Saharanpur : सहारनपुर के स्कूलों में फीस और किताबों की मनमानी पर डीएम मनीष बंसल का कड़ा प्रहार

अभिभावकों को राहत देते हुए जिलाधिकारी ने उन स्कूलों को भी चेतावनी दी है जो किसी खास दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म या जूते खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर शोषण है। अब किताबें कई दुकानों

Apr 1, 2026 - 22:36
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Saharanpur : सहारनपुर के स्कूलों में फीस और किताबों की मनमानी पर डीएम मनीष बंसल का कड़ा प्रहार
Saharanpur : सहारनपुर के स्कूलों में फीस और किताबों की मनमानी पर डीएम मनीष बंसल का कड़ा प्रहार

सहारनपुर के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी और फीस की लूट पर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि अब शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ सीधी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि सभी स्कूलों को सत्र शुरू होने से 60 दिन पहले अपना फीस ढांचा घोषित करना अनिवार्य है। इसके बावजूद जिले के 60 स्कूलों ने नियमों का पालन नहीं किया, जिस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने 2 दिन का समय दिया है। उन्होंने आदेश दिया कि स्कूल अपनी वेबसाइट पर फीस का विवरण अपलोड करें और इसकी जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक को दें, अन्यथा उन पर कार्रवाई तय है।

अभिभावकों को राहत देते हुए जिलाधिकारी ने उन स्कूलों को भी चेतावनी दी है जो किसी खास दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म या जूते खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर शोषण है। अब किताबें कई दुकानों और ऑनलाइन माध्यमों पर उपलब्ध करानी होंगी ताकि अभिभावकों की जेब पर बोझ न पड़े। इसके साथ ही यूनिफॉर्म बदलने के खेल पर भी रोक लगा दी गई है। अब कोई भी स्कूल 5 साल से पहले यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेगा और यदि बदलाव जरूरी हुआ तो इसके लिए समिति से अनुमति लेनी होगी।

छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए हर स्कूल में कठिनाई निवारण समिति बनाना भी अनिवार्य कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए एक नया पोर्टल शुरू किया गया है जिस पर सभी वाहनों का पंजीकरण और नियमित फिटनेस जांच कराना जरूरी होगा। जिलाधिकारी की इस पहल से जिले में शिक्षा को व्यवसाय बनाने वालों में हड़कंप मच गया है और आम जनता ने इस निर्णय का स्वागत किया है।

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