Deoband : मुफ्ती-ए-आजम किफायतुल्लाह देहलवी की जीवन गाथा पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
दिल्ली स्थित जमीयत मुख्यालय पर आयोजित हुए सेमिनार में जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष पूर्व राज्यसभा सदस्य मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि मुफ्ती मोह
दिल्ली में जमीयत मुख्यालय पर हुआ कार्यक्रम, देश-विदेश के प्रमुख उलमा रहे शामिल
देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद के शताब्दी समारोह के अवसर पर संस्थापक अध्यक्ष मुफ्ती-ए-आजम मोहम्मद किफायतुल्लाह देहलवी की जीवनगाथा और सेवाओं पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें देश और विदेश से प्रमुख उलमा शामिल हुए।
दिल्ली स्थित जमीयत मुख्यालय पर आयोजित हुए सेमिनार में जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष पूर्व राज्यसभा सदस्य मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद किफायतुल्लाह देहलवी शेख-उल-हिंद के उन विशिष्ट शागिर्दों में से थे जिनकी विद्वता, समझदारी, चिंतन और राजनीतिक सूझबूझ की प्रशंसा हर वर्ग करता था। उन्होंने अपने उस्ताद के मिशन को आगे बढ़ाते हुए राजनीति के मैदान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और स्वतंत्रता संग्राम में जमीयत के मंच से अग्रणी योगदान दिया। वर्ष 1919 में जमीयत की स्थापना के समय उन्हें पहला अंतरिम अध्यक्ष चुना गया था। दारुल उलूम के सदर मुदर्रिस मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि मुफ्ती किफायतुल्लाह देहलवी शेख-उल-हिंद के आंदोलन के सच्चे अमीन थे। उनके ज्ञान की गहराई का आलम यह था कि बड़े-बड़े विद्वान भी उनकी शोध और लेखनी के आगे नतमस्तक रहते थे। अध्यक्षता दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने की। इस मौके पर मौलाना हकीमुद्दीन कासमी, मौलाना जियाउलहक खैराबादी, मौलाना सलमान मंसूरपुरी, मौलाना तनवीर हाशमी कर्नाटक, मौलाना अतीक बस्तवी, कासिम रसूल इलियास, मुफ्ती इब्राहिम रिजवी श्रीलंका, मौलाना खालिद सिद्दीकी नेपाली, मौलाना नियाज फारूकी, मुफ्ती रियात अली कासमी अमरोहा, मौलाना मुफ्ती ताहिर मुरादाबादी, मौलाना फैसल भटकली आदि मौजूद रहे।
Also Click : Saharanpur : सहारनपुर पंजाबी बाग में फायरिंग की घटना, सीसीटीवी में तीन युवकों का हमला कैद
What's Your Reaction?









