78 साल बाद भी घिसिबागला के 40 घर बिजली-पानी से वंचित: BJP प्रदेश अध्यक्ष के गृह जिले में बदहाल स्थिति, नलजल योजना में करोड़ों खर्च बेकार, ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर।
MP News: मध्यप्रदेश के बैतूल में आज भी आदिवासी अंचल मूलभूत सुविधाओं से वंचित है कहने को तो हम चांद पर पहुँच गए है पर धरातल की हकीकत यह है की इस....
- आजादी के 78 वर्ष बाद भी बिजली पानी से वंचित है घिसिबागला के 40 घर,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के गृह जिले के हालात,अपनी मांग को लेकर कर चुके है हर जगह शिकायत आज तक कोई प्रशासनिक अधिकारी ने नही जाकर देखा मौके पर,नलजल योजना के नाम पर हुए करोड़ों खर्च पर 8 दिन भी नही चली योजना, थक हारकर जिला मुख्यालय पर बैठे ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर ,की समस्या का समाधान किये जाने की मांग
मध्यप्रदेश के बैतूल में आज भी आदिवासी अंचल मूलभूत सुविधाओं से वंचित है कहने को तो हम चांद पर पहुँच गए है पर धरातल की हकीकत यह है की इस आधुनिक युग मे भी कई क्षेत्र के रहवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए ही तरस रहे है वैसे तो जिले की 5 विधानसभा में पांचों विधायक भाजपा के है प्रदेश से लेकर के केंद्र में बैठी सरकार भी भाजपा की है सांसद जो कि वर्तमान में केंद्रीय राज्य मंत्री है और बैतूल विधायक नवनिर्वाचित भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने है पर उन्ही के गृह जिले के हालात बाद से बदतर नजर आ रहे है जी हां हम बात कर रहे है बैतूल जिले की जहाँ कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे है।
जहाँ मूलभूत आवश्यकताओं में बिजली पानी के लिए ग्रामीण तरस रहे है पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के कानों में जूं तक नही रेंग रही आपको बता दें कि ताजा मामला जिले की शाहपुर जनपद से सामने आया है जहाँ ग्राम कान्हेगांव पंचायत के ग्राम घिसी बागला में 40 घर ऐसे भी है जहाँ बिजली और पानी से की समस्या से परेशान है ग्रामवासी उन्होंने हर एक दफ़्तर के चक्कर काट लिए हर अधिकारी को अपनी समस्या से अवगत करवा दिया पर आज तक मौके पर किसी अधिकारी ने जाकर नही देखा न ही उनकी समस्या पर ध्यान दिया गया भीषण गर्मी से लेकर बारिश आ गई पर आज भी कई किलोमीटर से पानी लाने को मजबूर है।
वहीं बिजली के मीटर तो घरों में लगे है पर बिजली नही आई इसको लेकर 1 तारीख को जनसुनवाई में भी अपनी समस्या ग्रामीणों ने कलेक्टर के सामने रखी थी और नियमानुसार 7 दिन की समय सीमा में निराकरण किया जाता है पर आज 20 से अधिक का समय हो गया पर कोई समाधान अब तक नही हुआ है यही कारण है कि आज जिला मुख्यालय पहुँचकर ग्रामीण जन अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए है और उनका कहना है कि अब जब तक उनकी बिजली पानी की समस्या का समाधान नही होता वो धरने पर बैठे रहेंगे ।
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
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