MP News: पानी की एक एक बूंद को तरस रहे अटारी के ग्रामीण- पानी की समस्या लेकर जनपद उपाध्यक्ष के साथ कलेक्टर के पास पहुँचे ग्रामीण।
कहा जलजीवन मिशन आज भी पड़ी है आधी अधूरी, ठेकेदार की मनमानी से आये दिन घायल हो रहे ग्रामीण, लगाई पानी दिलाए जाने की गुहार....
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में भीषण गर्मी का दौर जारी है अब खुलने लगी जलजीवन मिशन की पोल कागजो में पूरी हुई योजना की सच्चाई आ रही सामने पानी की एक एक बूंद को तरसने को मजबूर है ग्रामीण शासन को लगाया जा रहा करोड़ो का चूना दरअसल ताजा मामला चिचोली जनपद के अंतर्गत आने वाले ग्राम अटारी से सामने आया है जहाँ 50 वर्षों से जलसंकट लगातार चला आ रहा है ग्रामीण पोखरों कुओं से गंदा मटमैला पानी पीने को मजबूर है इसको लेकर प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी योजना को भी अधिकारी पलीता लगाने से पीछे नही हट रहे है।
ग्रामीणों ने कई बार पीएचई विभाग को अपनी इस गंभीर जलसंकट की समस्या से अवगत भी करवाया है पर खानापूर्ति के लिए भी कभी कोई अधिकारी मौके पर जाकर देखना उचित नही समझता नतीजा है कि हर साल भीषण जलसंकट का सामना ग्रामीण जनता कर रही है और जान जोखिम में डालकर कुओं और पोखरों का गंदा पानी पीने को मजबूर है इसी समस्या को लेकर ग्रामीण आज कलेक्टर के पास पहुँचे और अपनी भीषण जल समस्या का समाधान कर पानी दिलाये जाने की मांग की है।
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वहीं कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याओं का जल्द ही समाधान निकाला जाएगा और कलेक्टर स्वयं अटारी पहुँचकर मौके पर समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने का प्रयास करने की बात कही है पर सवाल यहाँ यह उठता है कि जब जिम्मेदार जिले के पीएचई अधिकारी है तो उनके द्वारा अभी तक इस मामले में संज्ञान क्यों नही लिया गया जबकि लगातार ग्रामीण शिकायत के माध्यम से अपनी जल समस्या की बात करते आ रहे है पर अपने एसी केबिन में बैठकर अपने चहितो के गुणगान करने में ही व्यस्त रहते है और ठेकेदारो को संरक्षण देकर उनके साथ मीटिंग में ही व्यस्त रहते है।
मीडिया में अपना पक्ष रखने की बात पर भी अपना पल्ला झाड़ लेते है कि जनसम्पर्क अधिकारी से हमारा पक्ष जान लो हमे मीडिया में अपना पक्ष रखने का अधिकार नही है अब देखना यह होगा कि कलेक्टर महोदय मामले में संज्ञान लेकर ग्रामीणों को जल समस्या से निजात दिलाते है या यूं ही भीषण गर्मी में अपनी जान जोखिम में डालकर बून्द बून्द पानी जुटाएंगे।
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