यमुना नदी में कालिया नाग दिखने का दावा गलत, वायरल वीडियो AI जनरेटेड है जानें पूरी सच्चाई।
भारत में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने लोगों में हलचल मचा दी, जिसमें दावा किया गया कि वृंदावन की यमुना नदी में द्वापर युग वाला
- भारत में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने लोगों में हलचल मचा दी, जिसमें दावा किया गया कि वृंदावन की यमुना नदी में द्वापर युग वाला कालिया नाग फिर से दिखाई दिया है, लेकिन फैक्ट चेक में सामने आया कि यह वीडियो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जनरेटेड है और वास्तविक घटना नहीं है।
- वृंदावन में कालिया नाग का वायरल वीडियो फर्जी, AI से बनाया गया क्लिप फैक्ट चेक में हुआ खुलासा
- द्वापर काल का कालिया नाग वृंदावन में लौटा? वायरल वीडियो की फैक्ट चेक रिपोर्ट से सामने आई सच्चाई
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें दावा किया गया कि वृंदावन की यमुना नदी में कालिया नाग दिखाई दिया है। वीडियो में नदी के पानी से कई फन वाला बड़ा काला सांप बाहर निकलता दिख रहा है। दावे में कहा गया कि यह द्वापर युग वाला कालिया नाग है जो भगवान कृष्ण से जुड़ा है। वीडियो में सांप पानी से निकलकर फन फैलाता है। यह दृश्य लोगों में उत्सुकता और डर दोनों पैदा कर रहा है। कई लोग इसे धार्मिक संकेत मान रहे हैं। वीडियो की जांच में पाया गया कि यह असली घटना नहीं है। वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया गया है। इसमें कोई वास्तविक फुटेज नहीं है। वीडियो में गति और विवरण AI की विशेषताएं दिखाते हैं।
वायरल वीडियो में कालिया नाग जैसा सांप यमुना नदी से निकलता दिखाया गया है। दावे में कहा गया कि वृंदावन में यह घटना हुई है। वीडियो में सांप के फन और शरीर की बनावट पौराणिक कथा से मिलती-जुलती है। जांच में पाया गया कि वीडियो AI टूल से जनरेटेड है। इसमें वास्तविक पानी की लहरें या प्राकृतिक गति नहीं है। AI से बने वीडियो में अक्सर ऐसी असंगतियां होती हैं। वीडियो की उत्पत्ति जांच में सामने आई। यह कोई असली घटना नहीं है। यमुना नदी में ऐसा कोई सांप नहीं देखा गया। वन विभाग या स्थानीय प्रशासन से कोई पुष्टि नहीं हुई। वीडियो पूरी तरह काल्पनिक है।
फैक्ट चेक रिपोर्ट में वायरल वीडियो को AI जनरेटेड बताया गया है। वीडियो में कालिया नाग जैसा सांप दिखाया गया है। दावा है कि वृंदावन की यमुना में यह दिखा। जांच में पाया गया कि वीडियो असली नहीं है। AI टूल से बनाया गया है। वीडियो में सांप की गति और फन की बनावट कृत्रिम है। प्राकृतिक वीडियो में ऐसी स्पष्टता नहीं होती। वन विभाग या पुलिस से कोई रिपोर्ट नहीं आई। वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाया गया। दावा धार्मिक संदर्भ से जुड़ा है। वीडियो फर्जी साबित हुआ है। कोई वास्तविक घटना नहीं हुई।
वृंदावन की यमुना नदी में कालिया नाग दिखने का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में कई फन वाला सांप पानी से निकलता है। दावा किया गया कि यह द्वापर युग का कालिया नाग है। फैक्ट चेक में वीडियो AI जनरेटेड पाया गया। वीडियो में कोई असली फुटेज नहीं है। AI से बनाए वीडियो में ऐसी विशेषताएं होती हैं। वन विभाग या स्थानीय लोगों से कोई पुष्टि नहीं हुई। वीडियो काल्पनिक है। दावा गलत है। वीडियो सोशल मीडिया पर फैला। जांच में सच्चाई सामने आई। कोई घटना नहीं घटी।
यमुना नदी में कालिया नाग का वीडियो वायरल है। वीडियो में सांप फन फैलाता दिखता है। दावा वृंदावन से जुड़ा है। फैक्ट चेक में वीडियो AI से बना बताया गया। वीडियो असली नहीं है। AI जनरेटेड क्लिप है। वीडियो में प्राकृतिक तत्व नहीं हैं। कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। वन विभाग या प्रशासन से कोई खबर नहीं आई। वीडियो फर्जी है। दावा गलत साबित हुआ। वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। सच्चाई जांच से सामने आई।
वायरल वीडियो में कालिया नाग जैसा सांप दिखाया गया है। दावा यमुना नदी वृंदावन से है। वीडियो में सांप पानी से निकलता है। फैक्ट चेक रिपोर्ट में वीडियो AI जनरेटेड पाया गया। वीडियो कृत्रिम है। कोई वास्तविक घटना नहीं है। AI टूल से बनाया गया। वीडियो में असंगतियां हैं। स्थानीय स्तर पर कोई पुष्टि नहीं। वीडियो फर्जी साबित हुआ। दावा भ्रामक है। वीडियो फैलाया गया। जांच पूरी हुई।
इस वायरल वीडियो का फैक्ट चेक किया गया। वीडियो में कालिया नाग दिखाया गया है। दावा वृंदावन यमुना से जुड़ा है। वीडियो AI जनरेटेड है। कोई असली घटना नहीं हुई। AI से बनाया गया क्लिप है। वीडियो में प्राकृतिकता नहीं है। कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं आई। वीडियो फर्जी है। दावा गलत साबित हुआ। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। सच्चाई जांच से सामने आई।
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