छत्तीसगढ़ के जशपुर में भयावह सड़क हादसा- तेज रफ्तार कार की ट्रेलर से जोरदार टक्कर, पांच दोस्तों की मौके पर मौत

पतराटोली गांव राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर स्थित है, जो जशपुर को अन्य जिलों से जोड़ता है। यह मार्ग अक्सर दुर्घटनाओं का शिकार होता है, क्योंकि यहां मोड़ तीखे हैं और रात में रोशनी

Dec 7, 2025 - 11:22
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छत्तीसगढ़ के जशपुर में भयावह सड़क हादसा- तेज रफ्तार कार की ट्रेलर से जोरदार टक्कर, पांच दोस्तों की मौके पर मौत
छत्तीसगढ़ के जशपुर में भयावह सड़क हादसा- तेज रफ्तार कार की ट्रेलर से जोरदार टक्कर, पांच दोस्तों की मौके पर मौत

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पांच युवकों की जिंदगी छीन ली। राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर पतराटोली गांव के पास शनिवार देर रात एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से टकरा गई, जिससे कार के परखच्चे उड़ गए और सवार पांचों युवक मौके पर ही मारे गए। सभी मृतक एक ही गांव चरैदांड़ के निवासी थे और वे जशपुर शहर की ओर जा रहे थे। हादसा इतना भयावह था कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। स्थानीय पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी कर ली है। डुलडुला थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। हादसा शनिवार रात करीब 11:30 बजे हुआ, जब पांच दोस्त अपनी कार से जशपुर शहर की ओर लौट रहे थे। वे चरैदांड़ गांव के निवासी थे और शहर में किसी काम से गए थे। कार पतराटोली के मोड़ पर पहुंची, जहां सड़क किनारे एक ट्रेलर खड़ा था। तेज गति के कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया और कार सीधे ट्रेलर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मृतकों में चार युवक चरैदांड़ गांव के ही थे, जबकि एक अन्य जशपुर के आसपास का निवासी था। पुलिस ने बताया कि सभी की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच थी। शवों को निकालने के लिए क्रेन का सहारा लेना पड़ा, क्योंकि कार के अंदर बुरी तरह फंस गए थे।

पतराटोली गांव राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर स्थित है, जो जशपुर को अन्य जिलों से जोड़ता है। यह मार्ग अक्सर दुर्घटनाओं का शिकार होता है, क्योंकि यहां मोड़ तीखे हैं और रात में रोशनी की कमी रहती है। हादसे के समय ट्रेलर सड़क किनारे खड़ा था, लेकिन इसका पार्किंग लाइट या रिफ्लेक्टर चालू नहीं था, जिससे चालक को दिखाई न देने की संभावना है। डुलडुला पुलिस स्टेशन की टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य संग्रहित किए, जिसमें कार के ब्रेक मार्क्स और ट्रेलर की स्थिति शामिल है। प्रारंभिक जांच में स्पीडिंग और लापरवाही को मुख्य कारण बताया जा रहा है। ट्रेलर का ड्राइवर मौके से भाग गया, जिसके लिए पुलिस ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मृतकों की पहचान चरैदांड़ गांव के निवासियों के रूप में हुई है। वे सभी दोस्त थे और नियमित रूप से जशपुर शहर जाते-आते थे। परिवारों को सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जशपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि मौत टक्कर के तुरंत बाद हो गई। कोई घायल होने की खबर नहीं है, क्योंकि सभी सवार कार में ही थे। पुलिस ने मृतकों के परिजनों से पूछताछ की, जिसमें पता चला कि वे रात करीब 9 बजे चरैदांड़ से निकले थे। हादसे के समय मौसम साफ था, लेकिन अंधेरा होने से दृश्यता कम थी।

