Hardoi News: फोटो की आड़ में ठगी- दूसरी लड़की की तस्वीर दिखाकर कराई गोद भराई, विरोध पर दी धमकी, अरवल में मुकदमा दर्ज
संजय के अनुसार, बीती 2 मई को कुंडपुरा गांव के बंटू (पुत्र बेदराम), शिवम (पुत्र रामकरन) और हैबतपुर गांव के राम प्रताप (पुत्र वीरेंद्र) ने उन्हें एक लड़की की तस्वीर दिखाई...
रिपोर्ट : अभिषेक त्रिवेदी
अरवल- हरदोई: जिले के एक गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के नाम पर ठगी और धोखाधड़ी का खेल खेला गया। खैरूद्दीनपुर गांव के निवासी संजय, जो बेड़ीजोर पुल पर एक कंप्यूटर केंद्र चलाते हैं, ने पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन को दिए अपने प्रार्थना पत्र में इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। संजय ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें एक लड़की की फोटो दिखाकर शादी का प्रस्ताव दिया, लेकिन गोद भराई के दौरान सामने आई सच्चाई ने उनके होश उड़ा दिए।
संजय के अनुसार, बीती 2 मई को कुंडपुरा गांव के बंटू (पुत्र बेदराम), शिवम (पुत्र रामकरन) और हैबतपुर गांव के राम प्रताप (पुत्र वीरेंद्र) ने उन्हें एक लड़की की तस्वीर दिखाई और कहा कि वे इस लड़की से उनकी शादी करवा सकते हैं। इस प्रस्ताव पर विश्वास कर संजय ने अपने परिवार के साथ 26 मई को हैबतपुर गांव में गोद भराई की रस्म के लिए जाने का फैसला किया। उनके साथ उनके माता-पिता और बहनोई भी थे।
लेकिन गोद भराई के दौरान जब लड़की सामने आई, तो संजय और उनके परिवार को गहरा धक्का लगा। सामने खड़ी लड़की उस तस्वीर वाली लड़की से पूरी तरह अलग थी। संजय ने बताया कि फोटो में दिखाई गई लड़की और वास्तविक लड़की में "जमीन-आसमान का फर्क" था। इस धोखे का विरोध करने पर वधू पक्ष ने न केवल उनकी बात अनसुनी की, बल्कि दबाव डालकर गोद भराई की रस्म पूरी करवा दी।
रस्म में दिए गए कीमती उपहार
संजय ने प्रार्थना पत्र में बताया कि गोद भराई के दौरान उन्होंने वधू पक्ष को कई कीमती सामान दिए। इनमें 8 ग्राम की सोने की चेन, 2 ग्राम की अंगूठी, पायल, टॉप्स, नाक की बाली, पांच साड़ियां, जेवरात और अन्य कपड़े शामिल थे, जिनकी कुल कीमत लगभग 1,70,000 रुपये थी।
लेकिन जब संजय और उनके परिवार ने दूसरी लड़की के साथ गोद भराई पर आपत्ति जताई, तो वधू पक्ष ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।
धमकी और फर्जी मुकदमे का डर
वधू पक्ष ने संजय और उनके परिवार को चुप रहने की धमकी दी और कहा कि अगर उन्होंने इस धोखाधड़ी के खिलाफ आवाज उठाई, तो उन्हें और उनके परिवार को दहेज के फर्जी मुकदमे में फंसाया जाएगा। डर और मारपीट की आशंका के कारण संजय का परिवार चुपचाप घर लौट आया।
संजय ने यह भी खुलासा किया कि वधू पक्ष ने पहले भी इसी तरह की ठगी की थी। उन्होंने बताया कि इस लड़की का रिश्ता पहले अजतूपुर गांव के अटन यादव (पुत्र ओमप्रकाश) के साथ तय हुआ था, लेकिन उनकी ठगी और जालसाजी की आदतों के कारण वह रिश्ता टूट गया था। इस दावे के समर्थन में संजय ने शादी का कार्ड भी पुलिस को सौंपा।
फर्जी मुकदमे का आरोप
संजय ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि वधू पक्ष ने बिलग्राम थाने में उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया है, जिसके कारण उनका परिवार भयभीत है। इस पूरी घटना ने संजय और उनके परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से गहरी चोट पहुंचाई है।
पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार
न्याय की आस में संजय ने अरवल के पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन से मुलाकात की और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इस धोखाधड़ी की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संजय के अनुसार, पुलिस अधीक्षक ने उन्हें जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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