असम के मुख्यमंत्री को बर्खास्त कर हेट स्पीच के मामले दर्ज हों- जमीयत
Deoband: बैठक में असम की वर्तमान परिस्थितियों और फिलिस्तीन में जारी नरंसहार जैसे वर्तमान मुद्दों पर विस्तार से चर्चा
देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद की कार्यकारी समिति की बैठक में असम की वर्तमान परिस्थितियों और फिलिस्तीन में जारी नरंसहार जैसे वर्तमान मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। असम और फिलिस्तीन को लेकर प्रस्ताव भी पारित किया गया। साथ ही कार्यकारी समिति ने असम के मुख्यमंत्री को तत्काल हटाए जाने और हेट स्पीच के मामले दर्ज किए जाने की मांग की।
जमीयत के दिल्ली स्थित मुख्यालय पर अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन हुआ। इसमें कार्यकारी समिति ने असम में जारी बेदखली और 50 हजार से अधिक परिवारों को बेघर करने जैसी कार्रवाई पर गहरी चिंता व्यक्त की। पारित प्रस्ताव में समिति ने देश की सांविधानिक संस्थाओं विशेषकर भारत की राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश से संविधान की रक्षा के लिए असम के मुख्यमंत्री को बर्खास्त कर उनके विरुद्ध हेट स्पीट के मामले दर्ज किए जाने की मांग की। कहा कि जमीयत किसी भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का समर्थन नहीं करती, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि असम में अमानवीय, अन्यायपूर्ण व्यवहार, धर्म के आधार पर भेदभाव और घृणात्मक बयानों ने बेदखली की प्रक्रिया को मानवीय सहानुभूति और न्याय के दायरे से बाहर कर दिया। समिति ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री का हालिया बयान मुस्लिम दुश्मनी का स्पष्ट प्रमाण है। मांग कि अब तक उजाड़े गए सभी परिवारों के लिए सरकार तत्काल वैकल्पिक आवास और पुनर्वास की व्यवस्था करे, बेदखली की किसी भी कार्रवाई से पहले पारदर्शी और निष्पक्ष सर्वेक्षण कराया जाए, सभी कानूनी आवश्यकताओं व मानवीय मूल्यों का पूरा सम्मान किया जाए, मंत्रियों और सरकारी प्रतिनिधियों द्वारा भेदभावपूर्ण और घृणा आधारित बयानों पर रोक लगाई जाए। फिलिस्तीन में जारी नरसंहार और अमानवीय अत्याचारों पर गहरा दुख जताया गया।
यह रहे शामिल- जमीयत के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी, मौलाना मोहम्मद सलमान बिजनौरी, मुफ्ती अहमद, मौलाना शौकत अली, मौलाना रहमतुल्लाह मीर कश्मीरी, मुफ्ती सलमान मंसूरपुरी, मुफ्ती अब्दुल रहमान, मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना सिद्दीकुल्ला चौधरी, मौलाना आकिल, मौलाना रफीक अहमद मजाहरी, मौलाना नियाज अहमद फारूकी, मौलाना मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी, मौलाना कलीमुल्लाह समेत विभिन्न प्रांतों से जमीयत के पदाधिकारी शामिल रहे।
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