Hardoi: कानपुर से आई प्रख्यात गायिका दीपांशी तिवारी ने किया एल्बम 'दरबार खाटू श्याम का' की सीडी का विमोचन।
राजनेताओं, गायकों और प्रमुख संतों द्वारा अपने स्वरों से हरदोई जनपद को भक्त प्रहलाद नगरी के रूप में मान्यता देने के बाद हरदोई जिले के उत्साहित
हरदोई। राजनेताओं, गायकों और प्रमुख संतों द्वारा अपने स्वरों से हरदोई जनपद को भक्त प्रहलाद नगरी के रूप में मान्यता देने के बाद हरदोई जिले के उत्साहित युवकों ने हरदोई के सांस्कृतिक व पौराणिक मान्यताओं को प्रमुख स्थान देने के लिए श्री खाटू श्याम मंदिर का एक भजन तैयार किया है।
हरदोई के प्रमुख धार्मिक संगठन श्री कृष्ण जन्म भूमि मुक्ति दल के सदस्यों ने “जी म्यूजिक” कंपनी की स्थापना की और अपने पहले भजन “भक्त प्रहलाद नगरी हरदोई” के सफल प्रस्तुति के बाद ये दूसरा भजन तैयार किया है जो श्री खाटू श्याम मंदिर हरदोई और उसकी महिमा को समर्पित है। इस भजन अलबम की सीडी का आज हरदोई बाबा मंदिर के समीप आयोजित एक कार्यक्रम में कानपुर से आई प्रख्यात गायिका दीपांशी तिवारी, सीतापुर के भजन गायक दुर्गांश शुक्ला, शाहजहापुर के भजन गायक मयंक अग्रवाल, हरदोई से अपूर्व गुप्ता ने विमोचन कर हरदोई वासियो को समर्पित किया।
जी म्यूजिक कंपनी के प्रोड्यूसर और श्री कृष्ण जन्म भूमि मुक्ति दल के महासचिव गौरव अग्रवाल ने बताया कि हरदोई के सांस्कृतिक विरासत को पुन: स्थापित करने के लिए उन्होंने ये अभियान प्रारंभ किया है और अब इस कड़ी में उनका ये दूसरा प्रयास आप सबके सामने आ रहा है जो यूट्यूब के अलावा 35 प्रमुख म्यूजिक ऐप जैसे एप्पल म्यूजिक, अमेजान म्यूजिक, यूट्यूब म्यूजिक, जियो सावन, स्पोटिफाई, लाइन आदि के अलावा हरदोई के एफएम रेडियो जागो पर भी उपलब्ध होगा।
जी म्यूजिक कंपनी के को प्रोड्यूसर और संगीत के ज़रिए भजनों को संगीत के स्वर दे रहे है संकेत तिवारी ने बताया कि हिंदी संगीत का सबसे मधुर दशक 1960 के दशक का था जिस समय कालजयी प्रस्तुतिया सबके सामने आई है इसीलिए इस बार भजन तैयार करते समय हम लोगो ने 60 के दशक का म्यूजिक तैयार किया है उस समय कैसे वाद यंत्र होते थे कैसा उनका संगीत होता था इन सबका संगीत बनाते समय विशेष ध्यान रखा गया है वीडियोग्राफी में सहयोग कर रहे गौरव पांडे ने बताया कि म्यूजिक का वीडियो एल्बम भी संगीत के अनुसार पुराने समय का बनाया गया है। भजन में स्वर अमन सिंह और संध्या ने दिया है और गीत लिखा है अभिषेक गुप्ता और अपूर्व गुप्ता ने।
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