Politics: अन्नामलाई को मिली बड़ी जिम्मेदारी: क्या BJP के राष्ट्रीय महासचिव की भूमिका में नजर आएंगे?
तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और तेज-तर्रार नेता के. अन्नामलाई को लेकर हाल ही में खबरें तेज हो गई हैं कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के...
तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और तेज-तर्रार नेता के. अन्नामलाई को लेकर हाल ही में खबरें तेज हो गई हैं कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय ढांचे में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयानों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के आधार पर माना जा रहा है कि अन्नामलाई को राष्ट्रीय महासचिव की भूमिका दी जा सकती है। इस खबर के बाद उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है, और सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया है। हालांकि, इस नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
के. अन्नामलाई, जिन्हें तमिलनाडु में उनके आक्रामक और हिंदुत्व-प्रेरित राजनीतिक रुख के लिए जाना जाता है, ने 2021 में तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे अन्नामलाई ने अपने कार्यकाल में पार्टी की पहुंच को grassroots स्तर तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी नेतृत्व शैली और डीएमके सरकार के खिलाफ मुखर रुख ने उन्हें युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय बनाया।
हालांकि, अप्रैल 2025 में उन्हें तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष पद से हटाकर नैनार नागेंद्रन को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह कदम AIADMK के साथ गठबंधन को मजबूत करने के लिए उठाया गया था, क्योंकि अन्नामलाई की आक्रामक शैली को AIADMK के साथ तनाव का कारण माना जा रहा था। इसके बावजूद, अमित शाह ने उस समय अन्नामलाई की संगठनात्मक क्षमताओं की सराहना करते हुए संकेत दिया था कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी।
27 जून 2025 को, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु के दौरे के दौरान कहा कि अन्नामलाई को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी दी जाएगी, साथ ही वे तमिलनाडु की राजनीति में भी सक्रिय रहेंगे। शाह ने कहा, "अन्नामलाई की संगठनात्मक क्षमता का उपयोग बीजेपी के राष्ट्रीय ढांचे में किया जाएगा।" इस बयान के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अन्नामलाई को राष्ट्रीय महासचिव की भूमिका दी जा सकती है। कुछ सूत्रों का यह भी कहना है कि उन्हें भविष्य में राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी मिल सकती है।
सोशल मीडिया, खासकर X पर, अन्नामलाई के समर्थकों ने इस खबर का स्वागत किया है। कई यूजर्स ने उन्हें "भाजपा का भविष्य" और "दक्षिण भारत में हिंदुत्व का नया चेहरा" बताते हुए बधाइयां दी हैं। एक यूजर ने लिखा, "अन्नामलाई का समर्पण और जुझारूपन उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।"
अन्नामलाई की संभावित राष्ट्रीय भूमिका तमिलनाडु में बीजेपी की बढ़ती महत्वाकांक्षा को दर्शाती है। 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी ने AIADMK के साथ गठबंधन को फिर से मजबूत किया है। अमित शाह ने अपने दौरे में दावा किया कि "2026 में तमिलनाडु में NDA की सरकार बनेगी।" हालांकि, अन्नामलाई के कुछ बयानों, जैसे "2026 में बीजेपी की सरकार बनेगी," ने AIADMK के साथ तनाव को बढ़ाया था। उनकी नई भूमिका से बीजेपी को दक्षिण भारत में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
अन्नामलाई की आक्रामक राजनीति और हिंदुत्व पर आधारित रुख तमिलनाडु जैसे राज्य में, जहां द्रविड़ विचारधारा का दबदबा है, चुनौतियां भी पेश करता है। AIADMK के साथ गठबंधन को बनाए रखने के लिए बीजेपी को सावधानी बरतनी होगी। इसके अलावा, डीएमके और अन्य विपक्षी दलों ने अन्नामलाई के बयानों और बीजेपी की रणनीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। डीएमके के प्रवक्ता ने कहा, "तमिलनाडु में बीजेपी का सपना सिर्फ एक भ्रम है।"
फिर भी, अन्नामलाई की युवा अपील और संगठनात्मक कौशल उन्हें बीजेपी के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति बनाते हैं। उनकी संभावित राष्ट्रीय भूमिका न केवल तमिलनाडु बल्कि पूरे दक्षिण भारत में बीजेपी की रणनीति को नया आयाम दे सकती है।
हालांकि अन्नामलाई की राष्ट्रीय महासचिव के रूप में नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन अमित शाह के बयानों और विश्वसनीय सूत्रों के आधार पर यह स्पष्ट है कि बीजेपी उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की योजना बना रही है। उनके समर्थकों का उत्साह और सोशल मीडिया पर मिल रही प्रतिक्रियाएं इस बात का संकेत हैं कि अन्नामलाई बीजेपी के उभरते सितारे हैं। आने वाले दिनों में उनकी नई भूमिका को लेकर और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
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