Special: भारत ने फजर की नमाज से पहले ब्रह्मोस मिसाइलों से किया हमला, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) का बयान

शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) ने यह भी दावा किया कि भारत की इस कार्रवाई ने पाकिस्तान को चौंका दिया। उन्होंने कहा, "हमारी सेना सुबह 4:30 बजे फजर ...

May 30, 2025 - 00:04
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Special: भारत ने फजर की नमाज से पहले ब्रह्मोस मिसाइलों से किया हमला, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) का बयान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif)

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) ने हाल ही में एक सनसनीखेज बयान दिया है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना 10 मई 2025 की सुबह 4:30 बजे फजर की नमाज के बाद भारत पर हमला करने की तैयारी में थी। हालांकि, उनके अनुसार, भारत ने उससे पहले ही ब्रह्मोस मिसाइलों के जरिए हमला कर पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। यह बयान शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) ने अजरबैजान के लाचिन शहर में एक त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिया। इस बयान ने भारत-पाकिस्तान के बीच हाल के तनावों को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) ने अपने संबोधन में कहा कि 9-10 मई की रात को पाकिस्तानी सेना ने भारत के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की योजना बनाई थी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने उन्हें 2:30 बजे रात को सुरक्षित लाइन पर फोन कर सूचित किया कि भारत ने नूर खान एयरबेस सहित कई स्थानों पर मिसाइल हमले किए हैं। शरीफ के अनुसार, भारत ने ब्रह्मोस मिसाइलों का उपयोग कर पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया, जिससे उनकी योजना विफल हो गई।

शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) ने यह भी दावा किया कि भारत की इस कार्रवाई ने पाकिस्तान को चौंका दिया। उन्होंने कहा, "हमारी सेना सुबह 4:30 बजे फजर की नमाज के बाद भारत पर हमला करने की तैयारी में थी, लेकिन भारत ने उससे पहले ही हम पर हमला कर दिया।" यह बयान भारत की सैन्य ताकत और उसकी रणनीतिक तैयारियों को दर्शाता है, जिसने पाकिस्तान की योजनाओं को नाकाम कर दिया।

ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाक तनाव

शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) का यह बयान भारत के ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में आया है, जिसे भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब देने के लिए शुरू किया था। 6-7 मई 2025 की रात को शुरू हुए इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों, विशेष रूप से नूर खान एयरबेस, पीएएफ बेस मुशाफ, भोलारी एयरबेस और शाहबाज एयरबेस को निशाना बनाया। भारतीय पक्ष ने सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए इन हमलों में हुए नुकसान का सबूत भी पेश किया, जबकि पाकिस्तान ने शुरू में इन हमलों के प्रभाव को कम करने की कोशिश की थी।

ऑपरेशन सिंदूर को भारत ने 26 लोगों की मौत का बदला लेने के लिए शुरू किया था, जो पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए थे। इस ऑपरेशन ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को और बढ़ा दिया। हालांकि, 10 मई को दोनों देशों के बीच एक नाजुक समझौता हुआ, जिसे भारत और पाकिस्तान ने युद्धविराम के रूप में स्वीकार किया।

शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) की प्रतिक्रिया

अपने बयान में शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) ने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान एक शांतिप्रिय राष्ट्र है, लेकिन वह अपनी रक्षा के लिए "उचित जवाब" देने का अधिकार रखता है। उन्होंने भारत के साथ शांति वार्ता की इच्छा जताई और कश्मीर सहित लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को बातचीत के जरिए हल करने की बात कही। यह बयान उनकी उस टिप्पणी के बाद आया, जिसमें उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से अमेरिका, ब्रिटेन, तुर्की, सऊदी अरब, कतर और संयुक्त राष्ट्र का धन्यवाद किया, जिन्होंने भारत-पाकिस्तान तनाव को कम करने में भूमिका निभाई।

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शरीफ ने 16 मई को पंजाब प्रांत के कामरा एयरबेस का दौरा किया था, जहां उन्होंने सैन्य अधिकारियों और सैनिकों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने भारत के साथ शांति वार्ता की वकालत की, लेकिन कश्मीर मुद्दे को इसका एक महत्वपूर्ण शर्त बताया।

भारत ने शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) के इस बयान पर आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, भारतीय पक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम बताया है। भारत ने हमेशा यह रुख अपनाया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में कोई ढील नहीं देगा और किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए तैयार है। भारतीय अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि युद्धविराम में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता शामिल नहीं थी, जैसा कि कुछ अंतरराष्ट्रीय दावों में कहा गया।

शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) का यह बयान पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक और सैन्य गतिशीलता को भी उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की सेना, विशेष रूप से जनरल असीम मुनीर के नेतृत्व में, देश की नीतियों, खासकर भारत के साथ संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) के पास विदेश नीति, विशेष रूप से भारत के साथ नीति के मामले में सीमित अधिकार है।

हाल ही में, पाकिस्तानी सेना प्रमुख द्वारा शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) को ऑपरेशन बुनयान मार्सूस के नाम से एक तस्वीर भेंट करने की घटना भी चर्चा में रही। बाद में यह दावा किया गया कि यह तस्वीर 2017 की एक चीनी सैन्य ड्रिल की थी, जिसे पाकिस्तानी सेना ने अपनी कार्रवाई के रूप में पेश किया। इस घटना ने पाकिस्तान के दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।

शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) का यह बयान भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों को एक नया आयाम देता है। यह न केवल भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक तैयारियों को रेखांकित करता है, बल्कि पाकिस्तान की आंतरिक कमजोरियों को भी उजागर करता है। हालांकि, शरीफ की शांति वार्ता की अपील एक सकारात्मक संदेश देती है, लेकिन कश्मीर जैसे जटिल मुद्दों को हल करने के लिए दोनों देशों को लंबी और जटिल प्रक्रिया से गुजरना होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच यह ताजा तनाव वैश्विक मंच पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस क्षेत्र में स्थिरता की उम्मीद कर रहा है।

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