर दो' गीत गाया।

विमोचित पुस्तकों में 'रामायणीयम' वार्षिक पत्रिका (संपादक शंभूनाथ त्रिपाठी अंशुल), 'संघर्षों की गाथा' (ब्रह्मानंद मिश्रा), 'तुलसी जन्मभूमि' (डॉ. कृष्णमणि चतुर्वेदी मैत्रेय) और 'उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्वों से संबंधित लोक कथाएं' (रंजना मिश्रा) शामिल हैं। कार्यक्रम में काशी क्षेत्र उपाध्यक्ष अवधेश गुप्ता, साहित्यिक चिंतक व्रतशील शर्मा, सभासद ज्ञानेंद्र मिश्रा, आनंद घिल्डियाल, डॉ. शीलधर मिश्रा, पूजा पाल, राजेंद्र त्रिपाठी रसराज, गोपाल बाबू जायसवाल सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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