ग्रीनलैंड विवाद में रूस के राष्ट्रपति पुतिन का बड़ा बयान, कहा- इस मामले से रूस का कोई लेना-देना नहीं, अमेरिका और डेनमार्क खुद सुलझा लेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण या खरीद की मांग को लेकर यूरोपीय देशों पर दबाव बढ़ाया है। ट्रंप ने डेनमार्क के स्वायत्त

Jan 22, 2026 - 13:37
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ग्रीनलैंड विवाद में रूस के राष्ट्रपति पुतिन का बड़ा बयान, कहा- इस मामले से रूस का कोई लेना-देना नहीं, अमेरिका और डेनमार्क खुद सुलझा लेंगे।
ग्रीनलैंड विवाद में रूस के राष्ट्रपति पुतिन का बड़ा बयान, कहा- इस मामले से रूस का कोई लेना-देना नहीं, अमेरिका और डेनमार्क खुद सुलझा लेंगे।
  • ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की मांग को लेकर ट्रंप और यूरोपीय देशों में तनाव चरम पर, ब्रिटेन फ्रांस जर्मनी सहित आठ देशों ने एकजुट होकर विरोध जताया। 
  • ट्रंप ने ग्रीनलैंड खरीदने के लिए डेनमार्क समेत आठ यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी, यूरोप ने इसे जबरदस्ती करार दिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण या खरीद की मांग को लेकर यूरोपीय देशों पर दबाव बढ़ाया है। ट्रंप ने डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की बात दोहराई और विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि फरवरी से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स और फिनलैंड से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। यह टैरिफ जून से 25 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा जब तक ग्रीनलैंड की खरीद के लिए समझौता नहीं हो जाता। ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिकी सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह आर्कटिक क्षेत्र में चीन और रूस के प्रभाव को रोकने में मदद करेगा।

यूरोपीय देशों ने ट्रंप की इस धमकी का कड़ा विरोध किया है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी सहित आठ देशों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि टैरिफ की धमकी ट्रांसअटलांटिक संबंधों को कमजोर करती है और खतरनाक सर्पिल में डाल सकती है। उन्होंने ग्रीनलैंड की संप्रभुता का समर्थन किया और कहा कि इसका भविष्य ग्रीनलैंडवासियों और डेनमार्क के निर्णय पर निर्भर है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि यूरोप एकजुट रहेगा और अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि कोई धमकी या दबाव उन्हें प्रभावित नहीं करेगा। डेनमार्क ने ग्रीनलैंड में सैन्य उपस्थिति बढ़ाई और यूरोपीय सहयोगियों के साथ संयुक्त अभ्यास किए। इन देशों ने कहा कि उनके सैन्य कदम किसी के लिए खतरा नहीं हैं बल्कि आर्कटिक सुरक्षा के लिए हैं।

ट्रंप की घोषणा के बाद यूरोप में आपात बैठकें हुईं और संयुक्त बयान जारी किया गया। आठ देशों ने कहा कि वे संयुक्त रूप से जवाब देंगे और सहयोग जारी रखेंगे। उन्होंने नाटो के माध्यम से आर्कटिक में शांति और सुरक्षा के साझा हित पर जोर दिया। ट्रंप ने यूरोपीय सहयोगियों के ग्रीनलैंड दौरे और विरोध को आधार बनाकर टैरिफ लगाने की बात कही। यूरोपीय नेता इसे ब्लैकमेल करार दे रहे हैं और कहा कि यह नाटो गठबंधन को खतरे में डाल सकता है। डेनमार्क ने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है और बल प्रयोग नाटो के अंत का कारण बनेगा।

इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर बयान दिया है। पुतिन ने कहा कि ग्रीनलैंड का मामला रूस से संबंधित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका और डेनमार्क के बीच का मुद्दा है और वे खुद इसे सुलझा लेंगे। पुतिन ने कहा कि रूस को इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है और वे इसे देख रहे हैं। रूसी मीडिया और अधिकारी अमेरिका-यूरोप तनाव पर ग्लैड महसूस कर रहे हैं लेकिन सतर्क भी हैं क्योंकि आर्कटिक में अमेरिकी उपस्थिति रूस के हितों को प्रभावित कर सकती है। पुतिन ने पहले भी कहा था कि अमेरिका की ग्रीनलैंड में रुचि ऐतिहासिक है।

ट्रंप ने डावोस में भाषण में कहा कि वे बल प्रयोग नहीं करेंगे लेकिन ग्रीनलैंड पर नियंत्रण चाहते हैं। उन्होंने नाटो प्रमुख से बातचीत के बाद टैरिफ धमकी वापस ली और कहा कि ग्रीनलैंड पर भविष्य का फ्रेमवर्क तैयार हो गया है। यूरोपीय देशों ने एकजुट होकर विरोध किया और संप्रभुता पर जोर दिया। ग्रीनलैंड के लोग और प्रधानमंत्री ने अमेरिका के बजाय डेनमार्क के साथ रहने की बात कही। विवाद ने ट्रांसअटलांटिक संबंधों को तनावपूर्ण बना दिया है।

यह विवाद ग्रीनलैंड की सामरिक महत्वता पर केंद्रित है जो खनिज संसाधनों और आर्कटिक मार्गों के कारण महत्वपूर्ण है। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। यूरोपीय देशों ने संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला दिया। पुतिन के बयान से रूस ने खुद को अलग रखा है। यूरोप ने एकजुटता दिखाई और टैरिफ को अस्वीकार्य बताया।

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