Hardoi: हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हुई मौत, ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लगाया आरोप

Sep 22, 2024 - 00:33
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Hardoi: हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हुई मौत, ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लगाया आरोप

Hardoi News INA.
पाली (Pali) थाना क्षेत्र के सेमरझाला गांव में छत के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर किसान की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। सवायजपुर सीएचसी प्रशासन की सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना के बाद से लोगों में बहुत आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग को लाइन हटाने के लिए सूचित किया गया था लेकिन विभाग ने इसके बारे में कुछ नहीं सुना। उन्हीं की लापरवाही से यह मौत हुई है। दरअसल, सेमरझाला गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह (48) खेती करते थे। उनके मकान के ऊपर से हाईटेंशन लाइन निकली है। धर्मेंद्र के पुत्र अंकित के मुताबिक पिता खाना खाने के बाद बृहस्पतिवार रात लगभग साढ़े नौ बजे छत पर सोने गए थे। इस दौरान 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। शोर सुनकर परिजन ऊपर गए तो वह बिजली की लाइन में चिपके थे।

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किसी तरह उन्हें वहां से हटाकर सीएचसी सवायजपुर लाया गया। यहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। परिवार में पत्नी रेनू, तीन पुत्र और एक पुत्री है। पाली के प्रभारी निरीक्षक रमेश चंद्र पांडेय ने बताया कि सवायजपुर अस्पताल प्रशासन की सूचना पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना को लेकर अवर अभियंता सरफराज अहमद ने बताया कि धर्मेंद्र ने हाईटेंशन लाइन पर सरिया मारी थी। इस कारण करंट लगा और उनकी मौत हो गई। ज्ञात हो कि सेमरझाला गांव की आधे से ज्यादा आबादी हर वक्त खतरे के बीच रहती है। आधा गांव ही हाईटेंशन लाइन के नीचे बसा है। सवायजपुर विद्युत उपकेंद्र के अलियापुर फीडर से सेमरझाला गांव में बिजली की आपूर्ति के लिए हाईटेंशन लाइन बनी है।

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हाईटेंशन लाइन के नीचे लगभग 50 मकान बने हुए हैं और इनमें तकरीबन 300 लोग रहते हैं। यह लाइन वर्ष 2007-08 में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत बनाई गई थी। मकानों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन निकले होने के सवाल पर अवर अभियंता सरफराज अहमद ने बताया कि ग्रामीणों ने हाईटेंशन लाइन के नीचे बाद में आवास बनाए हैं। यह आवास अवैध हैं लेकिन ग्रामीणों के हित को देखते हुए यहां से हाईटेंशन लाइन हटाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण अगर नई लाइन डालने के लिए जमीन उपलब्ध करा दें तो प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया जाएगा। फिलहाल इस घटना के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग की लापरवाही को लेकर नाराजगी है और उन्हें भय है कि आगे भी कहीं कोई व्यक्ति ऐसी घटना का शिकार फिर से न हो जाए।

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