भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर शोषण के आरोपों के बीच ब्राह्मण वकील पर उठा विवाद, भीम आर्मी के दावों पर बड़ा प्रश्नचिन्ह

मामला कोर्ट पहुंच चुका है। रोहिणी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। उन्होंने इमेज डैमेज का आरोप लगाया। चंद्रशेखर ने मानहानि का केस किया। रोहिणी ने कहा कि वह स

Nov 23, 2025 - 22:41
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भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर शोषण के आरोपों के बीच ब्राह्मण वकील पर उठा विवाद, भीम आर्मी के दावों पर बड़ा प्रश्नचिन्ह
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर शोषण के आरोपों के बीच ब्राह्मण वकील पर उठा विवाद, भीम आर्मी के दावों पर बड़ा प्रश्नचिन्ह

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से स्विट्जरलैंड में पीएचडी कर रही डॉ. रोहिणी घावरी ने उत्तर प्रदेश के नगीना लोकसभा सीट से सांसद और भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। रोहिणी का दावा है कि चंद्रशेखर ने शादी का झांसा देकर उनका भावनात्मक और शारीरिक शोषण किया। उन्होंने अन्य लड़कियों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार करने का आरोप लगाया है। रोहिणी ने राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इस मामले ने दलित समाज और भीम आर्मी की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में रोहिणी ने चंद्रशेखर के ब्राह्मण वकील चुनने पर तंज कसा, जो उनके ब्राह्मण विरोधी बयानों से मेल नहीं खाता।

रोहिणी घावरी का जन्म इंदौर में एक सफाई कर्मचारी परिवार में हुआ। उनके पिता शहर में सफाईकर्मियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हैं। रोहिणी ने अपनी शिक्षा में कड़ी मेहनत की। उन्होंने एक करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति हासिल की और स्विट्जरलैंड में पीएचडी पूरी की। वह जनपावर वेलफेयर फाउंडेशन की संस्थापक हैं और संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधि के रूप में काम करती हैं। रोहिणी दलित-बहुजन मुद्दों पर सक्रिय हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर चंद्रशेखर के साथ पुरानी वीडियो कॉल साझा की, जिसमें वह रोते हुए दिख रहे हैं। रोहिणी का कहना है कि यह नकली आंसू थे, जिनसे उन्होंने कई लड़कियों को फंसाया।

रोहिणी और चंद्रशेखर का रिश्ता 2020 के आसपास शुरू हुआ। रोहिणी ने बताया कि वह चंद्रशेखर को एक क्रांतिकारी नेता मानती थीं। वह भीम आर्मी के आंदोलनों में सहयोग करती रहीं। चंद्रशेखर ने शादी का वादा किया, लेकिन 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान रोहिणी को पता चला कि वह पहले से शादीशुदा हैं। रोहिणी ने कहा कि चंद्रशेखर ने उन्हें ब्लैकमेल किया। वह रो-रोकर आत्महत्या की धमकी देते थे। रोहिणी ने दैनिक भास्कर को बताया कि रिश्ता एकतरफा था। चंद्रशेखर ने उनका इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया। वह स्विट्जरलैंड जाकर पीएचडी पूरी करने की योजना बना रही थीं, लेकिन चंद्रशेखर ने कहा कि अगर रिश्ता टूटा तो वह वहां भी उनका पीछा करेंगे।

रोहिणी ने जून 2025 में सोशल मीडिया पर पहली बार आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर ने कई मासूम लड़कियों की जिंदगी बर्बाद की। एक पोस्ट में उन्होंने एक अन्य पीड़िता की कहानी साझा की, जिसे चंद्रशेखर के परिवार ने घर से भगा दिया। रोहिणी ने चंद्रशेखर की पत्नी पर भी आरोप लगाया कि वह आंदोलनों से आने वाले पैसे के लालच में चुप रहती हैं। सितंबर 2025 में रोहिणी ने जहर खाने की धमकी दी। उन्होंने चंद्रशेखर की एक फोटो शेयर की, जिसमें वह एक बच्चे को गोद में लिए हैं। रोहिणी ने लिखा कि चंद्रशेखर खुशियां मना रहे हैं, जबकि उनकी जिंदगी बर्बाद हो गई। अस्पताल में भर्ती होने के बाद रोहिणी ने कहा कि वह न्याय के लिए लड़ेंगी।

चंद्रशेखर आजाद का जन्म 1986 में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सहारपुर में एक जाटव परिवार में हुआ। उनके पिता गोवर्धन दास एक स्कूल प्रिंसिपल थे। चंद्रशेखर ने कानून की डिग्री ली और वकील बने। 2015 में उन्होंने भीम आर्मी की स्थापना की, जो दलित छात्रों के लिए शिक्षा और सुरक्षा पर काम करती है। 2017 में सहारनपुर हिंसा के बाद चंद्रशेखर जेल गए। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी। 2020 में उन्होंने आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) बनाई। 2024 के लोकसभा चुनाव में नगीना से जीतकर सांसद बने। चंद्रशेखर ब्राह्मणों और सवर्णों के खिलाफ बयान देते रहे हैं। वह जय भीम के नारे से दलित एकता पर जोर देते हैं।

