गोरखपुर: पशु तस्करों के हमले में मारे गए NEET छात्र दीपक गुप्ता के परिजनों से मिले सीएम योगी, 5 लाख की सहायता दी और न्याय का भरोसा दिलाया
परिवार ने तुरंत पिपराइच थाने में तहरीर दी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 147 (दंगा) और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। घटना की खबर फैलते ही
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक दुखी परिवार से मुलाकात कर उनकी पीड़ा को साझा किया। पिपराइच थाना क्षेत्र के महुआचाफी गांव में 15-16 सितंबर की रात पशु तस्करों के साथ झड़प में मारे गए 20 वर्षीय NEET छात्र दीपक गुप्ता के माता-पिता से गोरखनाथ मंदिर में सीएम ने भेंट की। मुलाकात के दौरान सीएम ने दीपक की मां सीमा देवी को 5 लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने दीपक के पिता दुर्गेश गुप्ता के कंधे पर हाथ रखकर ढांढस बंधाया और कहा कि सरकार हर कदम पर परिवार के साथ खड़ी है। सीएम ने अपराधियों को सख्त सजा दिलाने का भरोसा दिया। यह मुलाकात करीब 10 मिनट चली, जिसमें परिजनों ने अपनी व्यथा सुनाई। सीएम की इस संवेदनशीलता ने परिवार को थोड़ी राहत दी।
घटना की शुरुआत 15 सितंबर की रात करीब 3 बजे हुई थी। महुआचाफी गांव में कुछ पशु तस्कर तीन गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे। वे गांव में बंधे मवेशियों को खोलने लगे। इस हलचल से ग्रामीणों की नींद खुल गई। दीपक गुप्ता, जो NEET की तैयारी कर रहा था, भी घर से बाहर निकला। वह ग्रामीणों के साथ तस्करों का पीछा करने लगा। तस्करों ने विरोध करने पर लाठियों से हमला किया। झड़प में दीपक को सिर पर चोट लगी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि गोली नहीं लगी, बल्कि गिरने से चोट आई। लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने तस्करों पर पथराव किया, जिसमें एक तस्कर घायल हो गया। बाद में उसकी मौत हो गई। दीपक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार ने तुरंत पिपराइच थाने में तहरीर दी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 147 (दंगा) और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। घटना की खबर फैलते ही गांव में गुस्सा भड़क गया। 16 सितंबर की सुबह ग्रामीणों ने गोरखपुर-पिपराइच रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस को समझाने पर पथराव हुआ। स्थिति बिगड़ने पर पीएसी बुलानी पड़ी। इस लापरवाही पर एसएसपी राजकरण नैय्यर ने जंगल धूषण चौकी के इंस्पेक्टर समेत सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। विभागीय जांच शुरू हो गई। एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने गांव पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और सीएम को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। 17 सितंबर को मुख्य आरोपी पशु तस्कर रहीम का एनकाउंटर कर दिया गया। पिपराइच और कुशीनगर पुलिस के संयुक्त अभियान में रहीम घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके अलावा चार अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एसएसपी ने बताया कि तस्करों का गिरोह नेपाल सीमा से जुड़ा था। वे नियमित मवेशी चुराते थे। दीपक की हत्या में प्लास्टिक की बंदूक और लाठियां इस्तेमाल हुईं। जांच में पता चला कि तस्करों ने ग्रामीणों को डराने के लिए हथियार लहराए। परिवार ने मांग की कि दीपक को शहीद का दर्जा दिया जाए। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने आश्वासन दिया कि सभी मांगें पूरी होंगी।
सोमवार की मुलाकात गोरखनाथ मंदिर में सुबह 10 बजे हुई। दीपक के पिता दुर्गेश, मां सीमा, छोटा भाई प्रिंस और चाचा सुरेंद्र-वीरेंद्र पहुंचे। सीएम ने मां को चेक देते हुए कहा कि यह आर्थिक मदद है, लेकिन दीपक का दर्द कभी न भरेगा। पिता के कंधे पर हाथ रखकर बोले कि बेटे की तरह दीपक मेरा भी बेटा था। हर संभव सहायता देंगे। परिवार ने सीएम से कहा कि गांव में सुरक्षा बढ़े। तस्करों की जड़ें काटी जाएं। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवार से नियमित संपर्क रखें। इस मौके पर सांसद रविकिशोर शुक्ल और विधायक महेंद्रपाल सिंह भी मौजूद थे। सीएम की यह पहल सोशल मीडिया पर सराही गई। ट्विटर पर #YogiWithDeepakFamily ट्रेंड करने लगा। हजारों यूजर्स ने लिखा कि सीएम की संवेदना सच्ची है।
गोरखपुर में ऐसी घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। जिला नेपाल सीमा से सटा है, जहां पशु तस्करी का धंधा फल-फूल रहा है। इस साल जनवरी से अब तक दर्जनों मामले सामने आए। लेकिन दीपक की हत्या ने सबको झकझोर दिया। वह पढ़ाईशुदा युवक था। NEET क्रैक करने का सपना देख रहा था। डॉक्टर बनकर परिवार का नाम रोशन करना चाहता था। पिता दुर्गेश किसान हैं। घर की आर्थिक स्थिति सामान्य है। मां सीमा गृहिणी। छोटा भाई प्रिंस स्कूल जाता है। परिवार ने कहा कि सीएम की मदद से अब पढ़ाई जारी रहेगी। लेकिन दीपक की कमी कभी न भरेगी। गांव वाले कहते हैं कि रात में गश्त हो तो तस्कर न आएं। एक ग्रामीण ने बताया कि हम डरते हैं, लेकिन पुलिस अब सक्रिय है।
सीएम योगी की यह कार्यशैली उनकी पहचान है। वे पीड़ितों से सीधे मिलते हैं। जनता दर्शन में सैकड़ों समस्याएं सुनते हैं। गोरखपुर में ही उन्होंने गरीबों के लिए कल्याण मंडप बनवाया। लेकिन अपराध पर जीरो टॉलरेंस उनकी नीति है। एनकाउंटर और सस्पेंशन से अपराधी डरते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी लगाने चाहिए। तस्करी रोकने के लिए अंतरराज्यीय समन्वय जरूरी। परिवार को काउंसलिंग दी जा रही है। छोटे भाई प्रिंस को मोटिवेट किया जा रहा। उम्मीद है कि जांच पूरी होकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होगी। सजा मिलेगी तो गांव शांत होगा।
यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर करती है। युवा पीढ़ी पढ़ाई में लगी है, फिर भी अपराध का शिकार हो रही। पशु तस्करी जैसे धंधे गांवों को बर्बाद कर रहे। सरकार की सख्ती से सुधार होगा। सीएम की मुलाकात ने परिवार को ताकत दी। 5 लाख की मदद से घर चल सकेगा। लेकिन न्याय ही असली सांत्वना है। गोरखपुर फिर सुरक्षित बने, यही सबकी प्रार्थना।
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