धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार एवं मंदिरों के निर्माण में अहिल्याबाई होल्कर का महत्वपूर्ण योगदान रहा- अजीत सिंह बब्बन
Hardoi: लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की पुण्यतिथि पर जिला भाजपा कार्यालय पर जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन अन्य पदाधिकारी कार्यकर्ताओं....
Hardoi: लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की पुण्यतिथि पर जिला भाजपा कार्यालय पर जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन अन्य पदाधिकारी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि कर श्रद्धांजलि अर्पित की। जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने की दिशा में जनसहभागिता के साथ काम किया तथा महिला उत्थान की दिशा में निर्णायक फैसले लिए, जो कि आज के समय में हमारे लिए प्रेरणा है।
अहिल्याबाई होलकर प्रेरणाश्रोत है, उनके जीवन को आत्मसात करते हुए अपने व्यवहार में संयम और सरलता का भाव लाना होगा। सामाजिक जीवन में यदि आगे बढ़ना है तो सर्व समावेशी और बड़ा हृदय रखना होगा। तभी हम समाज की सच्चे अर्थों में सेवा कर पाएंगे। अहिल्याबाई साहसिक रूप में जितनी प्रसिद्ध थी उतनी ही धार्मिक कार्यों में लिप्त रहकर संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य करती थी। बद्रीनाथ, केदारनाथ, काशी विश्वनाथ आदि तमाम धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार एवं मंदिरों के निर्माण में अहिल्याबाई होल्कर का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जिला अध्यक्षने कहा कि महिलाओं के लिए अहिल्याबाई एक सशक्त प्रेरणा श्रोत है। गृहस्थ से लेकर नीति निर्धारण तक उनका कोई सानी नहीं था। कहा कि भाजपा सरकार में देश में पुनः ऐसा वातावरण बना है जहां महिलाओं के आगे बढ़ने के लिए कल्याणकारी योजनाएं सृजित की जा रही है। पीएम मोदी का विजन है कि भारत शक्ति को पूजता है। महिलाएं जब तक सशक्त सक्षम और स्वावलंबी नहीं होंगी तब तक भारत के विकास में गति नहीं आएगी। इसीलिए भाजपा की सरकार और संगठन में महिलाओं की हिस्सेदारी निरंतर बढ़ती जा रही है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि संसार में कुछ ऐसी विभूतियां भी जन्मी हैं जो अवतारी तो नहीं थीं लेकिन उनका व्यक्तित्व और कृतित्व अवतारी शक्तियों के समतुल्य रहा। इंदौर की महारानी देवि अहिल्याबाई का व्यक्तित्व ऐसा ही था। उनका सादगीपूर्ण जीवन, धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के लिये समर्पण जीवन, उनके द्वारा किये गये जन कल्याणकारी कार्य, विशेषकर किसानों और महिलाओं के हित में लिये गये उनके निर्णयों ने उनकी ओर पूरे भारत के शासकों का ध्यान आकर्षित किया । यह उनके व्यक्तित्व की विशेषता ही है कि आज लगभग तीन सौ वर्ष बीत जाने के बाद भी वे जन सामान्य में सम्मान और श्रृद्धा का केन्द्र हैं।
कहा कि भारत के प्रत्येक भाग और प्रत्येक समाज वर्ग के व्यक्ति के हित को ध्यान में रखकर काम किये । इन कार्यों पर जितना धन उन्होंने व्यय किया उतना किसी रियासत ने नहीं किया फिर भी उनका राजकोष समृद्ध था । उनकी विचारशीलता बहुत व्यापक थी। पूरा भारत राष्ट्र और सनातन विचार उनके चिंतन में समाया थी। वे बहुत दूरदर्शी थीं। भविष्य का भारत कैसे प्रतिष्ठित हो, आने वाली पीढ़ी और समाज कैसे सुसंस्कृत हो और कैसे भारत राष्ट्र का सांस्कृतिक गौरव पुनर्प्रतिठित हो, वे दिन रात इसी चिंतन में डूबी रहतीं थीं । इसकी झलक उनकी कार्यशैली में भी दिखती है। यह प्रदर्शनी उनके जीवन का सार है, भारतवासी जीवनभर उनके ऋणी रहेंगे।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जिला महामंत्री अनुराग मिश्रा ओम वर्मा सत्यम शुक्ला मुकुल सिंह आशुतोष बाजपेई आजाद अनुराग श्रीवास्तव हर्षित मिश्रा सनी दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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