भरतपुर में बीजेपी युवा नेता की पत्नी की संदिग्ध मौत: दहेज हत्या और गुप्त अंतिम संस्कार के आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मामला।
राजस्थान के भरतपुर जिले में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। बीजेपी युवा मोर्चा के पूर्व जिला महामंत्री आकाश चौधरी की पत्नी प्रियंका चौधरी
राजस्थान के भरतपुर जिले में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। बीजेपी युवा मोर्चा के पूर्व जिला महामंत्री आकाश चौधरी की पत्नी प्रियंका चौधरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के मायके वालों ने आकाश और उनके परिजनों पर दहेज उत्पीड़न, हत्या और शव का गुप्त अंतिम संस्कार करने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शनिवार शाम को सूचना मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की और अंतिम संस्कार रोक लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि आकाश और उनके परिवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या), 85 (दहेज उत्पीड़न) और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच जारी है और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। यह मामला दहेज लोभ की उस कड़वी सच्चाई को फिर से सामने ला रहा है, जो महिलाओं के लिए खतरा बनी हुई है।
घटना शनिवार शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। प्रियंका (33 वर्ष) और आकाश (35 वर्ष) गणेश कॉलोनी में सेवर थाना क्षेत्र के पास रहते थे। मायके वालों के अनुसार, प्रियंका ने विवाह के बाद से ही लगातार दहेज के लिए प्रताड़ना झेली। विवाह 24 नवंबर 2018 को हुआ था। प्रियंका के पिता ओम प्रकाश ने बताया कि उन्होंने शादी पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए थे। लेकिन आकाश के परिवार ने फिर भी संतुष्टि नहीं की। वे एक थार जीप की मांग करते रहे। ओम प्रकाश ने कहा कि बेटी अक्सर फोन पर रोकर अपनी व्यथा सुनाती थी। हाल ही में प्रताड़ना इतनी बढ़ गई कि प्रियंका ने गला दबाकर हत्या करने की कोशिश का जिक्र किया था। शनिवार को एक पड़ोसी ने ओम प्रकाश को फोन कर बताया कि प्रियंका की मौत हो गई है और ससुराल वाले बिना सूचना के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे हैं। ओम प्रकाश ने तुरंत भरतपुर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अंतिम संस्कार रोक लिया। आकाश के परिजन शव को पिडावली गांव ले जा रहे थे, जहां चुपचाप चिता सजाई गई थी। सेवर थाने के एसएचओ ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम ने हस्तक्षेप किया। शव को भरतपुर जिला अस्पताल के मोर्चरी में रखा गया। रविवार को पोस्टमार्टम कराया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट में गला दबाने के निशान मिलने की बात कही जा रही है, लेकिन विस्तृत फोरेंसिक जांच का इंतजार है। पुलिस ने आकाश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आकाश के ससुर, भाई और अन्य रिश्तेदारों को भी नामजद किया गया है। ओम प्रकाश ने शिकायत में कहा कि आकाश ने शव को घर पहुंचने से पहले ही अंतिम संस्कार करने की साजिश रची ताकि हत्या का पर्दाफाश न हो। अगर पड़ोसी की सूचना न मिली होती तो साक्ष्य मिट जाते।
आकाश चौधरी बीजेपी युवा मोर्चा में सक्रिय रहे हैं। वे पिडावली गांव के निवासी हैं और जिला स्तर पर महामंत्री का पद संभाल चुके हैं। पार्टी के स्थानीय नेताओं ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन विपक्ष ने इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की है। कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी नेताओं पर ऐसे आरोप लगना पार्टी की छवि को धूमिल करता है। उन्होंने मांग की कि जांच निष्पक्ष हो और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। भरतपुर एसपी ने कहा कि मामला संवेदनशील है। विशेष टीम गठित की गई है। पड़ोसियों से बयान लिए जा रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। प्रियंका के मोबाइल और कॉल रिकॉर्ड की जांच भी हो रही है। अगर हत्या साबित हुई तो सख्त कार्रवाई होगी।
प्रियंका के परिवार का दर्द देखने लायक है। ओम प्रकाश लुहासा गांव के निवासी हैं, जो नदबई थाना क्षेत्र में आता है। वे एक छोटे किसान हैं। परिवार में प्रियंका के अलावा एक भाई है। ओम प्रकाश ने कहा कि बेटी पढ़ाई में होशियार थी। शादी के बाद वह ससुराल में चुपचाप सहती रही। लेकिन थार जीप की मांग ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। परिवार ने आरोप लगाया कि आकाश नशे का आदी था और अक्सर मारपीट करता था। एक रिश्तेदार ने बताया कि प्रियंका ने कई बार मायके लौटने की धमकी दी थी, लेकिन परिवार ने समझाया। अब वे न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। प्रियंका का एक छोटा बच्चा भी है, जिसका भविष्य अनिश्चित है। परिवार ने कहा कि अगर दोषी साबित हुए तो कड़ी सजा होनी चाहिए।
यह घटना राजस्थान में दहेज हत्याओं की बढ़ती संख्या को उजागर करती है। राज्य महिला आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में 150 से अधिक दहेज संबंधी मामले दर्ज हुए। भरतपुर जिले में ही पिछले साल 12 महिलाओं की संदिग्ध मौत हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता अभियान और सख्त कानून लागू करने की जरूरत है। दहेज निषेध अधिनियम 1961 के तहत सजा हो सकती है, लेकिन साबित करना मुश्किल होता है। पुलिस ने अपील की है कि पीड़ित महिलाएं समय रहते शिकायत करें। एनसीआरबी डेटा से पता चलता है कि देश में हर घंटे एक महिला दहेज के कारण मर रही है। राजस्थान में ग्रामीण इलाकों में यह समस्या ज्यादा है। सरकार ने दहेज निवारण के लिए हेल्पलाइन 181 शुरू की है।
भरतपुर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। डीएम ने परिवार से मुलाकात की और आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया। पुलिस ने आकाश के घर की तलाशी ली, जहां से कुछ दस्तावेज बरामद हुए। आकाश ने शुरुआती पूछताछ में खुद को बेकसूर बताया। कहा कि प्रियंका की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। लेकिन चिकित्सकीय रिकॉर्ड में ऐसा कोई इतिहास नहीं मिला। पड़ोसियों ने बताया कि शनिवार दोपहर को झगड़े की आवाजें सुनाई दी थीं। एक महिला ने कहा कि प्रियंका अक्सर उदास रहती थी। यह घटना स्थानीय समुदाय में सन्नाटा छा गया है। लोग दहेज प्रथा के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है। कई यूजर्स ने न्याय की मांग की है।
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