श्री गंगानगर: चलती AC बस में लगी भीषण आग, ड्राइवर की सूझबूझ से सभी यात्री सुरक्षित, सामान जलकर राख।
राजस्थान के श्री गंगानगर जिले के खाजूवाला क्षेत्र में शनिवार सुबह एक सनसनीखेज घटना ने सभी का ध्यान खींचा, जब जयपुर से श्री गंगानगर ....
श्री गंगानगर : राजस्थान के श्री गंगानगर जिले के खाजूवाला क्षेत्र में शनिवार सुबह एक सनसनीखेज घटना ने सभी का ध्यान खींचा, जब जयपुर से श्री गंगानगर जा रही एक एयर-कंडीशन्ड (AC) बस में अचानक भीषण आग लग गई। ड्राइवर की त्वरित सूझबूझ और साहस के कारण बस में सवार सभी 35 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, कुछ यात्रियों का सामान आग की चपेट में आकर जलकर राख हो गया। प्रारंभिक जांच में आग का कारण गर्मी के कारण इंजन का ओवरहीट होना या शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। पुलिस और अग्निशमन विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है, और मामले की गहन जांच की जा रही है।
घटना शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे खाजूवाला के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-911 पर हुई, जब एक निजी ऑपरेटर की AC बस, जो जयपुर से श्री गंगानगर के लिए रवाना हुई थी, अचानक आग की लपटों में घिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस के इंजन से धुआं निकलता दिखाई दिया, जिसके बाद ड्राइवर ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोका और यात्रियों को बाहर निकालने का निर्देश दिया। बस में सवार 35 यात्री, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे, ड्राइवर और कंडक्टर की मदद से सुरक्षित बाहर निकल आए।
एक यात्री, श्री गंगानगर के निवासी रमेश कुमार, ने बताया, “हम लोग आराम से यात्रा कर रहे थे, तभी अचानक धुआं दिखाई दिया। ड्राइवर ने जोर से चिल्लाकर हमें बाहर निकलने को कहा। हम सब डर गए थे, लेकिन ड्राइवर की सूझबूझ से हमारी जान बच गई।” कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्होंने जल्दबाजी में अपना सामान, जैसे बैग, पैसे और जरूरी दस्तावेज, बस में ही छोड़ दिया, जो आग में पूरी तरह नष्ट हो गया।
आग की सूचना मिलते ही खाजूवाला पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। बस का ढांचा और यात्रियों का सामान राख में तब्दील हो गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि बस की खिड़कियों का कांच पिघल गया और आसपास का क्षेत्र धुएं से भर गया।
- पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
श्री गंगानगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव यादव ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। “ड्राइवर की त्वरित कार्रवाई के कारण सभी यात्री सुरक्षित हैं, जो एक बड़ी राहत है। हमने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर आग का कारण शॉर्ट सर्किट या इंजन का ओवरहीट होना प्रतीत हो रहा है, लेकिन फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट के बाद ही सटीक कारण स्पष्ट होगा,” उन्होंने कहा।
पुलिस ने बस ऑपरेटर, जैन ट्रैवल्स रजिस्टर्ड (डॉल्फिन), के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है। बस के रखरखाव और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए एक विशेष फॉरेंसिक टीम गठित की गई है। इसके अलावा, पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आग किसी साजिश या बाहरी कारक का परिणाम तो नहीं थी।
- आग का संभावित कारण
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग का कारण गर्मी के कारण इंजन का ओवरहीट होना या इलेक्ट्रिकल सर्किट में शॉर्ट सर्किट हो सकता है। श्री गंगानगर में गर्मी की तीव्रता हाल के हफ्तों में चरम पर रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 13 जून 2025 को श्री गंगानगर में अधिकतम तापमान 49.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस साल भारत में सबसे अधिक तापमान था। इस अत्यधिक गर्मी ने वाहनों के इंजन और एयर-कंडीशनिंग सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव डाला, जिसके परिणामस्वरूप ओवरहीटिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं।
अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “AC बसों में इलेक्ट्रिकल सिस्टम और कूलिंग यूनिट्स पर ज्यादा लोड पड़ता है, खासकर गर्मी के मौसम में। अगर रखरखाव ठीक न हो, तो शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि बस में अग्निशमन यंत्र मौजूद था, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि ड्राइवर इसका इस्तेमाल नहीं कर सका।
- यात्रियों की प्रतिक्रिया
सभी 35 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया, और किसी को गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि, कुछ यात्रियों को धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ और घबराहट की शिकायत हुई, जिन्हें नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया। यात्रियों ने ड्राइवर की साहसिक कार्रवाई की जमकर तारीफ की। एक यात्री, सुनीता देवी, ने कहा, “ड्राइवर ने हमें बार-बार चिल्लाकर बाहर निकलने को कहा। अगर वह समय पर बस न रोकता, तो हम सबकी जान खतरे में पड़ सकती थी।”
कई यात्रियों ने अपने सामान के नष्ट होने पर दुख जताया। एक यात्री, अशोक शर्मा, ने बताया कि उनके बैग में नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और पारिवारिक आभूषण थे, जो पूरी तरह जल गए। “हमारी जान तो बच गई, लेकिन हमारा सामान सब खत्म हो गया। अब हमें नहीं पता कि इसके लिए मुआवजा कैसे मिलेगा,” उन्होंने कहा।
- बस ऑपरेटर की प्रतिक्रिया
जैन ट्रैवल्स रजिस्टर्ड (डॉल्फिन), जिसके बेड़े में यह बस थी, ने घटना पर खेद जताया और कहा कि वे यात्रियों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। ऑपरेटर के एक प्रतिनिधि ने बताया, “हमारी बस का नियमित रखरखाव किया जाता है, और यह घटना अप्रत्याशित थी। हम पुलिस और फॉरेंसिक जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। प्रभावित यात्रियों को मुआवजा प्रदान करने के लिए हमारी बीमा कंपनी से बात चल रही है।”
- श्री गंगानगर में गर्मी और वाहन सुरक्षा
श्री गंगानगर में हाल के हफ्तों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि वाहनों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 13 जून 2025 को दर्ज 49.4 डिग्री सेल्सियस का तापमान इस क्षेत्र में गर्मी की तीव्रता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी चरम मौसमी परिस्थितियों में बसों और अन्य वाहनों के लिए विशेष रखरखाव और सुरक्षा जांच जरूरी है।
पिछले कुछ वर्षों में श्री गंगानगर में वाहन आग की कई घटनाएं सामने आई हैं। सितंबर 2021 में अनूपगढ़ में एक स्लीपर कोच बस और ट्रक की टक्कर के बाद आग लग गई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। इन घटनाओं ने निजी बस ऑपरेटरों के सुरक्षा मानकों और सड़क परिवहन नियमों के पालन पर सवाल उठाए हैं।
सोशल मीडिया पर इस घटना की खबर तेजी से फैली। ‘एक्स’ पर @ABPNews और @lalluram_news ने इस हादसे की जानकारी साझा करते हुए ड्राइवर की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, “श्री गंगानगर में ड्राइवर की सूझबूझ ने कई जिंदगियां बचाईं। लेकिन बस ऑपरेटरों को अपने वाहनों की जांच और रखरखाव पर ध्यान देना चाहिए।”
जिला प्रशासन ने प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है और उन्हें अस्थायी आवास और परिवहन की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। जिला मजिस्ट्रेट रवि जैन ने कहा, “हम इस घटना की गहन जांच कर रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।”
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