बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में बृजवासियों से मांस-मदिरा दुकानों पर रोक लगाने की अपील की

सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2025 की शुरुआत 7 नवंबर को दिल्ली से हुई। यह यात्रा बागेश्वर धाम से प्रेरित है, लेकिन इसका फोकस हिंदू समाज को एकजुट करना है। यात्रा का

Nov 16, 2025 - 14:05
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बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में बृजवासियों से मांस-मदिरा दुकानों पर रोक लगाने की अपील की
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में बृजवासियों से मांस-मदिरा दुकानों पर रोक लगाने की अपील की

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का माहौल भक्ति और उत्साह से भरा हुआ है। बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस पदयात्रा के दौरान बृज क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे मांस और मदिरा की दुकानें न लगाएं। उन्होंने कहा कि बृज धाम को पवित्र बनाए रखने के लिए इन दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएं और इन्हें क्षेत्र से बाहर रखा जाए। यह अपील यात्रा के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सामने आई, जो हिंदू एकता को मजबूत करने का संदेश दे रही है। पदयात्रा दिल्ली से शुरू होकर वृंदावन पहुंची है, जहां हजारों श्रद्धालु जुटे हैं।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बागेश्वर धाम सरकार के नाम से भी जाना जाता है, मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर हैं। उनका जन्म 4 जुलाई 1996 को हुआ था। वे बालाजी महाराज के परम भक्त हैं और राम कथा, भागवत कथा तथा भक्तमाल कथा का पाठ करते हैं। 2016 से वे बागेश्वर धाम में दिव्य दरबार लगाते हैं, जहां लोगों की समस्याओं का समाधान बताते हैं। उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी, खासकर सोशल मीडिया के जरिए। लाखों लोग उनके सत्संगों में शामिल होते हैं। 2022 में वे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए, जब नागपुर पुलिस ने अंधविश्वास के आरोप में शिकायत की, लेकिन जांच में उन्हें क्लीन चिट मिल गई। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने उनका समर्थन किया। धीरेंद्र ने हमेशा सनातन धर्म की एकता और पवित्रता पर जोर दिया है।

सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2025 की शुरुआत 7 नवंबर को दिल्ली से हुई। यह यात्रा बागेश्वर धाम से प्रेरित है, लेकिन इसका फोकस हिंदू समाज को एकजुट करना है। यात्रा का नारा है "सनातन की हुँकार"। धीरेंद्र ने कहा कि यह यात्रा बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ भी आवाज उठाएगी। यात्रा का मार्ग दिल्ली से गुजरते हुए आगरा, फिर मथुरा और वृंदावन तक है। कुल दूरी करीब 200 किलोमीटर है। रोजाना सुबह पदयात्रा शुरू होती है, जिसमें भगवा वस्त्र पहने श्रद्धालु जयकारे लगाते चलते हैं। शाम को सत्संग और भजन संध्या होती है। यात्रा में अन्नपूर्णा रसोई चल रही है, जहां मुफ्त भोजन बंट रहा है।

15 अक्टूबर 2025 को मथुरा पहुंचने पर धीरेंद्र ने बृजवासियों को संबोधित किया। एक वीडियो में उन्होंने कहा, "बृज धाम में मांस और मदिरा बिक्री की दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएं। इन्हें बृज क्षेत्र से बाहर रखा जाए। इसी शुभ संकल्प के साथ हम यह पदयात्रा कर रहे हैं।" यह अपील वृंदावन के एक सत्संग में हुई। उन्होंने बृज को भगवान कृष्ण की नगरी बताते हुए कहा कि यहां की पवित्रता बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। बृज क्षेत्र में मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन और बलदेव जैसे स्थान आते हैं। यहां सालाना करोड़ों पर्यटक आते हैं। लेकिन मांस-मदिरा की दुकानें धार्मिक पर्यटन को प्रभावित करती हैं। धीरेंद्र ने कहा कि हिंदू समाज को एकजुट होकर इनका विरोध करना चाहिए।

यह अपील नई नहीं है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2021 में मथुरा में मांस और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था। उन्होंने कहा था कि बृज भूमि का विकास आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक विरासत के मिश्रण से होगा। कई धार्मिक स्थलों जैसे हरिद्वार, ऋषिकेश, अयोध्या में पहले से ही ऐसे प्रतिबंध हैं। धीरेंद्र की अपील को स्थानीय हिंदू संगठनों ने सराहा। विश्व हिंदू परिषद के नेता ने कहा कि यह सनातन धर्म की रक्षा के लिए जरूरी कदम है। लेकिन कुछ व्यापारियों ने चिंता जताई कि इससे उनकी आजीविका प्रभावित होगी। एक दुकानदार ने कहा, "हम कानून मानेंगे, लेकिन वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था होनी चाहिए।"

पदयात्रा का नौवां दिन 15 नवंबर को वृंदावन में बीता। यहां मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने यात्रा में भाग लिया और धीरेंद्र को सम्मानित किया। शाम के सत्र में बी प्राक, जुबिन नौटियाल और स्वाति मिश्रा जैसे कलाकारों ने भजन गाए। पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। काशी से आए ब्राह्मणों ने आरती की। यात्रा में महिलाओं और युवाओं की बड़ी संख्या है। धीरेंद्र ने कहा कि यह यात्रा केवल पैदल चलना नहीं, बल्कि सनातन के लिए संकल्प लेना है। सोशल मीडिया पर #SanatanHinduEktaPadyatra ट्रेंड कर रहा है। बागेश्वर धाम के आधिकारिक हैंडल पर वीडियो वायरल हो रहे हैं।

धीरेंद्र की अपील ने बृज क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि वे लाइसेंस की समीक्षा करेंगे। पर्यटन विभाग ने बृज को शाकाहारी हब बनाने की योजना पर काम तेज किया है। यात्रा में अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। श्रद्धालु अनुशासित हैं। एक महिला भक्त ने कहा, "धीरेंद्र की बात सही है। बृज को स्वच्छ और पवित्र रखना चाहिए।" यात्रा का समापन वृंदावन में ही होगा, जहां बड़ा धार्मिक आयोजन होगा।

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