सास के बंद मकान से बरामद 75 लाख की नकदी, ओडिशा विजिलेंस ने अतिरिक्त तहसीलदार पर कसा शिकंजा, आय से अधिक संपत्ति का बड़ा खुलासा
छापेमारी के दौरान सबसे बड़ा खुलासा भुवनेश्वर के बदगड़ा ब्रिट कॉलोनी में स्थित एक बंद मकान से हुआ, जहां करीब 75 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई। यह मकान जि
ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कटक जिले के बारंगा तहसील में तैनात अतिरिक्त तहसीलदार जितेंद्र कुमार पांडा से जुड़े ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के आरोप में 30 दिसंबर 2025 को एक साथ छापेमारी की गई। यह कार्रवाई स्पेशल विजिलेंस जज, भुवनेश्वर द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर हुई। छापेमारी चार स्थानों पर की गई, जिसमें बारंगा तहसील कार्यालय में उनका आधिकारिक चैंबर, भुवनेश्वर और खोरधा जिले में स्थित आवासीय संपत्तियां शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान सबसे बड़ा खुलासा भुवनेश्वर के बदगड़ा ब्रिट कॉलोनी में स्थित एक बंद मकान से हुआ, जहां करीब 75 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई। यह मकान जितेंद्र कुमार पांडा की सास के नाम पर पंजीकृत है। सूत्रों के अनुसार, सास गंभीर रूप से बीमार हैं और बिस्तर पर ही रहती हैं, तथा वे अतिरिक्त तहसीलदार के साथ ही रहती हैं। आशंका है कि नकदी को शक से बचाने के लिए इस मकान में छिपाकर रखा गया था। नकदी की गिनती अभी जारी है। इसके अलावा अन्य स्थानों से 6.20 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी, लगभग 100 ग्राम सोने के आभूषण, एक चार पहिया वाहन किआ सेल्टोस, चार दोपहिया वाहन भी बरामद किए गए। कुल नकदी की राशि 82 लाख रुपये तक पहुंच गई है। विजिलेंस टीम ने कई अचल संपत्तियां भी पाईं, जिनमें भुवनेश्वर में दो ट्रिपल-स्टोरी भवन, एक 2 बीएचके फ्लैट उत्तर क्षेत्र में, तथा खोरधा जिले में एक डबल-स्टोरी भवन शामिल हैं। चार उच्च मूल्य के प्लॉट भी बरामद हुए, जिनमें तीन भुवनेश्वर के प्रमुख इलाकों में और एक खोरधा में हैं।
विजिलेंस की तकनीकी टीम इन संपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है। जितेंद्र कुमार पांडा ने सरकारी सेवा 1995 में निदेशक पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवाएं, कटक के कार्यालय में सीनियर लेबोरेटरी असिस्टेंट के रूप में शुरू की थी, जहां उनकी प्रारंभिक मासिक वेतन 2000 रुपये था। जांच में यह देखा जा रहा है कि ज्ञात आय स्रोतों की तुलना में ये संपत्तियां कितनी अधिक हैं। एक अलग स्थान से बरामद सोने के आभूषणों और अन्य वस्तुओं का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। पांडा से जुड़े एक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया लॉकर को अभी खोला नहीं गया है, क्योंकि बैंक खातों, पोस्टल डिपॉजिट और अन्य निवेशों की जांच चल रही है। छापेमारी के दौरान चार डीएसपी के नेतृत्व में टीमों ने विभिन्न स्थानों पर तलाशी ली।
यह मामला आय से अधिक संपत्ति के आरोप पर आधारित है और जांच जारी है। विजिलेंस विभाग ने पांडा के परिवार के सदस्यों से जुड़ी संपत्तियों का भी पता लगाया है। बरामद संपत्तियों में भुवनेश्वर के गोपालुनी नगर, बदगड़ा में एक ट्रिपल-स्टोरी भवन, एलबी-187 बदगड़ा ब्रिट कॉलोनी में एक अन्य ट्रिपल-स्टोरी भवन तथा खोरधा के सनापल्ला में डबल-स्टोरी भवन शामिल हैं। छापेमारी की शुरुआत 30 दिसंबर 2025 की सुबह हुई और शाम तक प्रमुख खुलासे हुए। नकदी की बड़ी राशि सास के मकान से मिलने से मामला और गंभीर हो गया है। विभाग ने सभी बरामद वस्तुओं को सुरक्षित कर लिया है और आगे की जांच में दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
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