Hardoi: विश्व मृदा दिवस पर भव्य कृषक-वैज्ञानिक संवाद एवं संगोष्ठी आयोजित, किसानों को मृदा स्वास्थ्य एवं टिकाऊ खेती की दी गई जानकारी।
विश्व मृदा दिवस 05 दिसम्बर, 2025 के अवसर पर कृषि विभाग द्वारा कृषक वैज्ञानिक संवाद एवं कृषक संगोष्ठी का भव्य आयोजन सम्भागीय कृषि
हरदोई: विश्व मृदा दिवस 05 दिसम्बर, 2025 के अवसर पर कृषि विभाग द्वारा कृषक वैज्ञानिक संवाद एवं कृषक संगोष्ठी का भव्य आयोजन सम्भागीय कृषि परीक्षण एवं प्रदर्शन केन्द्र, बिलग्राम चुगी, हरदोई में किया गया। इस कार्यक्रम का उददेश्य जनपद के कृषकों को मृदा स्वास्थ्य, वैज्ञानिक कृषि तकनीकों तथा टिकाऊ खेती के महत्व से अवगत कराना है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ भूमि की उर्वरता भी दीर्घकाल तक सुरक्षित रह सके।
कार्यक्रम के शुरूआत में कृषि विज्ञान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा० डी० वी० सिंह द्वारा कार्यकम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विश्व मृदा दिवस हर वर्ष 05 दिसम्बर, को वैश्चिक स्तर पर मनाया जाता है, ताकि किसानों, वैज्ञानिकों एवं आम नागरिकों में मिट्टी के संरक्षण और उसके संतुलित उपयोग को लेकर जागरूकता उत्पन्न की जा सके। इसी कम में कृषि विभाग हरदोई द्वारा यह विशेष आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिक मृदा परीक्षण की प्रक्रिया, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लाभ, उर्वरक प्रबन्धन, सूक्ष्य पोषक तत्वों का महत्व, फसल विविधकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण तकनीक तथा मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दिया। वैज्ञानिक द्वारा किसानों को यह भी बताया गया है कि कैसे वे अपनी भूमि की प्रकृति के अनुसार संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाकर लागत घटा सकते हैं और उत्पादन बढ़ा सकते हैं। कृषक संगोष्ठी में किसानों की समस्याओं, जमीनी अनुभवों और तकनीकी चुनौतियों पर खुला संवाद आयोजित हुआ, जिसमें कृषि विभाग के विशेषज्ञ त्वरित समाधान प्रस्तुत किया।
कार्यकम दौरान विभागीय योजनाओं जैसे मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, पी०एम० किसान, फसल बीमा, कृषि यंत्रीकरण, ड्रिप सिंचाई, उन्नति बीज उत्पादन एवं जैविक खाद प्रोत्साहन योजनओं की विस्तृति जानकारी भी साझा की गयी। सम्भागीय कृषि परीक्षण एवं प्रदर्शन केन्द्र में विभिन्न फसलों, प्राकृतिक खेती, उन्नति किसमों, कीट एवं रोग प्रबन्धन, तकनीकों के लाइव प्रदर्शन भी रखे गये। जैसे किसान द्वारा अवलोकन किया गया तथा अपनी खेती में उपयोगी तकनीकों को अपना सकेंगे। किसानों को वैज्ञानिक तरीकों से मिट्टी की संरचना को सुरक्षित रखना, कार्बन मात्रा बढ़ाने, रासायिनक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा हरी खाद एवं जैविक विधियों के महत्व को समझानें के लिए विशेषज्ञ द्वारा आयोजित किये गये। कार्यक्रम में उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी द्वारा मृदा संरक्षण से सम्बन्धित विभागीय योजनाओं, फसल अवशेष प्रबन्धन एवं कृषि यंत्रीकरण आदि पर कृषकों को विस्तार से अवगत कराया गया। भूमि संरक्षण अधिकारी डा० निधि राठौर द्वारा मृदा संरक्षण हेतु विभागीय योजनाओं पर प्रकाश डाला गया। जिला कृषि रक्षा अधिकारी द्वारा मृदा दिवस के समस्त पहलुओं द्वारा विस्तृति व्याख्या की गयी।
इस कार्यकम में उप कृषि निदेशक (शोध) राजेश कुमार सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी डा० निधि राठौर, जिला कृषि अधिकारी डा० सतीश पाठक, जिला कृषि रक्षा अधिकारी इन्द्रजीत यादव, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी विनीत कुमार, अध्यक्ष मृदा परीक्षण प्रयोगशाला प्रभात बाबू वर्मा, गन्ना शोध संस्थान के पूर्व वैज्ञानिक आर०डी० तिवारी सहित जनपद के तमाम कृषक उपस्थित रहे। इस अवसर पर कृषक अवधेश कुमार, अमर सिंह, अनिल कुमार को मृदा स्वास्थ्य कार्ड देकर सम्मानित किया गया। अन्त में मृदा संरक्षण हेतु सभी को शपथ दिलायी गयी।
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