आज लॉन्च हो रहा आधार ऐप का फुल वर्जन: घर बैठे मोबाइल नंबर चेंज से लेकर डिटेल्स हाइड करने तक की सुविधा, UIDAI की बड़ी पहल
ऐप को गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। पहले से इंस्टॉल ऐप को अपडेट करने पर फुल वर्जन फीचर्स मिलेंगे। लॉगिन के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर जरूरी है। ओटीपी से वेरि
- न्यू आधार ऐप फुल वर्जन 28 जनवरी 2026 को उपलब्ध: फिजिकल फोटोकॉपी और आधार सेंटर जाने की जरूरत खत्म, कई नए फीचर्स शामिल
- UIDAI द्वारा जारी न्यू आधार ऐप में मोबाइल अपडेट की सुविधा: कहीं से भी, कभी भी रजिस्टर्ड नंबर बदल सकेंगे, प्राइवेसी और सुरक्षा पर जोर
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने न्यू आधार ऐप का फुल वर्जन आज 28 जनवरी 2026 को लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से आधार नंबर धारक घर बैठे कई सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। मुख्य रूप से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को अपडेट करने की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा डिटेल्स को हाइड करके आधार शेयर करने का विकल्प भी होगा। यह ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। यूआईडीएआई ने आधिकारिक रूप से इसकी जानकारी साझा की है। ऐप में प्राइवेसी फर्स्ट अप्रोच अपनाई गई है। यूजर्स को फिजिकल आधार कार्ड या उसकी फोटोकॉपी साथ रखने की आवश्यकता नहीं रहेगी। पहचान साबित करने के लिए डिजिटल तरीके से वेरिफिकेशन संभव होगा।
ऐप के फुल वर्जन में मोबाइल नंबर अपडेट की सुविधा मुख्य फीचर है। पहले यह काम आधार एनरोलमेंट सेंटर जाकर ही किया जा सकता था। अब यूजर्स कहीं से भी, कभी भी यह अपडेट कर सकेंगे। अपडेट प्रक्रिया दो-चरण वाली वेरिफिकेशन पर आधारित है। इसमें ओटीपी और फेस ऑथेंटिकेशन शामिल है। यदि पुराना मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं है या निष्क्रिय है तो ऐप के माध्यम से अपडेट संभव नहीं होगा। यूजर्स को पुराने नंबर पर पहुंच होना आवश्यक है। यह सुविधा आधार धारकों के लिए सुविधाजनक साबित होगी। खासकर उन लोगों के लिए जो दूरदराज क्षेत्रों में रहते हैं या गतिशीलता की समस्या है।
इनसेट: मोबाइल नंबर अपडेट प्रक्रिया का विवरण
ऐप में लॉगिन करने के बाद यूजर्स मोबाइल अपडेट सेक्शन में जाएंगे। नए मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। पुराने रजिस्टर्ड नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी वेरिफाई करने के बाद फेस ऑथेंटिकेशन होगा। सफल वेरिफिकेशन पर नया नंबर रजिस्टर्ड हो जाएगा। प्रक्रिया सुरक्षित है और अनधिकृत बदलाव रोका जा सकेगा। यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि यदि पुराना नंबर लॉस्ट या इनएक्टिव है तो एनरोलमेंट सेंटर जाना होगा। यह फीचर ऐप के फुल वर्जन के साथ सक्रिय हो गया है।
ऐप में डिटेल्स हाइड करने की सुविधा भी है। यूजर्स आधार शेयर करते समय संवेदनशील जानकारी जैसे पता, जन्मतिथि या नाम का हिस्सा छिपा सकते हैं। मास्क्ड आधार शेयर करने का विकल्प उपलब्ध है। जिसमें आधार नंबर का कुछ हिस्सा छिपा रहता है। यह प्राइवेसी बढ़ाने के लिए है। QR कोड आधारित वेरिफिकेशन भी संभव है। यूजर्स QR कोड स्कैन करके पहचान साबित कर सकेंगे। फेस रिकग्निशन के साथ यह सुरक्षित होगा। ऑफलाइन एक्सेस भी उपलब्ध है। कुछ फीचर्स इंटरनेट के बिना काम करते हैं।
इनसेट: प्राइवेसी और शेयरिंग फीचर्स
शेयरिंग के दौरान यूजर्स चुन सकते हैं कि कौन सी डिटेल्स दिखानी हैं। संवेदनशील फील्ड्स हाइड हो सकती हैं। मास्क्ड व्यू में आधार नंबर आंशिक रूप से दिखता है। QR कोड से वेरिफिकेशन तुरंत होता है। बायोमेट्रिक लॉक से ऐप सुरक्षित रहता है। फेस लॉक या फिंगरप्रिंट से ऐप ओपन होगा। यह अनधिकृत एक्सेस रोकता है। परिवार के सदस्यों के लिए मल्टी-प्रोफाइल सपोर्ट है। एक डिवाइस पर पांच तक प्रोफाइल मैनेज हो सकते हैं। सभी प्रोफाइल का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर एक ही होना चाहिए। परिवार का एक सदस्य सभी प्रोफाइल देख और शेयर कर सकता है।
ऐप को गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। पहले से इंस्टॉल ऐप को अपडेट करने पर फुल वर्जन फीचर्स मिलेंगे। लॉगिन के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर जरूरी है। ओटीपी से वेरिफाई होगा। फेस ऑथेंटिकेशन से प्रोफाइल एक्टिवेट होगा। ऐप में डिजिटल आधार कार्ड देखा जा सकता है। हिस्ट्री व्यू, अपडेट मैनेजमेंट और बायोमेट्रिक लॉक जैसे फीचर्स हैं। यह ऐप mAadhaar ऐप से अलग है। mAadhaar में डॉक्यूमेंट डाउनलोड और अन्य सेवाएं हैं। नया ऐप डिजिटल आइडेंटिटी पर फोकस करता है। दोनों ऐप साथ काम करेंगे।
इनसेट: ऐप डाउनलोड और सेटअप प्रक्रिया
ऐप स्टोर से सर्च करके डाउनलोड करें। इंस्टॉलेशन के बाद ओपन करें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें। ओटीपी आएगा। ओटीपी डालकर वेरिफाई करें। फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें। प्रोफाइल एक्टिवेट हो जाएगा। परिवार के अन्य सदस्यों की प्रोफाइल जोड़ सकते हैं। यदि एक ही मोबाइल नंबर लिंक्ड है। ऐप में डैशबोर्ड पर प्रोफाइल समरी दिखेगी। आधार नंबर, नाम और फोटो होगी।
यह अपडेट आधार सेवाओं को और डिजिटल बनाएगा। यूजर्स को आधार सेंटर जाने की जरूरत कम होगी। मोबाइल अपडेट से समय और मेहनत बचेगी। प्राइवेसी फीचर्स से डेटा सुरक्षित रहेगा। UIDAI ने कहा है कि यह सुविधा आधार धारकों को कंट्रोल देगी। ऐप में और फीचर्स भविष्य में जोड़े जा सकते हैं। जैसे नाम, पता या ईमेल अपडेट। फिलहाल मोबाइल अपडेट मुख्य है। अन्य डेमोग्राफिक अपडेट सेंटर पर ही होंगे।
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