Ballia : TET के विरोध शिक्षकों का कलेक्टर परिसर में जबरदस्त प्रदर्शन, ज्ञापन नहीं लिए जाने पर शिक्षकों द्वारा जिलाधिकारी के सभी आदेशो का पालन न करने का निर्णय
शिक्षक नेताओ ने TET परीक्षा की पदोन्नति मे अनिवार्यता के परिपेक्ष कहा कि यदि शिक्षको के लिए यह अनिवार्य है,डीएम,डाक्टर,एसडीएम और सभी सरकारी सेवाओ में का
Report- S.Asif Hussain Zaidi
बलिया : डीएम साहब जल्दी आओ का नारा लगाते हुए कलक्ट्रेट कार्यालय पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के धरनारत शिक्षक जमे रहे। लगभग साढ़े 4 बजे जिलाधिकारी मंगला प्रसाद अपने कार्यालय पुन:आये लेकिन धरना स्थल आकर ज्ञापन लेने नही आये। जबकि शिक्षक संघ उन्हे ही ज्ञापन सौपने पर अड़े रहे। लेकिन वे धरना स्थल पर न आकर वापस चले गये। जिससे क्षुब्ध शिक्षकगण घण्टों भाषण और जमकर नारे बाजी करते रहे।
वहां उपस्थित शिक्षको के बीच संघ के महामंत्री डा.राजेश पाण्डेय ने सारी स्थित शिक्षको को अवगत करते हुए संघ जिलाध्यक्ष जीतेन्द्र कुमार सिह ने उपस्थित शिक्षको की सहमति से ज्ञापन को रजिस्ट्री केमाध्यम से प्रधान मंत्री,गृहमंत्री,शिक्षामंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भेजे जाने तथा वर्तमान जिलाधिकारी के सभी आदेशो का पालन न करने का निर्णय लिया गया। ज्ञापन मे उत्तर प्रदेश मे 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पदोन्नति के लिए TET परीक्षा पास करने के खिलाफ बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्थित उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ कार्यालय से आज विशाल रैली निकाली गयी।
जो अपने निर्धारित मार्गो से होता हुआ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा जहां जिलाधिकारी के कार्यलय पर उनकी गैर मौजूदगी के कारण धरना सभा के रुप में बदल गया। विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा.अखिलेश राय,प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार पाण्डेय कान्ह जी,विविशि.के महामंत्री डा.अवनीश पाण्डेय. शारदा यादव महिला अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ,माध्यमिक शिकक्ष संघ राघवेन्द्र प्रताप सिंह,धर्मनाथ सिंह, अव्वल अहमद,सहित दर्जनो शिक्षको ने सम्बोधित किया।
इस अवसर पर शिक्षक नेताओ ने TET परीक्षा की पदोन्नति मे अनिवार्यता के परिपेक्ष कहा कि यदि शिक्षको के लिए यह अनिवार्य है,डीएम,डाक्टर,एसडीएम और सभी सरकारी सेवाओ में कार्यरत कर्मचारियो को पदोन्नति के TET,नेट,केट आदि परीक्षा अनिर्वाय बनाकर परीक्षा करादी जाये यदि तो शायद ही कोई अधिकारी या कर्मचारी लम्बे अन्तराल के बाद उक्त प्रतियोगी परीक्षा पास कर सकें। इस अवसर पर वक्ताओ ने कहा है कि जिस समय हमारी नियुक्ती की गई उस समय सरकार के द्वारा लागू सभी नियमों का अनुपालन करते हुए नियुक्ति की गयी थी।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम - 2009 पारित होने के पश्चात् वर्ष 2010 से TET अनिवार्य किया गया लेकिन अब सेवा के 20-25 वर्ष पूर्ण करने के पश्चात् अपने ही बनाए नियमों को बदल कर उन अध्यापकों पर TET पात्रता परीक्षा जबरन थोपने का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन में अपील है कि शिक्षकों के मान - सम्मान शिक्षकों का गौरव वापस दिलाने हेतु गम्भीरता से विचार करें।अन्यथा राष्ट्र व्यापी आन्दोलन करने के लिए देश के शिक्षक बाध्य होगे।जिसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार प्रशासन की होगी।
Also Click : Sambhal : रामभद्राचार्य के बयान पर सम्भल के धर्मगुरु का पलटवार, कहा – इस्लाम की जानकारी बिना बयानबाजी न करें
What's Your Reaction?











