Hardoi News: मंगली पुरवा में श्रीराम कथा- नवें दिन का दिव्य आयोजन, श्रीराम कथा का दिव्य प्रवाह।
नवें दिवस पर श्रीराम कथा में राम-सुग्रीव मित्रता, हनुमान जी का लंका प्रवेश, लंका दहन, हनुमान जी की वापसी, लंका पर चढ़ाई, रावण वध, प्रभु श्रीराम...
हरदोई के मंगली पुरवा स्थित श्री राम जानकी हनुमत धाम में चल रही नव दिवसीय श्रीराम कथा अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। आज कथा के नवें दिवस पर भक्तों ने भक्ति और श्रद्धा का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया। प्रातःकालीन बेला में मंदिर में भोलेनाथ का रुद्राभिषेक संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से भाग लिया।
- भोलेनाथ का भव्य रुद्राभिषेक एवं श्रृंगार
सुबह की बेला में मंदिर में स्थित भोलेनाथ का विशेष रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। अयोध्या से पधारे श्री राम कथा व्यास सुखनंदन शरण जी महाराज की उपस्थिति में आचार्य नारायण जी ने विधिवत पूजन कराया। भगवान शिव का दूध, दही, घी, मधु और गंगाजल से अभिषेक किया गया, जिसके साथ ॐ नमः शिवाय के दिव्य उच्चारण गूंजते रहे। इसके उपरांत भोलेनाथ का भव्य श्रृंगार किया गया, जिसमें चंदन, भस्म, पुष्प और आभूषणों से भगवान शिव को सजाया गया। पूजा के उपरांत मंदिर में भव्य आरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
- श्रीराम कथा का दिव्य प्रवाह
आज के नवें दिवस पर श्रीराम कथा में राम-सुग्रीव मित्रता, हनुमान जी का लंका प्रवेश, लंका दहन, हनुमान जी की वापसी, लंका पर चढ़ाई, रावण वध, प्रभु श्रीराम का पुनः अवध आगमन और राम राज्याभिषेक जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का सजीव वर्णन किया गया।
महाराज सुखनंदन शरण जी ने कथा में बताया कि कैसे श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता बनी और किस प्रकार हनुमान जी ने लंका जाकर माता सीता का पता लगाया। हनुमान जी के लंका दहन के अद्भुत प्रसंग ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। इसके पश्चात, श्रीराम की सेना द्वारा लंका पर आक्रमण, रावण के वध और अयोध्या लौटने का हर्षमय प्रसंग सुनाया गया। कथा के दौरान जब महाराज जी ने यह कहा कि "बजरंगी लाए खबरिया, राम आते नगरिया", तो श्रद्धालु हर्ष से झूम उठे।
- राम राज्याभिषेक का भव्य उत्सव
श्रीराम के अवध आगमन के अवसर को भव्य उत्सव के रूप में मनाया गया। पांडाल में श्रीराम राज्याभिषेक की सुंदर झांकी सजाई गई, जिसमें प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के दिव्य स्वरूप स्थापित किए गए। भक्तों ने "रामचंद्र की जय", "सीता माता की जय" और "हनुमान जी की जय" के जयघोष के साथ अपने आराध्य का स्वागत किया। इस अवसर पर भक्तों ने रामचरितमानस की चौपाइयों और भजनों का पाठ किया। राम राज्याभिषेक के इस पावन क्षण को भव्यता प्रदान करने के लिए पूरे मंदिर प्रांगण को फूलों, दीपों और रंग-बिरंगे वस्त्रों से सजाया गया। श्रद्धालुओं के लिए विशेष भंडारे की भी व्यवस्था की गई, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।
- भक्तों में उल्लास और श्रद्धा
इस शुभ अवसर पर श्रद्धालु भक्तिभाव में डूबे नजर आए। हर ओर भक्ति, प्रेम और आनंद का वातावरण था। रामचरितमानस की चौपाइयों, भजनों और मंगल गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा। भक्तों ने श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी की भव्य आरती में भाग लिया और भगवान के चरणों में अपनी श्रद्धा समर्पित की।
इस प्रकार श्रीराम कथा के नवें दिन का यह भव्य आयोजन भक्तों के लिए एक अमूल्य आध्यात्मिक अनुभव बन गया। श्रीराम की जयजयकार के साथ यह दिव्य कथा समापन की ओर अग्रसर हो रही है, जिससे श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा ले रहे हैं। कथा में रजनी तिवारी राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, कर्मवीर सिंह चौहान जिला उपाध्यक्ष भाजपा, प्रीतेश दीक्षित जिला उपाध्यक्ष भाजपा, भाजपा नेता अजय अवस्थी, विपिन सिंह गौर, अशोक सिंह चंदेल, संजीव श्रीवास्तव, हरिनाथ सिंह, अवनीश सिंह, सत्यम सिंह, आदित्य सिंह चौहान, डी पी सिंह, रानू सिंह, कर्ण सिंह राणा, मुनि मिश्र, सुभाष वशिष्ठ, रजनीश सिंह, मुदित बाजपेयी, सनी दीक्षित, आदि मौजूद रहे।
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