Deoband: सपा प्रत्याशी नसीम सोलंकी को उलमा की नसीहत, सच्चे मन से अल्लाह से करें तौबा
मदरसा दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी का कहना है कि मुसलमान केवल अल्लाह की इबादत करता है। इरफान सोलंकी की पत्नी और सपा प्रत्याशी नसीम सोलंकी की जो तस्वीरें मंदिर में पूजा अर्चना करने की सामने आई हैं वे बेहद अफसोसनाक है।
चुनाव प्रचार के दौरान मंदिर में जाकर जलाभिषेक करने का मामला
उलमा बोले: रुह की ताजगी के लिए होता है मजहब
Deoband News INA.
कानपुर में उपचुनाव में प्रचार के दौरान सपा प्रत्याशी नसीम सोलंकी मंदिर में जाकर जलाभिषेक और पूजा अर्चना करने के बाद उलमा के निशाने पर आ गई हैं। उलमा का कहना है कि मजहब रुह की ताजगी के लिए होता है। इसलिए उन्हें चाहिए कि वह सच्चे मन से अल्लाह से तौबा करें। मदरसा दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी का कहना है कि मुसलमान केवल अल्लाह की इबादत करता है। इरफान सोलंकी की पत्नी और सपा प्रत्याशी नसीम सोलंकी की जो तस्वीरें मंदिर में पूजा अर्चना करने की सामने आई हैं वे बेहद अफसोसनाक है। अगर मजहब को कोई सियासत के लिए इस्तेमाल करता है तो यह मजहब के साथ गद्दारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अमल से इंसान इस्लाम से खारिज हो जाता है। इसलिए नसीम सच्चे मन से अल्लाह से तौबा करें।
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जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम मौलाना कारी इस्हाक गोरा का कहना है कि जो मुसलमान होता है उसे मालूम होता है कि वह किस काम को काम से इस्लाम से खारिज हो जाएगा और किस चीज से इस्लाम में रहेगा। यदि उन्हें लगता है कि वह इस्लाम से खारिज हो गईं है तो फौरन उन्हें तौबा करनी चाहिए।
#देवबंद।सपा प्रत्याशी नसीम सोलंकी को उलमा की नसीहत, सच्चे मन से अल्लाह से करें तौबा
— INA NEWS (Initiate News) (@ina24news) November 2, 2024
चुनाव प्रचार के दौरान मंदिर में जाकर जलाभिषेक करने का मामला
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मदरसा शेखुल हिंद के मोहतमिम मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि मजहब-ए-इस्लाम में गैरों की परंपराओं को अपनाना गलत है। यदि परंपराओं को अपनाने के पीछे उनका अकीदा भी गैरों वाला है तो फिर उन्हें अल्लाह से तौबा कर लेनी चाहिए। क्योंकि मजहब-ए-इस्लाम में इसकी कोई गुंजाईश नहीं है। सियासी लाभ के लिए मजहब को नहीं लाना चाहिए। शरीयत पर मजबूती से पकड़ रखें। तभी दुनिया और आखिरत में कामयाबी मिलेगी।
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