Hardoi : हरदोई के दिहाड़ी मजदूर को आयकर विभाग से 7.15 करोड़ रुपये का नोटिस मिलने से परिवार सदमे में
यह मामला माधौगंज थाना क्षेत्र के रुदामऊ गांव से जुड़ा है जहां गोविंद कुमार अपने परिवार के साथ साधारण जीवन जीते हैं। आयकर विभाग ने नोटिस में खाते में हुए ट्रांजेक्शन के आ
- हरदोई के रुदामऊ गांव में दिहाड़ी मजदूर गोविंद कुमार के बैंक खाते से जुड़े फर्जी लेन-देन पर आयकर विभाग ने कार्रवाई की
- हरदोई में गरीब मजदूर गोविंद कुमार पर करोड़ों के टैक्स नोटिस का मामला सिस्टम की कमजोरी को दर्शाता है
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रुदामऊ गांव में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर गोविंद कुमार को आयकर विभाग ने 7 करोड़ 15 लाख 92 हजार 786 रुपये का नोटिस भेजा है। यह नोटिस मिलने के बाद गोविंद कुमार और उनका पूरा परिवार सदमे की स्थिति में पहुंच गया है। गोविंद कुमार दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं और उनकी कोई बड़ी आय या संपत्ति नहीं है। नोटिस में उनके बैंक खाते में हुए बड़े लेन-देन का जिक्र है जिसके आधार पर यह राशि तय की गई है। परिवार का कहना है कि वे इस रकम के बारे में कुछ नहीं जानते और यह मामला उनके नाम पर हुए फर्जीवाड़े से जुड़ा हुआ है।
गोविंद कुमार का बैंक खाता कई साल पहले खुलवाया गया था और आरोप है कि कुछ जालसाजों ने काम के नाम पर उनके खाते का इस्तेमाल किया। इन जालसाजों ने गोविंद कुमार को लालच देकर या बहला-फुसलाकर उनका खाता खुलवाया और उसके बाद उसमें करोड़ों रुपये का लेन-देन किया। गोविंद कुमार खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हैं और कहते हैं कि उन्हें इस लेन-देन की कोई जानकारी नहीं थी। वे दावा करते हैं कि जालसाजों ने उनके नाम का दुरुपयोग करके यह सब किया है और वे इस मामले में न्याय चाहते हैं। परिवार ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद वे मानसिक तनाव में हैं और समझ नहीं पा रहे कि आगे क्या करना चाहिए।
यह मामला माधौगंज थाना क्षेत्र के रुदामऊ गांव से जुड़ा है जहां गोविंद कुमार अपने परिवार के साथ साधारण जीवन जीते हैं। आयकर विभाग ने नोटिस में खाते में हुए ट्रांजेक्शन के आधार पर यह राशि बताई है जो 7.15 करोड़ रुपये से ज्यादा है। गोविंद कुमार ने कहा कि वे मजदूरी करते हैं और इतनी बड़ी रकम कभी देखी भी नहीं है। परिवार का मानना है कि यह फर्जीवाड़ा उनके बैंक खाते के दुरुपयोग से हुआ है और वे इसकी शिकायत करने की तैयारी में हैं। इस घटना से गांव में भी चर्चा है कि कैसे गरीब लोगों के नाम पर ऐसे धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं।
आयकर विभाग ने इस नोटिस के माध्यम से गोविंद कुमार से स्पष्टीकरण मांगा है कि वे इस राशि पर टैक्स क्यों नहीं जमा किया। गोविंद कुमार का कहना है कि उनके पास न तो इतनी आय है और न ही कोई ऐसा स्रोत जहां से यह पैसा आया हो। वे आरोप लगाते हैं कि जालसाजों ने उनके खाते को इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर लेन-देन किया जिसका उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। परिवार ने बताया कि नोटिस पढ़ते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि वे ऐसी बड़ी रकम का सामना करने के लिए तैयार नहीं थे।
यह घटना बैंक खातों की सुरक्षा और गरीब लोगों के शोषण पर सवाल खड़े करती है। गोविंद कुमार जैसे दिहाड़ी मजदूरों के खाते आसानी से फर्जी तरीके से इस्तेमाल हो जाते हैं और बाद में उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जाता है। गोविंद कुमार ने कहा कि वे इस नोटिस के खिलाफ उचित कदम उठाएंगे और जांच में अपना पक्ष रखेंगे। परिवार का मानना है कि जांच से सच्चाई सामने आएगी और वे निर्दोष साबित होंगे।
मामले में अभी तक कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है लेकिन गोविंद कुमार ने न्याय की गुहार लगाई है। वे कहते हैं कि वे गरीब हैं और मजदूरी से जीवन चलाते हैं इसलिए इस तरह का नोटिस उनके लिए बहुत बड़ा सदमा है। परिवार ने बताया कि वे इस मुश्किल घड़ी में एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि सही जांच से उनका नाम साफ होगा।
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