विजय और तृषा की दोस्ती की चर्चा के बीच 'करुप्पु' को मिला सरकारी सहयोग, सुबह के शो के लिए मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी।
तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात करते हुए नवनियुक्त मुख्यमंत्री और तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता
तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात करते हुए नवनियुक्त मुख्यमंत्री और तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता विजय ने बुधवार को विधानसभा के पटल पर अपना बहुमत सफलतापूर्वक सिद्ध कर दिया है। सदन की कार्यवाही के दौरान विजय के पक्ष में कुल 144 विधायकों ने मतदान किया, जो उनकी सरकार की स्थिरता और स्वीकार्यता पर मुहर लगाता है। राजनीति के मैदान में उतरने के बाद से ही विजय के नेतृत्व वाली सरकार पर सबकी निगाहें टिकी थीं और इस शक्ति प्रदर्शन ने उनके विरोधियों को शांत कर दिया है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही विजय ने अपनी प्रशासनिक क्षमताओं का परिचय देना शुरू कर दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे केवल स्क्रीन पर ही नहीं बल्कि वास्तविक जीवन में भी राज्य की कमान संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सदन में विश्वास मत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने जनहित से जुड़े फैसलों पर तेजी से मुहर लगानी शुरू कर दी है। उनके सबसे पहले और साहसिक निर्णयों में से एक राज्य भर में 717 शराब की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश था। सामाजिक सुधार की दिशा में उठाए गए इस कदम ने पूरे राज्य में हलचल पैदा कर दी है। तमिल फिल्म उद्योग के दिग्गज अभिनेता कमल हासन और विशाल ने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री के इस फैसले की सराहना की है। इन अभिनेताओं का मानना है कि शराब की दुकानों की संख्या में कटौती से न केवल अपराध दर में कमी आएगी, बल्कि हजारों गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। विजय ने यह संकेत दिया है कि उनकी सरकार नैतिकता और जन कल्याण को सबसे ऊपर रखेगी। प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ मुख्यमंत्री विजय ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री (कॉलीवुड) के प्रति अपनी संवेदनशीलता और समर्थन को भी कायम रखा है। इसी क्रम में उन्होंने एक ऐसा निर्णय लिया है जो सीधे तौर पर सिनेमा प्रेमियों और उद्योग के हितधारकों को लाभ पहुंचाएगा। विजय ने निर्देशक आरजे बालाजी की आगामी बड़े बजट की एक्शन फिल्म 'करुप्पु' के लिए सुबह 9 बजे के शो के आयोजन हेतु 'विशेष अनुमति' प्रदान की है। तमिलनाडु में सामान्यतः सुबह के शो के समय को लेकर कड़े नियम रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने फिल्म उद्योग की आर्थिक स्थिति और प्रशंसकों की मांग को देखते हुए इस विशेष छूट का प्रावधान किया है। तमिलनाडु की राजनीति और सिनेमा का रिश्ता हमेशा से ही गहरा रहा है। एमजीआर और जयललिता जैसे दिग्गजों के बाद विजय इस परंपरा को आगे बढ़ाने वाले सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरे हैं। फिल्म 'करुप्पु' को मिली विशेष अनुमति को उद्योग के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है, जिससे भविष्य में अन्य बड़े बजट की फिल्मों के लिए भी राहत की उम्मीद जगी है।
इस विशेष अनुमति का सबसे बड़ा फायदा अभिनेत्री तृषा कृष्णन को होने वाला है, जो फिल्म 'करुप्पु' में मुख्य भूमिका निभा रही हैं। गौरतलब है कि तृषा कृष्णन और मुख्यमंत्री विजय के बीच वर्षों पुरानी और गहरी मित्रता जगजाहिर है। हालांकि मुख्यमंत्री ने यह फैसला व्यापक रूप से तमिल फिल्म इंडस्ट्री के व्यावसायिक हितों को ध्यान में रखकर लिया है, लेकिन तृषा की फिल्म के साथ इसकी शुरुआत होने से इसे एक विशेष व्यक्तिगत और पेशेवर भेंट के रूप में भी देखा जा रहा है। 'करुप्पु' एक हाई-वोल्टेज एक्शन ड्रामा है जिसमें तृषा के साथ सुपरस्टार सूर्या भी मुख्य भूमिका में हैं। सुबह 9 बजे के शो की अनुमति मिलने से फिल्म के ओपनिंग कलेक्शन में भारी उछाल आने की संभावना है।
फिल्म 'करुप्पु' के लिए यह अनुमति केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सिनेमा और सरकार के बीच एक नए सेतु का निर्माण करती है। निर्देशक आरजे बालाजी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लेकर प्रशंसकों में पहले से ही भारी उत्साह था और अब मुख्यमंत्री की मंजूरी ने इसे एक बड़ी इवेंट फिल्म बना दिया है। सूर्या और तृषा की जोड़ी को पर्दे पर देखने के लिए बेताब प्रशंसकों को अब सुबह जल्दी सिनेमाघरों में पहुंचने का अवसर मिलेगा। विजय ने हालांकि अपने राजनीतिक करियर को प्राथमिकता दी है, लेकिन वे यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि जिस उद्योग ने उन्हें 'थलपति' बनाया, उसके विकास में कोई बाधा न आए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय का यह कार्यकाल सामाजिक सुधारों और आधुनिक प्रशासनिक फैसलों का मिश्रण होगा। एक तरफ वे शराबबंदी जैसे कड़े फैसले ले रहे हैं, तो दूसरी तरफ कला और मनोरंजन क्षेत्र को आवश्यक छूट देकर अपनी लोकप्रियता को और मजबूत कर रहे हैं। विधानसभा में 144 विधायकों का समर्थन यह भी दर्शाता है कि उन्हें जमीनी स्तर पर व्यापक जनाधार प्राप्त है। मुख्यमंत्री के रूप में उनके प्रारंभिक दिनों की यह सक्रियता राज्य की जनता के मन में एक सकारात्मक उम्मीद जगा रही है। विजय ने यह साबित कर दिया है कि वे जटिल राजनीतिक समीकरणों को सुलझाने के साथ-साथ त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी रखते हैं।
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