RSS के कार्यक्रमों में अब भाग ले सकेंगे सरकारी कर्मचारी, मोदी सरकार ने हटाया प्रतिबंध।
नई दिल्ली। 58 साल पहले 1966 में केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने पर प्रतिबंध लगाया था। पिछले हफ्ते कथित तौर पर केंद्र सरकार ने ये आदेश जारी किया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों में सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने पर लगा प्रतिबंध अब हटा लिया गया है। गृह मंत्रालय की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।
वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इसका स्वागत किया है। रविवार को केंद्र सरकार की ओर से जारी उस फैसले की तीखी आलोचना की है, जिसमें आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने को लेकर 6 दशक पुरानी पाबंदी को हटा दिया गया है। इससे पहले पहले की केंद्र सरकारों की ओर से साल 1966, 1970 और 1980 के उन आदेशों में संशोधन किया गया है, जिनमें कुछ अन्य संस्थाओं के साथ-साथ आरएसएस की शाखाओं तथा अन्य गतिविधियों में शामिल होने पर सरकारी कर्मचारियों पर कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू किए गए थे। पूर्व की कांग्रेस सरकारों ने समय-समय पर सरकारी लोगों के आरएसएस के कार्यक्रमों में शामिल होने पर रोक लगा दी थी।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में एक ऑफिस मेमोरेंडम का हवाला दिया था। यह मेमोरेंडम 9 जुलाई का बताया जा रहा है। जयराम रमेश ने एक्स पर कहा, 'फरवरी 1948 में गांधीजी की हत्या के बाद सरदार पटेल ने RSS पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद अच्छे आचरण के आश्वासन पर प्रतिबंध को हटाया गया। इसके बाद भी RSS ने नागपुर में कभी तिरंगा नहीं फहराया। 1966 में, RSS की गतिविधियों में भाग लेने वाले सरकारी कर्मचारियों पर प्रतिबंध लगाया गया था - और यह सही निर्णय भी था। यह 1966 में बैन लगाने के लिए जारी किया गया आधिकारिक आदेश है। 4 जून 2024 के बाद, स्वयंभू नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री और RSS के बीच संबंधों में कड़वाहट आई है। 9 जुलाई 2024 को, 58 साल का प्रतिबंध हटा दिया गया जो अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान भी लागू था। मेरा मानना है कि नौकरशाही अब निक्कर में भी आ सकती है।
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अमित मालवीय ने ऑर्डर की कॉपी शेयर करते हुए लिखा, ‘मोदी सरकार ने 58 साल पहले यानी 1966 में सरकारी कर्मचारियों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों में भाग लेने पर लगाया गया असंवैधानिक प्रतिबंध हटा दिया है। यह आदेश शुरू में ही पारित नहीं होना चाहिए था'।
कांग्रेस के एक अन्य नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन खेड़ा ने भी केंद्र पर हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर निराशा जाहिर करते हुए कहा, “58 साल पहले, केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने को लेकर प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन अब मोदी सरकार ने उस आदेश को पलट दिया है।
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