Sambhal : अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर के आदेश के बाद पीड़ित आलम की बहन रज़िया का दर्दनाक बयान
रज़िया ने बताया कि उनके पिता यामीन ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, क्योंकि उनके बेटे आलम को तीन गोलियां लगी थीं। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से उनका परिवार लगातार
Report : उवैस दानिश, सम्भल
पुलिस फायरिंग में घायल हुए आलम के मामले में कोर्ट द्वारा पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। इस मामले में आलम की बहन रज़िया ने मीडिया से बात करते हुए पूरे घटनाक्रम को दर्द और आक्रोश के साथ बयान किया।
रज़िया ने बताया कि उनके पिता यामीन ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, क्योंकि उनके बेटे आलम को तीन गोलियां लगी थीं। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से उनका परिवार लगातार न्याय के लिए भटक रहा है। कभी पुलिस के चक्कर, कभी अलग-अलग जगहों पर मुकदमे, कई बार याचिकाएं खारिज हुईं, लेकिन परिवार ने हार नहीं मानी। रज़िया के मुताबिक पुलिस लगातार धमकाती रही, फिर भी उन्हें सरकार और न्याय व्यवस्था पर भरोसा था। रज़िया ने आरोप लगाया कि आलम पोलियो से पीड़ित था और उसकी एक टांग से वह अपाहिज था।
वह अपने घर का खर्च चलाने के लिए सुबह-सुबह पापे (टोस्ट) बेचने जाता था। घटना वाले दिन भी वह रोज़ की तरह काम पर जा रहा था और उसे किसी तरह के झगड़े की जानकारी नहीं थी। इसी दौरान पुलिस ने आगे-पीछे से फायरिंग की और आलम को तीन गोलियां लग गईं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनके भाई को गोली पुलिसकर्मियों ने मारी। याचिका में 12 पुलिसकर्मियों के नाम दर्ज कराए गए हैं, जिनमें अनुज चौधरी का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। रज़िया ने बताया कि आदेश 9 या 12 तारीख को हुआ है, हालांकि अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पीड़ित परिवार ने मांग की है कि जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें इंसाफ मिल सके।
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