Sambhal : भाकियू बीआरएसएस ने सम्भल में की किसान पंचायत, बिजली विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार पर जताई नाराजगी

पंचायत में कार्मेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है, लेकिन जनपद स्तर पर भ्रष्टाचार और अधिकारि

Sep 22, 2025 - 14:53
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Sambhal : भाकियू बीआरएसएस ने सम्भल में की किसान पंचायत, बिजली विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार पर जताई नाराजगी
भाकियू बीआरएसएस ने सम्भल में की किसान पंचायत, बिजली विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार पर जताई नाराजगी

Report : उवैस दानिश, सम्भल

भारतीय किसान यूनियन बीआरएसएस द्वारा सोमवार को सम्भल के बिजली घर प्रांगण में किसानों की समस्याओं को लेकर एक किसान पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत की अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष कार्मेंद्र सिंह ने की। पंचायत में बड़ी संख्या में किसान 18 गांवों से पहुंचते रहे और अपनी समस्याओं को लेकर आक्रोश व्यक्त किया।

पंचायत में कार्मेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है, लेकिन जनपद स्तर पर भ्रष्टाचार और अधिकारियों-कर्मचारियों की उदासीनता के कारण किसानों, मजदूरों और आम जनता तक योजनाओं का सीधा लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग में बढ़ता भ्रष्टाचार और कर्मचारियों की लापरवाही किसानों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रही है।कार्मेंद्र सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं किया गया, तो संगठन जिला स्तर पर बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। पंचायत में मुख्य रूप से बिजली कर्मचारियों द्वारा मुकदमे का डर दिखाकर अवैध वसूली करने, स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को समाप्त करने और मीटर रीडिंग नियमित रूप से हर माह आने की मांग को जोरदार तरीके से उठाया गया।

संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर कई अन्य मांगें भी रखीं। इनमें किसानों की खतौनी में गलत नाम-पता दर्ज होने पर गांव-गांव अभियान चलाकर उसे सही करने, गन्ने का मूल्य ₹525 प्रति क्विंटल तय करने और भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग शामिल है। इसके अलावा बहजोई फेस ब्रांच से पानी 6-8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से छोड़ने, बुखार रूपी वायरस की रोकथाम के लिए गांव-गांव कीटनाशक का छिड़काव कराने और चिकित्सा कैंप व दवाइयां वितरित करने की भी मांग की गई।साथ ही, अपात्र लोगों के राशन कार्ड निरस्त कर पात्र लोगों के नए राशन कार्ड बनवाए जाने की मांग भी की गई। पंचायत में संगठन के पदाधिकारियों और किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में किसान और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर किसानों के हित में लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।

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