सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी: सीने में संक्रमण के बाद दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में कराई गईं भर्ती।
भारतीय राजनीति की कद्दावर नेता और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते मंगलवार देर
- कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में, देर रात अस्पताल पहुंचने पर आईसीयू में किया गया शिफ्ट
- डॉक्टरों ने सोनिया गांधी की स्थिति को बताया स्थिर, श्वसन संबंधी समस्याओं के चलते अगले कुछ दिनों तक रहेंगी ऑब्जर्वेशन में
भारतीय राजनीति की कद्दावर नेता और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते मंगलवार देर रात दिल्ली के प्रतिष्ठित सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उन्हें सीने में संक्रमण (Chest Infection) और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत थी, जिसके बाद परिवार के सदस्यों ने उन्हें रात करीब 11:15 बजे अस्पताल पहुंचाया। 79 वर्षीय सोनिया गांधी पिछले कुछ समय से श्वसन संबंधी पुरानी बीमारियों, विशेष रूप से ब्रोंकियल अस्थमा से जूझ रही हैं, जो मौसम में बदलाव और दिल्ली के प्रदूषण स्तर के कारण समय-समय पर उभर आती हैं। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें तुरंत भर्ती करने का निर्णय लिया ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और उनकी स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा सके।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा जारी शुरुआती जानकारी के अनुसार, सोनिया गांधी को अस्पताल के चेस्ट मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञों की टीम की देखरेख में रखा गया है। अस्पताल पहुंचने पर उनके स्वास्थ्य मानकों की सघन जांच की गई, जिसके बाद एहतियात के तौर पर उन्हें इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) या उच्च निगरानी वार्ड में स्थानांतरित किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी आयु और स्वास्थ्य के इतिहास को देखते हुए किसी भी प्रकार के संक्रमण को गंभीरता से लेना आवश्यक है। वर्तमान में उन्हें आवश्यक एंटीबायोटिक्स और सहायक दवाएं दी जा रही हैं। अस्पताल के बुलेटिन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनकी स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और वे उपचार के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रही हैं।
सोनिया गांधी के साथ उनकी बेटी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी अस्पताल में मौजूद थीं। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी भी अपनी मां के स्वास्थ्य का अपडेट लेने के लिए लगातार डॉक्टरों के संपर्क में हैं। यह पहली बार नहीं है जब सोनिया गांधी को इस तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा हो; इसी वर्ष जनवरी में भी उन्हें इसी तरह के लक्षणों के कारण सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। उस समय भी चिकित्सकों ने उनके ब्रोंकियल अस्थमा के बढ़ने का कारण अत्यधिक ठंड और वातावरण में मौजूद धूल के कणों को बताया था। मंगलवार रात की घटना के बाद से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चिंता की लहर है, और वे सोशल मीडिया के माध्यम से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। सर गंगा राम अस्पताल के प्रबंधन ने संकेत दिया है कि सोनिया गांधी की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट और स्वास्थ्य अपडेट बुधवार सुबह एक औपचारिक बुलेटिन के माध्यम से साझा किया जाएगा। अस्पताल के ट्रस्टी और बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष स्थिति की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता मिले।
सोनिया गांधी की अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके स्वास्थ्य के प्रति चिंता व्यक्त की है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में सोनिया गांधी ने अपनी सक्रिय राजनीति से थोड़ा ब्रेक लिया है और वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी कम ही नजर आती हैं। उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें पहले भी भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रदूषण से बचने की सलाह दी थी। अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे उनके स्वास्थ्य की निगरानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जिसके बाद ही उनके डिस्चार्ज होने की संभावना पर कोई निर्णय लिया जा सकेगा।
श्वसन संबंधी समस्याओं के अलावा सोनिया गांधी को पूर्व में पेट के संक्रमण और अन्य उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण भी उपचार कराना पड़ा है। सर गंगा राम अस्पताल उनके लिए एक विश्वसनीय चिकित्सा संस्थान रहा है, जहां वे वर्षों से अपनी रूटीन चेकअप और उपचार के लिए आती रही हैं। मंगलवार रात जब उन्हें लाया गया, तो अस्पताल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए थे ताकि अन्य मरीजों को असुविधा न हो और वीआईपी प्रोटोकॉल का पालन किया जा सके। डॉक्टरों की टीम में पल्मोनोलॉजिस्ट (फेफड़ों के विशेषज्ञ) और इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर शामिल हैं, जो उनके फेफड़ों में संक्रमण के स्तर का आकलन करने के लिए विभिन्न परीक्षण कर रहे हैं।
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