Deoband : उदासी और चिंता से जूझ रही दुनिया, हर देश चाहता है बदलाव- मौलाना सज्जाद

मंगलवार को ईदगाह मार्ग स्थित मदरसा जामिया इमाम मोहम्मद अनवर शाह में आयोजित सम्मान समारोह में मौलाना सज्जाद नौमानी ने कहा कि आज दुनिया एक बड़ी बौद्धिक ओर सांस्कृतिक क्रांति के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि मदरसों में पढ़ाई ओर सीखने की

May 13, 2026 - 00:28
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Deoband : उदासी और चिंता से जूझ रही दुनिया, हर देश चाहता है बदलाव- मौलाना सज्जाद
Deoband : उदासी और चिंता से जूझ रही दुनिया, हर देश चाहता है बदलाव- मौलाना सज्जाद

देवबंद। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना फजलुर्रहमान सज्जाद नौमानी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक उदासी के बीच दुनिया को इस्लाम की इंसानियत पर आधारित शिक्षाओं के माध्यम से सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है। क्योंकि आज हर देश बदलाव चाहता है।

मंगलवार को ईदगाह मार्ग स्थित मदरसा जामिया इमाम मोहम्मद अनवर शाह में आयोजित सम्मान समारोह में मौलाना सज्जाद नौमानी ने कहा कि आज दुनिया एक बड़ी बौद्धिक ओर सांस्कृतिक क्रांति के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि मदरसों में पढ़ाई ओर सीखने की व्यवस्था इस्लाम की शुरुआत से ही चल रही है। ताकि मुसलमानों को इस्लाम की इंसानियत वाली शिक्षाओं से रुबरु कराया जा सके। मौलाना सज्जाद नौमानी ने कहा कि पैगंबर को न केवल मुसलमानों के लिए बल्कि पूरी इंसानियत के लिए रहमत बनाकर भेजा गया था। इसलिए अल्लाह ने उन्हें रहमतुल आलामीन (पूरी इंसानियत के लिए रहमत) घोषित किया।

उन्होंने छात्रों को नसीहत दी कि वे खुद को, अपनी जगह और अपनी जिम्मेदारियों को पहचाने, समय की कद्र करें और उस्तादों और किताबों का सम्मान करें। इसके साथ ही मौलाना सज्जाद नौमानी ने यह भी कहा कि चिंता का विषय है कि छात्र कक्षाओं में भी मोबाइल फोन लेकर आते हैं और उस्तादों के पढ़ाने को नजर अंदाज करते हैं। उन्होंने छात्रों को इससे बचने की सलाह दी। इस मौके पर मौलाना फुजैल अहमद नासरी, अबू तल्हा आजमी, मुफ्ती निसार खालिद, मौलाना सईद, मौलाना वसी, मौलाना शब्बीर और मौलाना बदरुल इस्लाम आदि मौजूद रहे।

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