घर के भीतर से भरा हुआ गैस सिलेंडर लेकर रफूचक्कर हुआ शातिर, सीसीटीवी में कैद हुई लाइव चोरी।
बिहार की राजधानी पटना के पटना सिटी इलाके में अपराधियों और चोरों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह समाप्त होता नजर आ रहा है। ताजा
- पटना सिटी के मेहदीगंज में दिनदहाड़े दुस्साहस, परिजनों की मौजूदगी के बावजूद रसोई घर तक पहुँचा चोर, सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल
- राजधानी में छोटे अपराधों का बड़ा ग्राफ, सिलेंडर चोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पुलिस ने शुरू की आरोपी की तलाश
बिहार की राजधानी पटना के पटना सिटी इलाके में अपराधियों और चोरों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह समाप्त होता नजर आ रहा है। ताजा मामला मेहदीगंज थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक शातिर चोर ने दिन के उजाले में एक घर के भीतर प्रवेश कर भरा हुआ एलपीजी गैस सिलेंडर चोरी कर लिया। यह घटना जितनी साधारण लगती है, उससे कहीं अधिक डरावनी इसलिए है क्योंकि जिस समय चोर घर के भीतर दाखिल हुआ, उस समय परिवार के सभी सदस्य घर में ही मौजूद थे। चोर ने बड़ी ही खामोशी से घर का मुख्य दरवाजा खोला और सीधे रसोई घर तक जा पहुँचा। घर के लोग दूसरे कमरों में अपने कार्यों में व्यस्त थे और उन्हें भनक तक नहीं लगी कि कोई अजनबी उनके घर के भीतर मौत का सामान यानी गैस सिलेंडर लेकर बाहर निकल रहा है।
वारदात की पूरी प्रक्रिया घर के प्रवेश द्वार और आंगन में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक युवक, जो साधारण कपड़ों में है, पहले घर के बाहर काफी देर तक रेकी करता है। जब उसे विश्वास हो जाता है कि घर का मुख्य द्वार केवल सटा हुआ है और लॉक नहीं है, तो वह दबे पांव भीतर दाखिल होता है। कुछ ही मिनटों के भीतर वह युवक अपने कंधे पर भारी-भरकम भरा हुआ सिलेंडर लादे हुए बाहर निकलता हुआ दिखाई देता है। चोर की चाल-ढाल में किसी भी प्रकार की घबराहट नहीं दिख रही थी, जिससे यह प्रतीत होता है कि वह इस तरह की छोटी-मोटी चोरियों का आदी है या पहले भी ऐसी वारदातों को अंजाम दे चुका है।
- रसोई गैस सिलेंडर की कालाबाजारी
पटना जैसे घने बसे शहरों में भरे हुए गैस सिलेंडर की चोरी एक संगठित अपराध का रूप ले रही है। एक भरे हुए सिलेंडर की कीमत बाजार में अच्छी-खासी होती है और इसे अवैध रिफिलिंग करने वालों या छोटे होटलों में आसानी से औने-पौने दामों पर बेचा जा सकता है। चोर अक्सर ऐसे सामानों को निशाना बनाते हैं जिन्हें बिना किसी पहचान के तुरंत नकद में बदला जा सके।
मेहदीगंज थाना क्षेत्र के जिस मोहल्ले में यह घटना हुई, वहां के निवासियों में अब भारी असुरक्षा का भाव है। पीड़ित परिवार को चोरी का पता तब चला जब दोपहर का खाना बनाने के लिए गृहिणी रसोई में पहुँची। वहां से भरा हुआ सिलेंडर गायब देखकर पहले तो उन्हें लगा कि शायद किसी परिजन ने उसे हटाया होगा, लेकिन जब घर के सभी सदस्यों ने अनभिज्ञता जताई, तब सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। फुटेज देखने के बाद परिवार के सदस्यों के पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि चोर उनके बगल वाले कमरे से होकर गुजरा था। यदि उस समय कोई उसे रोकने की कोशिश करता, तो वह अपराधी हिंसक भी हो सकता था, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान होने की संभावना बनी रहती।
स्थानीय पुलिस को इस मामले की लिखित सूचना दे दी गई है और सीसीटीवी फुटेज को भी साक्ष्य के तौर पर सौंप दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर चोर के हुलिए की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह संदेह जताया जा रहा है कि चोर उसी इलाके या आसपास की किसी झुग्गी बस्ती का रहने वाला हो सकता है, जो अक्सर घरों की रेकी करते रहते हैं। पुलिस ने मोहल्ले के अन्य घरों में लगे कैमरों की भी पड़ताल शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोर किस दिशा से आया था और सिलेंडर ले जाने के लिए उसने किस वाहन का उपयोग किया या वह पैदल ही इसे लेकर दूर तक चला गया।
पटना सिटी का यह इलाका अपनी तंग गलियों और घनी आबादी के लिए जाना जाता है, जहाँ दिन के समय भी अजनबियों का आना-जाना लगा रहता है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। निवासियों का कहना है कि छोटी चोरियां ही आगे चलकर बड़ी डकैती या लूट का आधार बनती हैं। पुलिस की सुस्ती के कारण छोटे अपराधी बेखौफ होकर घरों में घुसने की हिम्मत जुटा रहे हैं। मेहदीगंज पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और क्षेत्र में संदिग्धों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिस पर लोग तरह-तरह की चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं। वीडियो में जिस सफाई से चोर ने भारी सिलेंडर को कंधे पर उठाया, वह उसकी शारीरिक क्षमता और अभ्यास को दर्शाता है। इस वायरल वीडियो ने पटना पुलिस के सुरक्षा दावों पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अक्सर देखा गया है कि पुलिस बड़ी वारदातों पर तो सक्रिय होती है, लेकिन सिलेंडर या साइकिल चोरी जैसे मामलों को गंभीरता से नहीं लेती, जिससे इन अपराधियों का मनोबल बढ़ता जाता है। अब देखना यह होगा कि सीसीटीवी जैसे पुख्ता सबूत होने के बाद पुलिस कितनी मुस्तैदी से कार्रवाई करती है।
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