मुसलमानों की आबादी बढ़ी है, लेकिन इसे खतरे की तरह दिखाना राजनीति- मौलाना मोहम्मद मियां
Sambhal: सम्भल के धर्मगुरु मौलाना मोहम्मद मियां से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की तेजी से बढ़ती आबादी के बारे में पूछा गया तो इस पर उन्होंने बेहद स्पष्ट
उवैस दानिश, सम्भल
Sambhal: सम्भल के धर्मगुरु मौलाना मोहम्मद मियां से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की तेजी से बढ़ती आबादी के बारे में पूछा गया तो इस पर उन्होंने बेहद स्पष्ट अंदाज़ में जवाब दिया।
मौलाना मोहम्मद मियां ने कहा, “देखिए, हर किसी की अपनी ज़रूरतें होती हैं और अपनी राजनीति चमकाने के लिए राजनेता तरह-तरह के बयान देते रहते हैं। मैं किसी के बयान को गलत नहीं कहता, हर किसी को बोलने का अधिकार है। मुसलमानों की आबादी पिछले कुछ सालों में न सिर्फ़ भारत बल्कि पूरी दुनिया में बढ़ी है, लेकिन इसे खतरे की तरह पेश करना राजनीति है, और मैं इसके हक़ में नहीं हूं।” धर्मगुरु ने आगे कहा कि इस्लाम शांति का मज़हब है और इसमें टकराव की कोई जगह नहीं।
उन्होंने सनातन धर्म और इस्लाम को एक-दूसरे के बेहद करीब बताया। उनके शब्दों में, “मैंने इस्लाम और सनातन धर्म दोनों का अध्ययन किया है। इस्लाम में एक ईश्वरवाद है, सनातन धर्म में भी एक ईश्वरवाद है। इस्लाम में अवतारवाद है, सनातन में भी। आखिरत यानी परलोक का विश्वास इस्लाम में है, वही धारणा सनातन धर्म में भी है। केवल इबादत के तरीके अलग हैं। अगर हम तासुब की ऐनक हटाकर दोनों धर्मों को पढ़ें तो यह साफ लगेगा कि इस्लाम, सनातन धर्म का एक मॉडर्न एडिशन है।” जब उनसे सम्भल की आबादी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि उनके पास आधिकारिक आंकड़े नहीं हैं, लेकिन यह सच है कि आज़ादी के बाद से मुसलमानों की आबादी बढ़ी है।
उन्होंने इसके कारण भी गिनाए – “सम्भल में रोजगार और बड़े शैक्षणिक संस्थानों की कमी रही। हमारे हिंदू भाई रोजगार और शिक्षा की तलाश में दिल्ली, मुरादाबाद व अन्य जगहों पर चले गए। बार-बार दंगे-फसाद भी इसका कारण रहे। यही वजह है कि हिन्दू आबादी यहाँ कुछ घटी है, लेकिन वजह वह नहीं है जो नेता लोग बताते हैं।” उन्होंने सम्भल की गंगा-जमुनी तहज़ीब पर खास जोर देते हुए कहा कि यहां के हिंदू और मुसलमान आपस में आज भी भाईचारे के साथ रहते हैं। “हम आज भी एक थाली में बैठकर खाते हैं। हिन्दू भाई मेरे घर आते हैं, मैं उनके घर जाता हूं। हमारे बीच कभी नफरत की दीवार नहीं रही। बाहर के लोग हालात बिगाड़ने की कोशिश करते हैं और उसका राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं। लेकिन सम्भल की गंगा-जमुनी तहज़ीब इतनी मजबूत है कि कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाया।” मौलाना मोहम्मद मियां के इस बयान से यह साफ हो गया है कि सम्भल की असली तस्वीर भाईचारे और मोहब्बत की है, न कि नफरत और विभाजन की, जैसा कुछ नेता दिखाना चाहते हैं।
Also Read- उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की नई हेल्पलाइन: '149' और 1800-1800-151 पर 24×7 जनहित सेवाएँ।
What's Your Reaction?