Thana Bhawan News: बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में 108 सुंदर कांड पाठ के बाद भंडारे का आयोजन
बसंत पंचमी को घरों में केसरिया चावल बनाए जाते हैं। पीले वस्त्र धारण करते हैं, बच्चे पतंग उड़ाकर खुशी का इजहार करते है इस दिन भगवान विष्णु की आज्ञा से प्रजापति ब्रह्मा जी सृष्टि की..
By INA News Thana Bhawan.
थानाभवन: आश्रम पंचतीर्थी के महंत स्वामी रामदेव जी महाराज व अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष ने प्रवचन करते हुए बताया कि माघ मास की शुक्ल पंचमी को किया जाता है। इस दिन बसंत का आगमन होता है। बसंत ऋतु को ऋतुराज कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु तथा सरस्वती जी का पूजन किया जाता है। बसंत पंचमी को घरों में केसरिया चावल बनाए जाते हैं। पीले वस्त्र धारण करते हैं, बच्चे पतंग उड़ाकर खुशी का इजहार करते है इस दिन भगवान विष्णु की आज्ञा से प्रजापति ब्रह्मा जी सृष्टि की रचना कर पृथ्वी पर आए तो उन्हें सारा वातावरण मूक-सा दिखा, जैसे किसी की वाणी ही ना हो।
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उदासी और मलिनता को दूर करने के लिए ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से जल छिड़का तो उन जल कणों के वृक्षों पर पड़ते ही चार भुजाओं वाली एक शक्ति उत्पन्न हुई, जो दो हाथों में वीणा बजाती तथा दो हाथों में पुस्तक और माला धारण किए हुए प्रकट हुईं। ब्रह्माजी ने वीणावादिनी से वीणा वादन कर सृष्टि में व्याप्त उदासीनता को दूर करने एवं वाणी का संचार करने को कहा। मां सरस्वती ने वीणा बजाकर सृष्टि में वाणी का संचार कर दिया इसलिए इन्हें वाणी की देवी भी कहा जाता है। मां सरस्वती विद्या और बुद्धि की माता सरस्वती की कृपा से व्यक्ति बुद्धिमान होता है। और सारे जगत में कीर्ति प्राप्त करता है। माघ शुक्ल पंचमी को मां भगवती का पूजन गृहस्थ जीवन सुखी होकर कीर्ति प्राप्त करता है। कार्यक्रम को सफल बनाने स्वामी अमरदेव जी सेवा समिति का विशेष सहयोग रहा है।
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