जशपुर जिला छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से में स्थित है, जो झारखंड और ओडिशा से सटा हुआ है। यहां सड़क दुर्घटनाएं आम हैं, खासकर राष्ट्रीय राजमार्गों पर। इस साल जशपुर में 150 से अधिक सड़क हादसे दर्ज हो चुके हैं, जिनमें 100 से ज्यादा मौतें हुई हैं। डुलडुला क्षेत्र में पतराटोली मोड़ को ब्लैक स्पॉट माना जाता है, जहां पिछले दो वर्षों में 20 से अधिक दुर्घटनाएं हुई हैं। स्थानीय प्रशासन ने कई बार साइन बोर्ड लगाने और लाइटिंग सुधारने की योजना बनाई, लेकिन कार्यान्वयन में देरी हुई। हादसे के बाद पुलिस ने ट्रेलर चालक की तलाश तेज कर दी है। वाहन की नंबर प्लेट से उसकी पहचान की जा रही है। पुलिस जांच में पता चला कि कार एक लोकल मॉडल की थी, जो दो साल पुरानी थी। टक्कर के बाद कार का इंजन ट्रेलर के नीचे आ गया, जबकि पिछला हिस्सा सड़क पर बिखर गया। बचाव कार्य में ग्रामीणों ने भी मदद की, लेकिन तब तक सभी की सांसें थम चुकी थीं। शवों को निकालने में दो घंटे लग गए। जशपुर एसपी ने बताया कि हादसे का मुख्य कारण ओवर स्पीडिंग है। चालक ने मोड़ पर ब्रेक नहीं लगाए। ट्रेलर मालिक से भी पूछताछ की जाएगी, क्योंकि वाहन अनधिकृत रूप से खड़ा था। एनएच-43 पर ट्रक और ट्रेलरों की आवाजाही अधिक है, जो रात में खतरा बढ़ाती है।

मृतकों के परिवारों ने शवों को प्राप्त कर लिया है। चरैदांड़ गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही है। जिला प्रशासन ने प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने हादसे पर शोक व्यक्त किया और सड़क सुरक्षा पर जोर दिया। जशपुर कलेक्टर ने ब्लैक स्पॉट्स पर सर्वे का आदेश दिया। पुलिस ने ड्राइवरों के लिए जागरूकता अभियान चलाने का फैसला लिया। हादसे के साइट पर वाहनों को डायवर्ट किया गया, लेकिन अब यातायात सामान्य हो गया है। इस हादसे ने छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा को फिर से सुर्खियों में ला दिया। राज्य में प्रतिदिन औसतन 10 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें 5 मौतें दर्ज होती हैं। जशपुर जैसे आदिवासी बहुल जिलों में सड़कें पहाड़ी हैं, जो दुर्घटना का खतरा बढ़ाती हैं। ट्रेलरों को रात में पार्किंग के लिए डिजाइनेटेड जोन बनाने की मांग उठी है। पुलिस ने ट्रेलर चालक को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी शुरू कर दी। मृतकों के मोबाइल फोन से उनके आखिरी कॉल्स की जांच की जा रही है।

डुलडुला थाना क्षेत्र में पतराटोली मोड़ पर सड़क की चौड़ाई कम है, जो हादसों को न्योता देती है। पिछले महीने इसी मार्ग पर एक अन्य दुर्घटना में दो लोग घायल हुए थे। प्रशासन ने साइनल बोर्ड लगाए हैं, लेकिन वे अपर्याप्त हैं। हादसे के बाद फॉरेंसिक टीम ने सैंपल लिए। कार के टायरों की स्थिति सामान्य थी, लेकिन स्पीड मीटर 120 किलोमीटर प्रति घंटा पर अटक गया था। ट्रेलर पर कोई ब्रेकडाउन का निशान नहीं मिला। पुलिस ने आईपीसी की धारा 304ए के तहत मामला दर्ज किया है। चरैदांड़ गांव छोटा सा आदिवासी गांव है, जहां अधिकांश लोग खेती पर निर्भर हैं। मृतक युवक गांव के ही थे और शहर में छोटे-मोटे काम करते थे। उनके परिवारों में महिलाएं और बच्चे हैं, जो अब संकट में हैं। जिला अस्पताल में कोई घायल भर्ती नहीं हुआ। शवों का पोस्टमॉर्टम पूरा हो गया, जिसमें आंतरिक चोटों को मौत का कारण बताया गया। ट्रेलर की मालिक कंपनी से संपर्क साधा गया है। हादसे की वीडियो फुटेज सीसीटीवी से प्राप्त करने की कोशिश हो रही है।

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