Gorakhpur: गोरखपुर का वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर 3 बना यूपी का पहला 'जल अर्पण गांव', देश में दूसरा। 

सौ साल तक उपेक्षा का दंश झेलने को मजबूर रहे वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर तीन, योगी सरकार में बुनियादी सुविधाओं के विकास और गरीब

Dec 25, 2025 - 22:25
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Gorakhpur: गोरखपुर का वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर 3 बना यूपी का पहला 'जल अर्पण गांव', देश में दूसरा। 
गोरखपुर का वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर 3 बना यूपी का पहला 'जल अर्पण गांव', देश में दूसरा। 

गोरखपुर। सौ साल तक उपेक्षा का दंश झेलने को मजबूर रहे वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर तीन, योगी सरकार में बुनियादी सुविधाओं के विकास और गरीब कल्याणकारी योजनाओं से निखर उठा है। सीएम योगी द्वारा प्रतिवर्ष दीपावली मनाने के लिए भी विख्यात यह गांव अब नई उपलब्धि के लिए भी जाना जाएगा। जंगल तिकोनिया नंम्बर तीन प्रदेश का पहला और देश का दूसरा जल अर्पण गांव बन गया। इसका आधिकारिक शुभारंभ शुक्रवार (26 दिसंबर) को जल गांव में जल अर्पण कार्यक्रम मनाने के साथ हो जाएगा। 

जल जीवन मिशन के अंतर्गत वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर तीन राज्य का ऐसा पहला गांव बन गया है जहां प्रत्येक घर में चौबीस घंटे नल से जल की आपूर्ति हो रही है। इस कारण इस गांव को जल अर्पण गांव का नाम दिया जा रहा है। जल निगम ग्रामीण की तरफ से शत प्रतिशत घरों में नल से जलापूर्ति का ट्रायल तीन महीने से चल रहा था। ट्रायल की सफलता के बाद शुक्रवार को जल अर्पण कार्यक्रम का आयोजन कर पाइप्ड वाटर सप्लाई के संचालन की व्यवस्था ग्राम पंचायत को सौंप दी जाएगी। मुख्य अतिथि के रूप में सांसद रविकिशन शुक्ला मौजूद रहेंगे। अगले दस वर्षों तक यहां की पेयजल परियोजना का रख रखाव, क्वालिटी मॉनिटरिंग कार्यदायी संस्था के जिम्मे होगी। गोरखपुर के मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी के अनुसार जंगल तिकोनिया नंबर तीन में ग्रामीणों को निर्बाध जलापूर्ति मिलेगी। 

देश का दूसरा जल अर्पण गांव है जंगल तिकोनिया नंबर तीन

वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर तीन यूपी का पहला और देश का दूसरा जल अर्पण गांव है। देश का पहला जल अर्पण गांव मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले का कुंडीबेह है। 

योगी सरकार के किया वनटांगिया गांव का कायाकल्प

जिस गांव के लोग राजस्व अभिलेख में नागरिक का दर्जा हासिल करने से वंचित थे, उस वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर तीन के कायाकल्प का श्रेय योगी सरकार को है। इस गांव को अब अति विशिष्ट गांव के रूप में जाना जाता है। इसकी वजह है मुख्यमंत्री योगी का इस गांव के प्रति विशेष अनुराग। योगी यहां वर्ष 2009 से ही बतौर सांसद यहां दीपावली मनाते हैं और मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने खुद द्वारा शुरू की गई परंपरा में रुकावट नहीं आने दी। उन्होंने वनटांगियों की बदहाली, खुशहाली में बदल दिया है। बतौर सांसद योगी आदित्यनाथ लोकसभा में वनटांगिया अधिकारों के लिए लड़कर 2010 में अपने स्थान पर बने रहने का अधिकार पत्र दिलाया। 2017 में मुख्यमंत्री बने तो वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा देकर उन्हें शासन प्रदत्त सभी सुविधाओं का हकदार बना दिया। उन्होंने वनटांगिया गांवों को आवास, सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, जैसे संसाधनों के साथ ही यहां रहने वालों को जनहित की सभी योजनाओं से आच्छादित कर दिया है।

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