यूपी पुलिस में 81,000 पदों पर बंपर भर्ती का शंखनाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को दिया रोजगार का बड़ा तोहफा।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के युवाओं के लिए स्वर्णिम अवसरों के द्वार खोलते हुए पुलिस विभाग में एक विशाल भर्ती अभियान

Apr 4, 2026 - 17:12
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यूपी पुलिस में 81,000 पदों पर बंपर भर्ती का शंखनाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को दिया रोजगार का बड़ा तोहफा।
यूपी पुलिस में 81,000 पदों पर बंपर भर्ती का शंखनाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को दिया रोजगार का बड़ा तोहफा।
  • 'स्मार्ट पुलिसिंग' की ओर उत्तर प्रदेश के बढ़ते कदम, 81 हजार नई नियुक्तियों के साथ तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगा सुरक्षा चक्र
  • पारदर्शी चयन और समयबद्ध प्रक्रिया पर मुख्यमंत्री का जोर, भर्ती बोर्ड को आधुनिक और तकनीकी आधारित प्रणाली अपनाने के सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के युवाओं के लिए स्वर्णिम अवसरों के द्वार खोलते हुए पुलिस विभाग में एक विशाल भर्ती अभियान की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के भीतर उत्तर प्रदेश पुलिस में लगभग 81,000 रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इस निर्णय का प्राथमिक उद्देश्य न केवल प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं को सरकारी सेवा का अवसर प्रदान करना है, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस को एक आधुनिक, ऊर्जावान और तकनीकी रूप से सक्षम बल के रूप में विकसित करना भी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि भर्ती की पूरी रूपरेखा इस प्रकार तैयार की जाए कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि या विलंब की गुंजाइश न रहे।

इस मेगा भर्ती अभियान के तहत विभिन्न संवर्गों में रिक्तियों को भरा जाएगा, जिससे पुलिस विभाग के हर विंग को मजबूती मिलेगी। प्रस्तावित पदों में सब-इंस्पेक्टर (SI), नागरिक पुलिस के आरक्षी (Constable), रेडियो सहायक परिचालक, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए और गोपनीय सहायक जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाया जाए। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि परीक्षा और चयन के हर चरण में विश्वसनीयता बनी रहे। यह भर्ती अभियान पिछले नौ वर्षों में किए गए सुधारों की अगली कड़ी है, जिसके माध्यम से पुलिस बल की कुल संख्या को लगभग 5.5 लाख तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

तकनीकी पुलिसिंग और रिस्पॉन्स टाइम पर फोकस

मुख्यमंत्री ने यूपी पुलिस की आपातकालीन सेवा '112' के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए इसके रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में औसत रिस्पॉन्स टाइम 6 मिनट के करीब है, जिसे भविष्य में और बेहतर बनाने के लिए डेटा-संचालित पेट्रोलिंग और हॉटस्पॉट आधारित निगरानी को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त चार पहिया और दो पहिया वाहनों की तैनाती भी की जा रही है।

भर्ती के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने पुलिसिंग के तकनीकी आधुनिकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान युग में अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए पुलिस को तकनीक के मामले में अपराधियों से दो कदम आगे रहना होगा। इसके लिए साइबर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और साइबर हेल्पलाइन '1930' की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ई-ऑफिस प्रणाली को सभी 75 जिलों के पुलिस रेडियो विभागों में लागू करने की प्रगति की भी समीक्षा की। बताया गया कि अब तक 63 जिलों में डिजिटलीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष जिलों में इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और कागजी कार्यवाही का बोझ कम होगा।

भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने सतर्कता विभाग और अन्य जांच इकाइयों को और अधिक सक्रिय होने का आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धांधली या अनुचित प्रभाव डालने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। लंबित जांचों के निस्तारण के लिए भी समय सीमा निर्धारित की गई है। वित्तीय वर्ष 2025 तक के सभी लंबित सतर्कता मामलों को इसी वर्ष निपटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए केंद्रीय क्रैक टीम और आधुनिक केस मैनेजमेंट सिस्टम का विस्तार करें।

प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा फैसला लेते हुए लखनऊ के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों जैसे राजभवन, मुख्यमंत्री आवास और पुलिस मुख्यालय में लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों के तबादले के निर्देश दिए हैं। इस कदम का उद्देश्य कार्यप्रणाली में नवीनता लाना और किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत प्रभाव को समाप्त करना है। इसके साथ ही, महिला सुरक्षा और प्रतिनिधित्व को और अधिक सशक्त बनाने के लिए तीन नई महिला बटालियनों के सुदृढ़ीकरण की भी चर्चा की गई। वर्तमान में यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या लगभग 50,000 है, जिसे नई भर्तियों के माध्यम से और अधिक बढ़ाने की योजना है, ताकि हर थाने और बीट स्तर पर महिलाओं की उपस्थिति प्रभावी हो सके।

फायर सर्विस और आपातकालीन सेवाओं के आधुनिकीकरण पर भी मुख्यमंत्री का विशेष ध्यान रहा। समीक्षा बैठक में बताया गया कि 'एक तहसील-एक फायर टेंडर' मॉडल को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक हाइड्रोलिक फायर टेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि बहुमंजिला इमारतों में आग लगने जैसी स्थितियों से निपटा जा सके। गर्मियों के मौसम को देखते हुए उन्होंने अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाने और संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से तैयारी रखने को कहा है। पुलिस रेडियो विभाग में नवनियुक्त 936 मुख्य ऑपरेटरों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे संचार तंत्र को और अधिक सुचारू बनाया जा सके।

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