Sambhal: सम्भल में पौराणिक 24 कोसी परिक्रमा की तैयारी पूरी, वंशगोपाल तीर्थ से होगी शुरुआत।
पौराणिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सम्भल की चौबीस कोसी परिक्रमा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह परिक्रमा 25 और 26 अक्टूबर को होगी। श्रद्धालु बेनीपुरचक
उवैस दानिश, सम्भल
- संतान सुख और मनोकामना पूर्ति की है मान्यता, प्रशासन ने की सुरक्षा व सफाई की चाक-चौबंद व्यवस्था
सम्भल: पौराणिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सम्भल की चौबीस कोसी परिक्रमा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह परिक्रमा 25 और 26 अक्टूबर को होगी। श्रद्धालु बेनीपुरचक स्थित वंशगोपाल तीर्थ से परिक्रमा प्रारंभ करेंगे और यहीं वापस लौटकर परिक्रमा संपन्न होगी। परिक्रमा मार्ग में सम्भल के सभी 19 कूप और 68 तीर्थों के दर्शन होते हैं। मान्यता है कि इस परिक्रमा से संतान सुख प्राप्त होता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
- वंशगोपाल तीर्थ की धार्मिक मान्यता
बेनीपुरचक का वंशगोपाल तीर्थ पौराणिक मान्यताओं से जुड़ा है। कहा जाता है कि 5200 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण रुक्मिणी जी का हरण कर यहीं आए थे। तीर्थ परिसर में आज भी वह कदंब का पेड़ मौजूद है जिसके नीचे भगवान श्रीकृष्ण ने एक रात विश्राम किया था। मान्यता है कि ब्रह्माजी के आदेश पर भगवान विश्वकर्मा ने यहां का प्राचीन मंदिर बनवाया था। संतान की इच्छा से यहां पूजा करने पर वंश वृद्धि होती है, इसी कारण इसे वंशगोपाल तीर्थ कहा जाता है।
- प्रशासनिक तैयारी पूरी
जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि सम्भल में समलेश्वरी, भुवनेश्वर और चंदेश्वर इन तीनों तीर्थों के मध्य कुल 87 देवतीर्थ हैं। हर महीने प्रथम रविवार को परिक्रमा होती है जबकि दीपावली के चार दिन बाद वार्षिक परिक्रमा आयोजित होती है। इस बार प्रशासन ने चार मोबाइल टॉयलेट, दो पानी के टैंकर, मलबा हटाने के लिए जेसीबी, और डस्टबिन व सफाई वाहनों की व्यवस्था की है। कच्चे रास्तों को समतल कर दिशा संकेतक लगाए गए हैं। सुरक्षा को लेकर 39 चौकियां बनाई गई हैं और पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट ड्यूटी भी लगाई गई है।
- नगर पालिका की तैयारियां
नगर पालिका परिषद सम्भल के अधिशासी अधिकारी मणिभूषण तिवारी ने बताया कि वार्षिक परिक्रमा के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। वंशगोपाल तीर्थ से परिक्रमा प्रारंभ होकर चंदेश्वर होते हुए पुनः वंशगोपाल तीर्थ पर संपन्न होगी। पूरे मार्ग पर वीडियोग्राफी, साफ-सफाई, पानी और टॉयलेट की सुविधा सुनिश्चित की गई है। जहां-जहां श्रद्धालु रुकेंगे, वहां नगर पालिका द्वारा सभी बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
- भक्तों का उत्साह चरम पर
वंशगोपाल तीर्थ के प्रमुख भगवत्प्रिय ने बताया कि इस बार परिक्रमा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। अनुमान है कि दो दिन की परिक्रमा में करीब 20 हजार श्रद्धालु भाग लेंगे, जबकि सालभर में लगभग 5 लाख लोग यहां दर्शन और परिक्रमा के लिए आते हैं। सम्भल की यह पौराणिक परिक्रमा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी प्रतीक मानी जाती है।
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