लियर में सराफा कारोबारी के 20 लाख के सोने के जेवर स्कूटर से गिरे, दो युवक उठाकर भागे, सीसीटीवी से पहचान कर पुलिस ने घेरा
लीर कस्बा मुजफ्फरनगर जिले में स्थित है, जो दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर बसा एक व्यस्त व्यापारिक केंद्र है। यहां सराफा बाजार छोटा लेकिन सक्रिय है, जहां स्थानीय और आ
उत्तर प्रदेश के लियर कस्बे में एक सराफा कारोबारी के साथ एक चोर बाजार जैसी घटना हो गई। एक सोने के जेवरों से भरे बॉक्स को स्कूटर से गिरते देख दो स्कूटी सवार युवकों ने मौके का फायदा उठाया और उसे उठाकर फरार हो गए। जेवरों की कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसकी मदद से पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान कर ली है। अब वे छापेमारी कर रहे हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रहे हैं। यह घटना स्थानीय कारोबारियों में सतर्कता बढ़ा रही है, जहां छोटे-छोटे अपराध भी बड़ी चोरी का रूप ले लेते हैं। आइए, इस घटना को विस्तार से जानते हैं।
लीर कस्बा मुजफ्फरनगर जिले में स्थित है, जो दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर बसा एक व्यस्त व्यापारिक केंद्र है। यहां सराफा बाजार छोटा लेकिन सक्रिय है, जहां स्थानीय और आसपास के ग्राहक आभूषण खरीदने आते हैं। पीड़ित कारोबारी का नाम राजेश कुमार है, जो लीर के मुख्य बाजार में अपनी दुकान चलाते हैं। वे पिछले 15 वर्षों से इस धंधे में हैं और मुख्य रूप से शादी-ब्याह के सीजन में जेवर बनवाने का काम करते हैं। 14 नवंबर 2025 की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे राजेश अपनी दुकान से एक कस्टमर के लिए तैयार जेवरों का बॉक्स लेकर निकले। बॉक्स में करीब 200 ग्राम सोने के हार, चूड़ियां, कान की बालियां और अंगूठियां भरी हुई थीं, जिनकी बाजार कीमत 20 लाख रुपये के आसपास थी। ये जेवर एक नजदीकी गांव की दुल्हन के लिए बनाए गए थे।
राजेश ने बताया कि वे अपने स्कूटर पर सवार होकर कस्टमर के घर जा रहे थे, जो लीर से करीब पांच किलोमीटर दूर था। मुख्य बाजार से निकलते ही सड़क पर हल्का ट्रैफिक था। अचानक एक गड्ढे के कारण स्कूटर का बैलेंस बिगड़ गया और बॉक्स सड़क पर गिर पड़ा। राजेश ने तुरंत स्कूटर रोका और बॉक्स उठाने के लिए नीचे झुके। लेकिन इसी बीच पीछे से आ रही एक स्कूटी पर सवार दो युवक रुक गए। उन्होंने देखा कि बॉक्स खुला पड़ा है और चमकते जेवर सड़क पर बिखरे हुए हैं। एक युवक ने तेजी से बॉक्स उठाया और स्कूटी पर चढ़ गया। दूसरा युवक राजेश को धक्का देकर भगा दिया। दोनों ने स्कूटी स्टार्ट की और तेज रफ्तार से भाग निकले। पूरी घटना मुश्किल से 30 सेकंड की थी। राजेश चिल्लाए, लेकिन आसपास के लोग दुकानों में व्यस्त थे और कोई मदद न पहुंच सका।
राजेश ने तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी पर जाकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा, "मैंने कभी सोचा नहीं था कि इतनी बड़ी रकम का सामान सड़क पर गिर जाएगा। युवक इतने शातिर थे कि बिना रुके उठा ले गए।" पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और घटनास्थल पर पहुंची। वहां बाजार में लगे चार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकाली गई। एक दुकान के कैमरे में साफ दिखा कि स्कूटी का नंबर DL 9S 4567 है। युवकों के चेहरे भी मास्क न पहनने के कारण दिख रहे थे। पुलिस ने फुटेज को सर्विलांस सेल में भेजा, जहां से इलाके के 20 अन्य कैमरों की मदद ली गई। दो घंटे के अंदर दोनों की पहचान हो गई। पहला आरोपी अमित त्यागी, 24 वर्षीय, लियर का ही निवासी है, जो स्थानीय ऑटो रिक्शा चलाता है। दूसरा रोहन शर्मा, 22 वर्ष, पड़ोसी गांव ककरौली का, जो बेरोजगार है। दोनों के बीच पहले से चोरी की छोटी-मोटी वारदातों का इतिहास मिला।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने बताया कि दोनों युवक स्कूटी पर सवार होकर बाजार घूम रहे थे, जब उन्हें मौका मिला। वे जेवरों को स्थानीय स्तर पर बेचने की योजना बना रहे थे। अमित के घर पर छापा मारा गया, लेकिन वे फरार हैं। रोहन के मोबाइल लोकेशन से पता चला कि वे मुजफ्फरनगर की ओर भागे हैं। तीन पुलिस टीमें बनाई गई हैं, जो हाईवे पर नाके लगा रही हैं। एसएसपी ने कहा, "सीसीटीवी तकनीक ने फिर साबित किया कि अपराध छिप नहीं सकता। हम 24 घंटे के अंदर दोनों को पकड़ लेंगे और जेवर बरामद करेंगे।" कस्टमर परिवार भी सदमे में है। दुल्हन के पिता ने कहा कि शादी का सामान था, अब क्या करेंगे। वे पुलिस से अपील कर रहे हैं कि जल्द सामान लौटाया जाए।
यह घटना लीर और आसपास के कस्बों में सनसनी फैला रही है। सराफा कारोबारी संघ ने बैठक बुलाई और सभी सदस्यों को सतर्क रहने की सलाह दी। संघ के अध्यक्ष ने कहा, "ऐसी घटनाएं व्यापार को प्रभावित करती हैं। हमें अब जेवर ले जाते समय दो-तीन लोगों के साथ जाना चाहिए।" मुजफ्फरनगर जिले में पिछले तीन महीनों में पांच ऐसी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, जहां मौका देखकर अपराधी हाथ साफ कर लेते हैं। पुलिस ने जिले भर में सर्विलांस बढ़ा दिया है। सीसीटीवी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 50 नए कैमरे लगाने का प्लान है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर गड्ढे और ट्रैफिक की कमी अपराध को आसान बनाती है।
राजेश का परिवार अब परेशान है। उनकी दुकान छोटी है, जहां पत्नी और एक बेटा मदद करते हैं। इस घटना से उनका एक महीने का मुनाफा डूब गया। वे कहते हैं, "पुलिस का सहयोग अच्छा है, लेकिन सावधानी बरतनी पड़ेगी।" स्थानीय लोग भी चर्चा कर रहे हैं कि कैसे दो युवक इतनी बड़ी रकम का सामान उठा ले गए। सोशल मीडिया पर फुटेज वायरल हो रही है, जहां लोग पुलिस की तारीफ कर रहे हैं।
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