Sitapur: प्रशिक्षण के बाद भी बेरोजगार आपदा मित्र, सरकार से ‘आपदा कर्मचारी’ का दर्जा देने की मांग तेज।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित किए गए आपदा मित्र और आपदा सखियां आज खुद
सीतापुर: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित किए गए आपदा मित्र और आपदा सखियां आज खुद बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। बाढ़, आगजनी, सड़क हादसों और प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्य का प्रशिक्षण लेने के बावजूद इन युवाओं को अब तक कोई जिम्मेदारी या रोजगार नहीं मिला है। नाराज आपदा मित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सिधौली देवेंद्र कुमार मिश्रा को सौंपकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
आपदा मित्रों का कहना है कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने उन्हें महीनों तक प्रशिक्षित किया, लेकिन प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सरकार ने उन्हें भूल सा दिया। उनका आरोप है कि एक ओर सरकार आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर प्रशिक्षित युवाओं को घर बैठने पर मजबूर किया जा रहा है। महोली निवासी आपदा मित्र आशीष कुमार ने कहा कि सरकार ने युवाओं को प्रशिक्षण देकर उम्मीदें जगाईं, लेकिन अब रोजगार न मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित युवाओं की क्षमता का उपयोग न होना सरकारी संसाधनों और समय की बर्बादी है। ज्ञापन में मांग की गई कि प्रशिक्षित आपदा मित्रों को आपदा प्रबंधन कार्यों में अनिवार्य रूप से तैनात किया जाए। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, अग्निशमन विभाग और ‘मुख्यमंत्री सुरक्षित विद्यालय अभियान’ जैसे कार्यों में उन्हें स्थायी जिम्मेदारी देकर ‘आपदा कर्मचारी’ का दर्जा दिया जाए। आपदा मित्रों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि प्रशिक्षण के नाम पर युवाओं को सिर्फ आश्वासन देकर छोड़ देना उचित नहीं है।
एसडीएम सिधौली देवेंद्र कुमार मिश्रा ने ज्ञापन लेकर मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर।।
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