इस विवाद ने चंद्रशेखर की छवि को नुकसान पहुंचाया। रोहिणी ने जून 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। उन्होंने न्याय की गुहार लगाई। रोहिणी का कहना है कि पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही। चंद्रशेखर ने जून 2025 में पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आरोप निराधार हैं। वह कोर्ट में जवाब देंगे। चंद्रशेखर के समर्थक रोहिणी पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हैं। भीम आर्मी के उपाध्यक्ष विनोद यादव ने कहा कि रोहिणी भाजपा से जुड़ी हैं। रोहिणी ने इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ न्याय चाहती हैं।

नवंबर 2025 में मामला और गहरा गया। रोहिणी ने एक्स पर पोस्ट किया कि चंद्रशेखर ने उनके माता-पिता को जेल भिजवाने की धमकी दी। रोहिणी ने कहा कि वह भारत लौटेंगी और चंद्रशेखर को खत्म कर देंगी। उन्होंने 26 नवंबर को चंद्रशेखर की रैली में पहुंचने का ऐलान किया। रोहिणी ने कहा कि मंच पर शपथ लेंगी। चंद्रशेखर के गुर्गे उन्हें रोकने की कोशिश करेंगे, लेकिन वह डरेंगी नहीं। इस पोस्ट पर हजारों व्यूज आए। समर्थकों ने रोहिणी का साथ दिया।

सबसे विवादास्पद मुद्दा ब्राह्मण वकील का है। 19 नवंबर 2025 को रोहिणी ने एक्स पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर दिन-रात ब्राह्मणों को गाली देते हैं, लेकिन मुकदमे लड़ने के लिए ब्राह्मण वकील चुनते हैं। रोहिणी ने लिखा कि दुनिया के सामने गाली देने वाला अब उनसे ही मदद मांग रहा है। क्या कोई और वकील नहीं मिला? यह पोस्ट वायरल हुई। चंद्रशेखर के समर्थक इसे साजिश बताते हैं। रोहिणी ने कहा कि यह पाखंड है। चंद्रशेखर दलितों को ब्राह्मणों के खिलाफ भड़काते हैं, लेकिन खुद उनका सहारा लेते हैं।

यह विवाद भीम आर्मी के लिए बड़ा सवाल है। संगठन दलित महिलाओं के सम्मान की बात करता है, लेकिन अपने नेता पर ऐसे आरोप लग रहे हैं। रोहिणी ने कहा कि चंद्रशेखर फर्जी मसीहा हैं। वह लड़कियों को जाल में फंसाते हैं। एक पोस्ट में रोहिणी ने कहा कि एक लड़की को इतना प्रताड़ित किया कि वह घर से भाग गई। रोहिणी ने अन्य पीड़िताओं से संपर्क करने का दावा किया। चंद्रशेखर की चुप्पी ने विवाद बढ़ाया। उनके समर्थक कहते हैं कि रोहिणी दुष्टता की हद पार कर रही हैं।

मामला कोर्ट पहुंच चुका है। रोहिणी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। उन्होंने इमेज डैमेज का आरोप लगाया। चंद्रशेखर ने मानहानि का केस किया। रोहिणी ने कहा कि वह सबूतों के साथ लडेंगी। ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग्स उनके पास हैं। एक ऑडियो में चंद्रशेखर बहुजन समाज पार्टी की मायावती पर टिप्पणी करते सुनाई देते हैं। रोहिणी ने इसे शेयर किया। चंद्रशेखर ने कहा कि वह मायावती का सम्मान करते हैं।

यह विवाद दलित समाज में बहस छेड़ रहा है। एक तरफ चंद्रशेखर को क्रांतिकारी माना जाता है, दूसरी तरफ महिलाओं के शोषण के आरोप। रोहिणी ने कहा कि वह बेटियों के लिए लड़ रही हैं। उन्होंने पीएम को पत्र लिखा कि भारत की बेटी को न्याय मिले। रोहिणी का संघर्ष जारी है। वह स्विट्जरलैंड से भारत लौटने की तैयारी कर रही हैं। चंद्रशेखर की रैली में उनका आना नया मोड़ ला सकता है। पुलिस ने रोहिणी को सुरक्षा देने का वादा किया है।

यह घटना पितृसत्तात्मक सोच पर सवाल उठाती है। रोहिणी ने कहा कि एक औरत को चरित्रहीन कहा जाता है, लेकिन पुरुष को मसीहा। वह महिलाओं के सम्मान के लिए लड़ रही हैं। चंद्रशेखर के समर्थक रोहिणी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। रोहिणी ने कहा कि वह डरेंगी नहीं। न्याय मिलेगा। यह मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। भाजपा और सपा पर साजिश के आरोप लग रहे हैं। रोहिणी ने इनकार किया। वह सिर्फ सच्चाई सामने लाना चाहती हैं।

भीम आर्मी के कार्यकर्ता चंद्रशेखर का बचाव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोप राजनीतिक हैं। रोहिणी को भाजपा से जोड़ा जा रहा है। रोहिणी ने कहा कि वह किसी पार्टी से नहीं हैं। वह बहुजन समाज की बेटी हैं। विवाद ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। हजारों पोस्ट हो रही हैं। रोहिणी की पोस्ट पर समर्थन मिल रहा है। चंद्रशेखर के फैन पेज रोहिणी पर हमला बोल रहे हैं। पुलिस निगरानी रख रही है।

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