Barabanki : राजनीति में बढ़ती असहिष्णुता लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा
समारोह को संबोधित करते हुए पत्रकार धीरेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान दौर में राजनीति में शुचिता की कमी से कहीं अधिक बड़ी समस्या बढ़ती हुई असहिष्णुता है, जो समाज के लिए चिंताजनक है। वरिष्ठ पत्रकार अ
बाराबंकी के गांधी भवन में आपातकाल की समाप्ति के अवसर पर लोकतंत्र मुक्ति दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में खराब मौसम के बावजूद अनेक लोकतंत्र सेनानियों और जागरूक नागरिकों ने हिस्सा लिया और लोकतंत्र की रक्षा करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ समाजवादी विचारक राजनाथ शर्मा ने किया।
समारोह को संबोधित करते हुए पत्रकार धीरेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान दौर में राजनीति में शुचिता की कमी से कहीं अधिक बड़ी समस्या बढ़ती हुई असहिष्णुता है, जो समाज के लिए चिंताजनक है। वरिष्ठ पत्रकार अनिल त्रिपाठी ने जनता से अपील की कि वे व्यवस्था और सत्ता में फैली बुराइयों और भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएं। युवा सामाजिक कार्यकर्ता पाटेश्वरी प्रसाद ने लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए समाज की भागीदारी बढ़ाने की बात कही।
राजनाथ शर्मा ने आपातकाल के दौर के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उस समय नेताओं के बीच वैचारिक मतभेद होने के बावजूद एक-दूसरे के प्रति सम्मान और खुलेपन की भावना थी, जो अब धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। कार्यक्रम के समापन पर धीरेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने सभी उपस्थित लोगों को लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर विनय कुमार सिंह, सत्यवान वर्मा, मृत्युंजय शर्मा, साकेत मौर्य और वीरेंद्र सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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