Sitapur: धरती की सेहत बचाने को आगे आए पकरिया के किसान, संतुलित खाद का लिया संकल्प। 

जनपद सीतापुर के विकास खंड खैराबाद अंतर्गत ग्राम पकरिया में किसानों को कृषि की आधुनिक तकनीकों और मृदा स्वास्थ्य के प्रति

May 16, 2026 - 21:08
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Sitapur: धरती की सेहत बचाने को आगे आए पकरिया के किसान, संतुलित खाद का लिया संकल्प। 
धरती की सेहत बचाने को आगे आए पकरिया के किसान, संतुलित खाद का लिया संकल्प। 
  • वैज्ञानिक सलाह से करें संतुलित खाद का उपयोग, घटेगी लागत और बढ़ेगा मुनाफा
  • खैराबाद के पकरिया में संतुलित उर्वरक उपयोग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

जनपद सीतापुर के विकास खंड खैराबाद अंतर्गत ग्राम पकरिया में किसानों को कृषि की आधुनिक तकनीकों और मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक 'संतुलित उर्वरक उपयोग जागरूकता कार्यक्रम' का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती में आ रही भारी लागत को कम करने और रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत करना था।


कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र की गृह वैज्ञानिका डॉ. रीमा ने उर्वरकों की उपयोगिता और उनके सही अनुपात पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को समझाते हुए कहा कि आज के समय में खेतिहर किसानों की आय का एक बड़ा हिस्सा रासायनिक उर्वरकों को खरीदने में ही खर्च हो जाता है। मिट्टी की जांच कराए बिना रसायनों का अत्यधिक प्रयोग न सिर्फ जेब पर भारी पड़ता है, बल्कि इससे भूमि की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति भी धीरे-धीरे नष्ट हो रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिक सलाह के आधार पर ही संतुलित मात्रा में खाद का इस्तेमाल करें ताकि लागत घटे और मुनाफा बढ़े।
इसी क्रम में, कार्यक्रम का एक अन्य मुख्य आकर्षण प्राकृतिक खेती रहा। कृषि सखी मीरा देवी ने उपस्थित कृषकों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों और इसकी विधियों के बारे में बारीकी से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अब पारंपरिक और प्राकृतिक खेती की ओर लौटना बेहद जरूरी हो गया है। सरकार भी इसे बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है। इसी योजना के तहत, किसानों को व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित करने के लिए सीधे उनके खेतों पर ही प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि किसान खुद अपनी आंखों से इसके परिणाम देखकर इसे अपना सकें।
इस जागरूकता अभियान के दौरान स्थानीय किसानों ने गहरी रुचि दिखाई और विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बैजनाथ, जुनेद, फैजान सहित कुल 33 प्रगतिशील किसानों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया और अपने खेतों में संतुलित खाद व प्राकृतिक तौर-तरीकों को अपनाने का संकल्प लिया।

    संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर।।

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