Deoband : न्यायालय के आदेश पर 40 साल बाद कब्जामुक्त हुई जमीन
बुधवार को न्यायालय अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के आदेश पर कोर्ट अमीन नवीन कोशिक पुलिस के साथ खेड़ामुगल पहुंचे और वहां हुए निर्माण को जेसीबी से ध्वस्त
देवबंद। खेड़ामुगल में दो पक्षों के बीच चल रहा चकरोड पर कब्जे का मामला सुलझ गया। अदालत के आदेश पर कोर्ट अमीन ने पुलिस के साथ 40 साल बाद जमीन को कब्जामुक्त कराया है। खेड़ामुगल निवासी राम सिंह और नितरु के बीच चकरोड पर कब्जे को लेकर पिछले करीब 40 साल से विवाद चला आ रहा था। इस दौरान राम सिंह की मृत्यू हो गई जिसके बाद उसके भाई कालूराम और बेटों विनोद, प्रमोद और मेमपाल मामले की पैरवी कर रहे थे। जबकि इस बीच नितरु वहां मकान बनाकर परिवार के साथ रह रहा था।
बुधवार को न्यायालय अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के आदेश पर कोर्ट अमीन नवीन कोशिक पुलिस के साथ खेड़ामुगल पहुंचे और वहां हुए निर्माण को जेसीबी से ध्वस्त कराते हुए भूमि को कब्जामुक्त कराया। इस दौरान पुलिस बल मौजूद रहा। जिसके चलते कोई भी विरोध का साहस नहीं जुटा सका। बताया गया है कि कुछ 12 बीघा भूमि पर अवैध रुप से कब्जा किया गया है, जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है, फिलहाल एक प्लॉट को कब्जामुक्त कराया गया है।
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