Hardoi: बेनीगंज पुलिस से मुठभेड़ में दो भैंस चोर गिरफ्तार, दोनों घायल; तीन चोरी की भैंसें, नकदी व हथियार बरामद।
हरदोई जिले के थाना बेनीगंज क्षेत्र में भैंस चोरी की कई घटनाओं के वांछित दो बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। मुठभेड़
हरदोई जिले के थाना बेनीगंज क्षेत्र में भैंस चोरी की कई घटनाओं के वांछित दो बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में दोनों को गोली लगी और वे घायल हो गए। उनके कब्जे से तीन चोरी की भैंसें, 25 हजार रुपये नकदी, एक पिकअप डाला और दो अवैध तमंचे समेत कारतूस बरामद हुए। चार अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस के अनुसार, बेनीगंज क्षेत्र के ग्राम जसईपुर मजर मांदिग वां के निवासी सुरेश ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जीवन, अमर, बच्चू और पिंटू नाम के चार लोगों ने उनके गांव के एक अन्य व्यक्ति के घर के बाहर बंधी चार भैंसों को चोरी कर लिया। इस मामले में बेनीगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
इसी तरह, ग्राम दीपरी के निवासी राजकुमार ने बताया कि अज्ञात लोगों ने उनके गांव के दो अन्य व्यक्तियों के घर के बाहर बंधी कुल पांच भैंसें चुरा लीं। इसकी शिकायत पर भी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। एक अन्य घटना में, ग्राम लोधखेड़ कल्याणपुर के निवासी कृष्णकुमार ने शिकायत की कि अज्ञात लोगों ने उनके घर के बाहर बंधी तीन भैंसें चुरा लीं। इस मामले में भी बेनीगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर भैंस चोरी रोकने के लिए गठित टीम लगातार छापेमारी कर रही थी। मुखबिर से सूचना मिली कि इन घटनाओं से जुड़े वांछित बदमाश कल्याणपुर-दमदमा खेड़ा रोड पर चोरी की भैंसों को बेचने के लिए ले जा रहे हैं। इस पर पुलिस टीम ने रोड पर नाकाबंदी की। सूचना के आधार पर पहुंची टीम को भैंसों से लदी एक पिकअप दिखाई दी। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो चालक ने भागने की कोशिश की। पीछा करने पर पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में फंस गई। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने के इरादे से तमंचों से फायरिंग शुरू कर दी।
आत्मरक्षा में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें फुरकान पुत्र उस्मान निवासी ग्राम अघौर थाना तिसांधौली जनपद सीतापुर को बाएं पैर और शराफत पुत्र शाहनू निवासी ग्राम पलड़ी थाना शाहपुर जनपद मुजफ्फरनगर को दाएं पैर में गोली लग गई। दोनों घायल अवस्था में मौके से गिरफ्तार कर लिए गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। उनके कब्जे से दो 12 बोर तमंचे, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, पिकअप डाला (नंबर यूपी 12 बीटी 9016), तीन चोरी की भैंसें और 25 हजार रुपये नकदी बरामद हुई। नकदी चोरी की भैंसें बेचकर कमाई गई थी।
पूछताछ में पता चला कि बदमाश अपने साथियों के साथ दिन में गांवों में घूमकर भैंसों के बंधे होने की जगहों की रेकी करते थे। रात में तय जगह पर पहुंचकर भैंस चुरा लेते थे। फिर पिकअप में लादकर ले जाते और एमके एग्रो फर्म के जरिए अन्य जिलों की फूड कंपनियों को बेच देते थे। जसईपुर की चार चोरी की भैंसों को एमके एग्रो फर्म के माध्यम से उन्नाव जिले की एक फूड कंपनी को बेचा गया था। पांच भैंसों को एलन सुपर कंपनी को बेचा गया। बरामद तीन भैंसों से जुड़ी घटना का भी मुकदमा दर्ज है। फुरकान का पहले भी अपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ सीतापुर के अतरौलिया थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज है। बरामद भैंसों से जुड़े तीनों मुकदमों का खुलासा हो गया। पुलिस टीम में थाना प्रभारी ओमप्रकाश सरोज, उप निरीक्षक अनेकपाल सिंह, रामनंद्र विश्वकर्मा, हेड कांस्टेबल रामबरन, जीत बहादुर, राजनेश समेत कई पुलिसकर्मी शामिल थे।
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