Sambhal: बुलडोजर, तिरंगा और मंदिर-मस्जिद पर सदर विधायक इकबाल महमूद का तीखा हमला, बोले– देश को आगे बढ़ने दो, नफरत की राजनीति बंद करो।
सदर विधायक इकबाल महमूद ने विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया पर तीखा हमला बोलते हुए बुलडोजर राजनीति, मंदिर-मस्जिद विवाद और देश की
उवैस दानिश, सम्भल
सदर विधायक इकबाल महमूद ने विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया पर तीखा हमला बोलते हुए बुलडोजर राजनीति, मंदिर-मस्जिद विवाद और देश की मौजूदा राजनीति पर खुलकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि “अगर बुलडोजर इतना ही पसंद है तो उस पर बैठकर आया करो।” इकबाल महमूद ने कहा कि प्रवीण तोगड़िया अब पुराने विचारों के हो चुके हैं, जबकि देश तरक्की की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि “बच्चों को पढ़ने दो, नौकरी करने दो, उनका भविष्य बनाने दो। सरकार को सिर्फ गिराने के काम में क्यों उलझाए रखना चाहते हो?”
विधायक ने मंदिर-मस्जिद के मुद्दे पर दो टूक कहा कि “क्या आपने सिर्फ मस्जिद गिरते सुनी है? कोई मंदिर गिराया गया हो, ऐसा कहीं दिखा है क्या?” उन्होंने पक्का बाग, सराय तरीन और बेगम सराय का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मंदिर पहले से ज्यादा ऊंचे और भव्य बने हैं, किसी ने विरोध नहीं किया।
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में पैदा हुआ हर इंसान हमारा भाई है और सबको मिल-जुलकर रहना चाहिए। “सरकारें आती-जाती रहती हैं, हमें यहीं रहना है। हमारे और आपके बच्चों का भविष्य यहीं बनना है।”इकबाल महमूद ने सवाल किया कि अधिकारी सिर्फ तोड़ने का काम क्यों कर रहे हैं, बनाने की बात क्यों नहीं करते। “स्कूल, कॉलेज, टेक्निकल कॉलेज बनाकर दिखाओ, अच्छे मकान देकर दिखाओ। सिर्फ गिराने से देश नहीं बनता।”
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि “अगर तोगड़िया जी को हिंदुस्तान पसंद नहीं है तो नेपाल चले जाएं। हम यहीं के थे, यहीं के हैं और यहीं के रहेंगे। इस धरती को हमारे बुजुर्गों ने कुर्बानियों से सींचा है।”
आरएसएस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि “नागपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर तिरंगा बहुत देर से फहराया गया, जबकि हमें आजादी विरासत में मिली।”
इकबाल महमूद ने आरोप लगाया कि प्रवीण तोगड़िया हिंदू-मुसलमान को भड़काने का काम कर रहे हैं। “मंदिर हो या मस्जिद, दोनों भगवान और अल्लाह का घर हैं। किसी भी धर्म की किताब नफरत नहीं सिखाती, प्यार सिखाती है।”
अयोध्या और मदीना के मुद्दे पर उन्होंने कहा, “अगर अयोध्या बनानी है तो बनाओ, हमने कब रोका है, मगर हमें भी तो मदीना बनाने दो।”
उन्होंने अंत में कहा कि मौजूदा नेता कुर्सियों के लिए जनता को गुमराह कर रहे हैं और इससे देश का भविष्य रुक रहा है। “नफरत से नहीं, मोहब्बत और विकास से हिंदुस्तान आगे बढ़ेगा।”
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